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1 महिला ने खींचा मैक्रों का ध्यान, 40 सेकंड तक हाथ मिलाते हुए करते रहे बात

बनारस के घाट पर नौका विहार से पहले हुई घटना देख मुस्कुराते रहे मोदी।

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 11:35 AM IST

वाराणसी. पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की अस्सी घाट विजिट के दौरान एक महिला आकर्षण का केंद्र बन गई। मैक्रों वेलकम के लिए खड़ीं महिला वर्कर्स से हाथ मिला रहे थे, लेकिन एक महिला ने फ्रेंच में कुछ बोलकर उनका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। DainikBhaskar.com ने उस महिला से बात की और उस छोटी सी बातचीत के बारे में जाना।

40 सेकंड तक मिलाया हाथ, करते रहे बात

- हुआ कुछ यूं कि मैक्रों मोदी के साथ गंगा विहार के लिए बोट की तरफ बढ़ रहे थे। वहीं कुछ महिला वर्कर्स दोनों के स्वागत के लिए हाथ में गुलाब लेकर तैनात थीं।
- मैक्रों सभी महिलाओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए हाथ मिला रहे थे। उन्हीं वर्कर्स के बीच मौजूद रचना अग्रवाल ने फ्रेंच भाषा में हैलो बोला (bonjour)।
- बनारस के घाट पर फ्रेंच शब्द सुनकर मैक्रों के कदम रुक गए। उन्होंने करीब 40 सेकंड तक हाथ मिलाते हुए रचना से बात की। यह कन्वर्सेशन बहुत छोटी थी, लेकिन इस छोटी मुलाकात ने फ्रेंच मेहमान का दिल जीत लिया।

बातचीत कुछ इस प्रकार से रही-

रचना - bonjour sir (हैलो सर)
मैक्रों - bonjour (हैलो)
रचना - Comment allez-vous? (आप कैसे हैं?)
मैक्रों - fine (बढ़िया)
रचना - मैं 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' प्रॉजेक्ट की कोऑर्डिनेटर हूं। ये मोदी जी का ड्रीम प्रॉजेक्ट है।
(यह सुनकर मोदी के चेहरे पर मुस्कुराहट फैल गई।)
- इसके बाद वहीं खड़े मंत्री नीलकंठ तिवारी ने मोदी और मैक्रों से रचना अग्रवाल को इंट्रोड्यूस करवाया।

क्या मैक्रों के लिए सीखी फ्रेंच?

- रचना अग्रवाल ने DainikBhaskar.com से खास बातचीत में बताया, "ऐसा कुछ नहीं था कि मैक्रों से मिलने के लिए फ्रेंच सीखी। मैंने बीएचयू से फ्रेंच लैंग्वेज में दो साल का डिप्लोमा किया है। साथ ही इंग्लिश अमेरिकन लिट्रेचर में पीएचडी कर चुकी हूं। पिछले तीन सालों से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आंदोलन से जुड़ी हूं, और यहां यूपी कोऑर्डिनेटर हूं।"
- रचना एक सोशल वर्कर हैं। काठमांडू जाकर निराश्रित बच्चों के लिए इन्होंने काफी काम किया। सोशल सर्विस के लिए ही कनाडा तक जा चुकी हैं।
- सोशल वर्क के लिए ही रचना ने शादी नहीं की है।