--Advertisement--

इस मामले में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से 15 गुना आगे हैं PM मोदी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों अपने तीन के भारत दौरे पर हैं।

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 04:34 PM IST
फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल

लोकल डेस्क. दुनिया के विकसित देशों में से एक फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल मैक्रों सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी के आगे कहीं नहीं ठहरते हैं। इसकी गवाही ट्विटर पर दोनों लीडर्स के फॉलोवर्स की संख्या बताती है। बता दें कि मैक्रों तीन दिन के भारत दौरे पर हैं। पहले दो दिन वे दिल्ली में रुके। फिर यूपी के मिर्जापुर में सोलर एनर्जी प्लांट का इनॉग्रेशन कर बनारस पहुंचे। जहां मोदी के साथ उन्होंने गंगा की सैर की। मैक्रों से 15 गुना ज्यादा हैं मोदी के फॉलोवर्स...

- माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर मोदी के 40.9 मिलियन फॉलोवर्स हैं।

- जबकि मैक्रों के फॉलोवर्स की संख्या सिर्फ 2.7 मिलियन है। मतलब, मोदी से 15 गुना कम फॉलेवर्स।

- बता दें कि दोनों ही लीडर्स का काशी दौरा ट्विटर, फेसबुक समेत सोशल मीडिया के बाकी प्लेटफॉर्म पर रविवार से ही ट्रेंड करता रहा।

- रविवार रात 9.45 बजे मोदी ने ट्वीट कर बताया कि सोमवार को बनारस में फ्रांस के राष्ट्रपति की अगवानी करेंगे।

- फिर क्या था, देखते ही देखते 7 हजार यूजर्स ने इसे लाइक और 1.5 हजार यूजर्स इसे री-ट्वीट किया।

- इस दौरान वाराणसी ट्विटर के टॉप 10 ट्रेंड्स में भी शामिल रहा।

पर गूगल ट्रेंड में आगे निकले मैक्रों

- हालांकि, गूगल ट्रेंड में मैक्रों मोदी पर करीब छह घंटे भारी रहे।
- रविवार रात 12.00 बजे के बाद से सोमवार सुबह करीब 6.00 बजे तक मैक्रों यूजर्स द्वारा गूगल पर सर्च किए जाने के मामले में आगे रहे।
- बता दें कि यह वो समय था, जब कुछ ही घंटों बाद पूरी दुनिया फ्रांस के सहयोग से यूपी के मिर्जापुर में बने सोलर पावर प्लांट के इनॉग्रेशन का गवाह बनने जा रही थी।

क्यों खास है ये दौरा?

- इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मैक्रों पीएम मोदी के काशी विजिट को लेकर चर्चा है। बीएचयू (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) के पॉलिटिक्ल साइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर केके मिश्रा ने दोनों राष्ट्राध्यक्षों के काशी विजिट को लेकर इंटरनेशनल पॉलिटिक्स के ये 6 फायदे बताए।


1)पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को विश्व गुरु और काशी को राष्ट्रगुरु बनाने का सपना देखा है। इससे पहले 12 दिसंबर, 2015 जापानी पीएम शिंजो आबे को गंगा आरती दिखाने लाये थे। यहां की संस्कृति, गंगा, घाट, मंदिरों से लघु भारत को एक ही बार में बताना मकसद है।’
2)पूरा विश्व जब टेरोरिज्म से जूझ रहा है, ऐसे में पीएम मोदी दुनिया को बताना चाहते है बनारस विश्व शांति का केंद्र है। जहां स्वामी विवेकानंद, शंकराचार्य, रविदास, बुद्ध जैसे संत महात्मा भी इसी तलाश में आये थे।’
3)वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का सपना तभी पूरा होगा। जब काशी के गलियों, उद्योग, संस्कृति, रहन-सहन, मंदिरों और 84 घाटों की चर्चा राष्ट्राध्यक्षों के जरिये कई देशों में होगी।
4) ग्राउंड पॉलिटिक्स के जरिये पाकिस्तान, चीन जैसे देशों को संदेश देना कि दिल्ली, मुंबई ही नहीं बल्कि भारत के काशी जैसे स्थान भी महत्वपूर्ण हैं।
5) एनर्जी प्लांट के उद्घाटन से भारत पूरे विश्व संदेश देगा कि एनर्जी, इन्वायरमेंट, इम्प्लॉयमेंट, इन्वेस्टमेंट के साथ टूरिज्म को लेकर बड़ा काम कर रहा है।
6)जापान और फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्षों की विजिट से दुनिया के दूसरे देशों के पीएम, राष्ट्रपति भी वाराणसी आना चाहेंगे। गंगा और यहां के सात किमी लंबे घाट पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसंद है।