--Advertisement--

ट्रिपल तलाक विक्टिम्स को मिलेगी पेंशन, शख्स ने शुरू की ये योजना

इसमें उन्हीं महिलाओं को पेंशन दिया जा रहा है। जिन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा न मिलती हो।

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 05:25 PM IST

वाराणसी. काशी में मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जयंती पर गांधी अध्यनपीठ में धार्मिक आतंकवाद के खिलाफ युवा कार्यक्रम में तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए पेंशन योजना शुरू की गई। साथ हीं, ऐसी महिलाओं को भी दायरे में रखा गया, जो इसके खिलाफ मुहीम चला रही हैं। पीड़ित महिलाओं को मिलेंगे इतने रुपए...


- 'राव आईएएस' के डायरेक्टर अजित प्रकाश श्रीवास्तव ने अपने पिता स्व. राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव की याद में योजना को शुरू किया है।
- उन्होंने बताया कि 1000 ज्यादा बच्चों को पढ़ाया है और पढ़ाए गए 100 से ज्यादा बच्चे ऑफिसर्स के रूप में पोस्टेड हैं, जो इस योजना में मदद करेंगे।
- पीड़ित महिलाओं को महीने में 500 रुपए और सालाना 6000 रुपए दिए जाएंगे।
- ये विचार पिता की मृत्यु के बाद आया था।
- विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव से बातचीत के दौरान तलाक शुदा मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा सामने आई।
- कार्यक्रम में 10 महिलाओं के साथ इसकी शुरुआत की गई।

आगे पढ़िए किन महिलाओं को मिलेगी पेंशन....

- अजित गाजीपुर के रहने वाले हैं। अभी वाराणसी में रहते हैं। शुरुआती पढ़ाई इलाहाबाद में हुई।
- चार साल तक इकोनॉमिक्स का प्रोफेसर के तौर पर सीएमपी डिग्री कॉलेज इलाहाबाद में पढ़ाया। फिर 1996 में मन में ख्याल आया देश में आईएसएस तैयारी करने वाले बच्चों को गाइड करूं और राव आईएएस क्लासेस से जुड़ गया। 2000 में बनारस आकर खुद की क्लासेस शुरू कर दिया।

- अजित प्रकाश श्रीवास्त्व ने बताया की इसमें उन्ही महिलाओं का चुनाव किया जा रहा है जो तलाकशुदा और असहाय है। उनकी उम्र 60 से ज्यादा हो।
- बहुत परेशान महिलाओं की उम्र नहीं देखा जा रहा है। इसमें उन्हीं महिलाओं को पेंशन दिया जा रहा है, जिन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा न मिलती हो।
- ये रकम हर महीने उनके बैंक अकाउंट में मेरे अकाउंट से चला जाएगा, जिसके बैंक अकाउंट नहीं है। उनको नगद देने का विधान बनाया गया है। इसके लिए इनका एक पासबुक बनाया गया है, जिसमें मिलने वाली रकम दर्ज होती रहेगी।
- इसके लिए एक कोष की स्थापना भी की जाएगी, जिससे इनको मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोत्तरी होती रहे।

 

 

क्या कहती है तलाकशुदा महिलाएं

- बादशाह की रहने वाली पेंशन प्राप्ता करने वाली तलाकशुदा महिला नजमा ने बताया कि पहले पति की 20 साल पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद जान्नु से दूसरी शादी कर ली। उसका दूसरी औरत नाजायज संबंध से 6 महीने पहले उसने मुझे तलाक दे दिया। उसका दूसरे औरत से नाजायज संबंध हो गया है। 14 साल की विकलांग बेटी का खर्च उठाने से उसने इंकार कर दिया। दुसरो के यहाँ काम करके बेटी पाल रही हूँ

- बादशाहबाग निवासी शबाना ने बताया की 2007 में उसकी शादी शकील से हुई थी। 10 साल बाद 2017 में शराब पीने के चक्कर में उसने मुझे तलाक दे दिया। मैं अपनी 7 साल की लड़की के साथ अपने मायके में रहती हुं।

- वहीं, तलाक शुदा महिलाओ की लड़ाई लड़ने वाली समाजसेविका शबाना बानो ने बताया की मैं इन असहाय महिलाओं की लड़ाई लड़ रही हुं। इनकी मदद करती हुं ,इस काम में मेरे पति शमशेर मेरी मदद करते हैं। हमेशा मेरी लड़ाई में मेरा साथ देते हैं। इन सभी महिलाओं को लेकर आई हुं ताकि इनकी मदद हो सके। इसी वजह से मुझे भी इस पेंशन के लिए चुना गया है।