Hindi News »Uttar Pradesh »Varanasi» Interesting Story Of Aged Couple

ये कपल 7 सालों से कर रहा मौत का इंतजार, 4 बेटे हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर

यूपी के वाराणसी में एक ऐसा केसा सामने आया है, यहां आंध्र प्रदेश के बुजुर्ग दंपत्ती 7 सालों से मौत का इंतजार कर रहे हैं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 16, 2018, 06:50 PM IST

    • वाराणसी.यूपी के वाराणसी में एक ऐसा केसा सामने आया है, यहां आंध्र प्रदेश के बुजुर्ग दंपत्ती 7 सालों से मौत का इंतजार कर रहे हैं। शर्मनाक बात ये है कि उनके चार बेटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वो वाराणसी के मुमुक्ष भवन की छोटी-सी कोठरी में दिन भर भगवान शिव की अराधना कर रहे हैं। DainikBhaskar.com ने दंपत्ती से बातचीत की। ये है पूरा मामला...

      - आंध्र प्रदेश में वेल्लूर कॉलेज से संस्कृत के डीन पद से रिटायर आचार्य डॉ. अवतार शर्मा ने बताया, ''4 साल से काशी में किराए पर हम दोनों पति-पत्नी रह रहे हैं। 3 साल पहले मुमुक्ष भवन में मोक्ष प्राप्ति और काशी लाभ को आए। पत्नी वैंकटरमन अम्मा तेलगु लिट्रेचर की टीचर इंटर कॉलेज में थी।''
      - ''बेटे तीन-तीन महीने पर हमसे मिलने आते हैं। हम दोनों ने जीवन का उद्देश्य बच्चों की अच्छी परवरिश करके पैरों पर खड़ा करना बनाया था। हमने बचपन से ही सुना था, यहां मौत मिलने से मोक्ष मिल जाता है। इसलिए काशी चले आए। बच्चों ने साथ नहीं छोड़ा, बल्कि हम अपनी मर्जी से यहां रहने आए हैं।''

      बनवाया है पंचमुखी शिवलिंग
      - यहां 11 फीट का पंचमुखी शिवलिंग है। इसकी एक परिक्रमा से 3 करोड़ 25 लाख पंचअक्षरीय मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' और 12 द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल प्राप्त होता है। अवतार शर्मा ने इसको बनवाया है।
      - इस शिवलिंग की स्थापना 16 मार्च 2016 को हुई थी। डॉ शर्मा ने बताया, ''मेरा संकल्प 7 करोड़ पंच अक्षरीय मंत्रों का है, जिसे भक्तों से लिखवा रहे हैं।''
      - ''ये मंत्र भारत समेत विदेशों में रहने वाले भक्त इनके द्वारा दी जानें वाली कॉपी में लिखते हैं, फिर बाई पोस्ट या काशी आकर जमा करते हैं। इस मंदिर को बनाने में कुल 28 दिन लगे थे। वेल्लूर से 12 कारीगरों को बुलाया गया था। इसको बनाने में कुल साढ़े 8 लाख रुपए खर्च हुए थे।''

      4 बेटे हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
      - ''4 बेटे हैं, सभी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। दो अमेरिका में एक बंग्लौर और एक हैदराबाद में जॉब करता है। एक बेटा एमेजॉन में बड़े पद पर है।''
      - ''13 साल की उम्र में वेंकटरमन अम्मा के पिता की मौत के बाद मैंने उनकी जिम्मेदारी उठाई और शादी की। अम्मा का 2006 में मेजर एक्सीडेंट हुआ और रीढ़ की हड्डियां टूट गईं। तीन बार मेजर ऑपरेशन हुआ और अंदर प्लेट लगे हैं। डॉक्टर ने मना किया था, कहीं मत जाना। 2011 में काशी आ गए। बाबा विश्वनाथ ने स्वस्थ रखा है।''

      इसलिए चा‍हते हैं यहां मृत्यु
      - डॉ अवतार शर्मा ने बताया, 2011 में सुबह के समय विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर रहा था और अचानक मुझे महसूस हुआ बाबा विश्वनाथ ने मुझे कई मिनट के लिए गले लगा लगाया। उसी समय मुझे कठिन दस महाविद्या का मंत्र अचानक पूरा याद हो गया। इसी के बाद हम दोनों यहीं इसी नगरी में मरना चाहते हैं।

    • ये कपल 7 सालों से कर रहा मौत का इंतजार, 4 बेटे हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
      +3और स्लाइड देखें
    • ये कपल 7 सालों से कर रहा मौत का इंतजार, 4 बेटे हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
      +3और स्लाइड देखें
    • ये कपल 7 सालों से कर रहा मौत का इंतजार, 4 बेटे हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
      +3और स्लाइड देखें
    आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
    दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

    More From Varanasi

      Trending

      Live Hindi News

      0

      कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
      Allow पर क्लिक करें।

      ×