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8 साल बाद खत्म हुआ इस शख्स का वनवास, 400KM चल लेने पहुंची मां

आजमगढ़ में एक 25 दिसंबर को एक 80 साल की मां नाराज बेटे को मानाने 400 किलोमीटर दूर पहुंची।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 09:00 AM IST
Video : शख्स ने बताया आखिर क्यों चला गया था, परिवार से दूर। Video : शख्स ने बताया आखिर क्यों चला गया था, परिवार से दूर।

आजमगढ़(यूपी). यहां 25 दिसंबर को एक 80 साल की मां नाराज बेटे को मनाने 400 किलोमीटर दूर पहुंची। बेटे ने मां की इच्छा को पूरा करने के लिए वैराग्य धारण कर लिया। शादीशुदा लाइफ छोड़ 8 साल वनवास में गुजार दिए। इस दौरान मां बेटे की तलाश में लगी रही। जैसे ही बेटे का पता चला महिला पहुंची। ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ शख्स को विदाई दी। आगे पढ़िए पूरा मामला...

- मामला सिधारी थानाक्षेत्र के जमालपुर गांव का है। यहां 55 साल का रमेश वैराग्य धारण कर 8 साल पहले परिवारवालों को छोड़कर रहने लगा।
- परिवार अम्बेडकरनगर में रहता है। मां सुभद्रा देवी (80) की डांट से नाराज होकर पिता भगवान त्रिपाठी (82), पत्नी सुमित्रा और दो बच्चों को छोड़ आया।
- ग्रामीणों के घर खाना खा कर उसका गुजारा हो जाता था। इस बीच उसकी मां बेटे को की तलाश करती रही।
- प्रधान हरिश्चन्द्र ने बताया, ''8 साल पहले जब वो यहां आया तो किसी ने उसपर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उसने कभी किसी से कुछ कहा भी नहीं।''
- ''एक शादी समारोह में रमेश को खाना खाते उसके रिश्तेदारों ने देखा। पूछताछ के बाद उसने खुद की पहचान बताई और नंबर भी दिया।''
- पत्नी ने कॉल कर बात की और घर लौटने के लिए समझाया। इसके बाद 25 दिसंबर को उसकी मां लेने पहुंची।
- मिलनसार होने की वजह से इसने पूरे गांव का दिल जीत लिया था। इसलिए गाजे-बाजे के साथ उसकी विदाई की गई।


400 KM चल बेटे को लेने पहुंची मां
- परिजनों के मुताबिक, ''शख्स एक जोड़ी कपड़े में घर से निकल गया था। 400 किलोमीटर तक चल मां बेटे को लेने पहुंची।''
- इसका बेटा सौरभ त्रिपाठी (24) एक इंटर कॉलेज में पढ़ता है, वहीं बेटी (22) बीएससी फर्स्ट इयर की स्टूडेंट है।''
- रमेश का कहना है, ''एक बार मां ने कहा कि अब तुम्हे नहीं देखना चाहती हूं, चला जा तू। तब मुझे लगा कि मां की खुशी मेरे वनवास में है, इसलिए स्वीकार लिया।''
- ''इतने साल बाद मां को देखा तो आंखें भर आई। आज मेरी मां मुझे लेने आई है, इसलिए वापस लौट रहा हूं।''