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Super-30 के ल‍िए ऋतिक का फर्स्ट लुक, 10 दिनों तक यहां होगी शूट‍िंग

वाराणसी. मैथमैटिशियन आनंद कुमार की लाइफ पर बनी रही फि‍ल्म 'सुपर-30' की शूटिंग आज बनारस में शुरू हो गई है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 06, 2018, 10:17 AM IST

Super-30 के ल‍िए ऋतिक का फर्स्ट लुक, 10 दिनों तक यहां होगी शूट‍िंग

वाराणसी. मैथमैटिशियन आनंद कुमार की बायोपिक 'सुपर-30' की शूटिंग बनारस में शुरू हो गई है। फि‍ल्म में ऋतिक रोशन आनंद कुमार का रोल प्ले करेंगे। बता दें, ऋतिक पहली बार टीचर के रोल में नजर आएंगे। मंगलवार को इस फिल्म में ऋतिक का फर्स्ट लुक सामने आया है। इसमें वह हूबहू आनंद कुमार के जैसे दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि अगले 4 द‍िनों तक फि‍ल्म की शूटिंग बनारस की कई लोकेशन्स पर होगी।

रामनगर फोर्ट में लगा पटना यूनिवर्सिटी का सेट

- फिल्म सुपर-30 बिहार के एक फेमस मैथमैटिशियन आनंद कुमार की लाइफ पर बेस्ड है।

- फि‍ल्म के डायरेक्टर और राइटर विकास बहल हैं। फि‍ल्म में ऋतिक के अलावा जीशान अय्यूब, एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर भी हैं।

- ऋतिक ने 22 जनवरी को सोशल मीडि‍या पर पोस्ट कर लिखा था, ''मैं सुपर-30 की शुरुआत करने जा रहा हूं, जिसमें मैं पहली बार टीचर का रोल प्ले कर रहा हूं।''
- 2 फरवरी को ऋतिक टीम के सा‍थ बाबतपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए थे। इस दौरान उनके साथ सुनील शेट्टी भी थे।

- काशी के रामनगर फोर्ट में पटना यूनिवर्सिटी का सेट लगाया गया है। यहां आनंद कुमार को डिग्री मिलने का सीन शूट किया जाएगा। इसके बाद बलुआ घाट पर भी शूटिंग की जाएगी।

- 3 फरवरी को ऋतिक ने टीम के साथ म‍िर्जापुर के अहरौरा में भी शूटिंग वाली जगहों का जायजा लिया। माना जा रहा है कि यहां भी शूट‍िंग की जाएगी।

देश के बेस्ट 30 स्टूडेंट्स को करवाते हैं IIT की तैयारी

- बता दें, आनंद कुमार देश के सिलेक्टेड 30 स्टूडेंट्स को फ्री में आईआईटी की तैयारी करवाते हैं।
- यही नहीं हर साल आनंद कुमार के संस्थान सुपर-30 से IIT में बच्चे सिलेक्ट होते हैं।

हॉट सीट पर अमि‍ताभ बच्चन से शेयर की थी संघर्ष की कहानी

- सितंबर 2017 में कौन बनेगा करोड़पति में आनंद कुमार अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठे थे।
- अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि पढ़ाने का आइडिया कैसे आया। इसपर उन्होंने कहा कि पिताजी की अचानक मौत के बाद घर-घर घूमकर पापड़ बेचते थे। उसी की आमदनी से घर चलता था।
- इसके बाद उन्हें कहा गया कि पढ़ाओ। पढ़ाने बैठे तो शुरुआत में दो बच्चे थे, दोनों भाग गए। लगा कि जीवन में कुछ नहीं कर सकते।
- इसके बाद ही गरीब बच्चों को पढ़ाने का आइडिया दिमाग में आया। मां ने कहा कि बच्चों के लिए खाना बनाएंगे, भाई ने कहा कि मैनेजमेंट देखेंगे। इसके बाद ही यह सिलसिला चल पड़ा।


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