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मुख्तार अंसारी को हार्ट अटैक, गंभीर हालात में कानपुर रेफर

बाताया जा रहा है हार्ट अटैक के बांद उन्हें कानपुर रेफर किया गया है।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 01:41 PM IST
अंसारी मऊ से बीएसपी विधायक हैं अंसारी मऊ से बीएसपी विधायक हैं

बांदा/ लखनऊ. बाहुबली नेता और विधायक मुख्तार अंसारी की मंगलवार को बांदा जेल में हार्ट अटैक से तबीयत बिगड़ गई। उधर, अंसारी की पत्नी को भी हार्ट अटैक आया। मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों को हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। पहले दोनों को कानपुर रेफर किया गया। फिर देर शाम लखनऊ के पीजीआई लाया गया। यहां कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्ट डॉ. पीके गोयल के देखरेख में इलाज क‍िया जा रहा है। बता दें, 12 साल से जेल में बंद मुख्तार को मायावती ने बीएसपी से टि‍कट दिया था।

अब हालत में सुधार

-पीजीआई डायरेक्टर डॉक्टर राकेश कपूर ने बुधवार को बताया- "वो इस वक़्त पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनको या उनकी पत्नी को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। मुख्तार को जब लाया गया तो स्थिति खराब थी।"

- मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी को भी दिल का दौरा पड़ा। वे उनसे मिलने बांदा जेल आई थीं।

- अंसारी मऊ जिले की सदर विधानसभा सीट से बीएसपी विधायक हैं। एडीजी जेल पीके मिश्रा ने बताया- " गंभीर हालात में उन्हें कानपुर रेफर किया गया। इसके बाद देर शाम दोनों को लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया।

क्या हुआ था?

- जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 12.30 बजे अंसारी की जेल में तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें करीब आधा किमी दूर स्थित जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया।

-जेल के पास ही मुख्तार की फैमिली भी किराए के मकान में रहती है। जब यह खबर परिवार तक पहुंची तो मुख्तार की पत्नी की तबीयत भी खराब हो गयी।
- करीब सवा 1 बजे तक वाइफ को भी मुख्तार के साथ एक ही कमरे में एडमिट किया गया।

कौन हैं मुख्तार अंसारी
- मुख्तार अंसारी के दादा मुख्तार अहमद अंसारी यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे, जबकि उनके पिता एक कम्यूनिस्ट नेता थे। राजनीति मुख्तार अंसारी को विरासत में मिली।

मऊ से 5 बार विधायक रह चुके हैं अंसारी
- मुख्तार अंसारी मऊ विधानसभा सीट से 5 पांच बार विधायक रह चुके हैं। एक बार निर्दलीय, 1 बार कौमी एकता दल से, 1 बार एसपी से और दो बार बीएसपी से विधायक रह चुके हैं।
- मुख्तार के खिलाफ 16 केस हैं, जिसमें 5 मर्डर, जबकि 5 अटेम्प्ट टू मर्डर के हैं। दंगे कराने के 6 केस में आरोपी हैं।

2005 से हैं जेल में बंद
- अक्टूबर 2005 में मऊ जिले में हिंसा भड़की। इसके बाद मुख्तार अंसारी पर कई आरोप लगे, हालांकि वे सभी खारिज हो गए। उसी दौरान उन्होंने गाजीपुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, तभी से वे जेल में बंद हैं।

- इसी दौरान कृष्णानंद राय से मुख्‍तार के भाई अफजल अंसारी चुनाव हार गए। मुख्तार पर आरोप है कि‍ उन्‍होंने शार्प शूटर मुन्ना बजरंगी और अतिकुर्रह्मान उर्फ बाबू की मदद से 5 साथियों सहि‍त कृष्णानंद राय की हत्या करवा दी।
- 2010 में अंसारी पर राम सिंह मौर्य की हत्या का आरोप लगा। मौर्य, मन्नत सिंह नामक एक स्थानीय ठेकेदार की हत्या का गवाह था। मुख्तार और उनके दोनों भाइयों को 2010 में बसपा ने निष्कासित कर दिया।