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मुस्लिम महिलाओं ने कहा- तलाक देने वाले को 7 Yr की सजा-200 कोड़े मारे जाने चाहिए

बिल पेश क‍िए जाने को लेकर नैतिक समर्थन करते हुए मुस्लिम महिलाओं ने एक साथ दुआ मांगी थी।

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 03:05 PM IST
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वाराणसी. एक बार में तीन तलाक को क्रिमिनल ऑफेंस के दायरे में लाने के लिए सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बिल पेश कर दिया। बता दें, बिल पेश क‍िए जाने को लेकर काशी में नैतिक समर्थन करते हुए मुस्लिम महिलाओं ने दुआ मांगी थी। यही नहीं, इन महिलाओं ने तलाक देने वाले व्यक्ति को कानून में 7 साल की सजा के साथ ही 200 कोड़े मारे जाने का प्रावधान बनाने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि मुस्लिम लॉ बोर्ड मुस्लिम महिलाओं के अधिकार के खिलाफ काम कर रहा है।

महिलाओं ने किया पीएम मोदी का शुक्र‍िया अदा

- काशी में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की महिलाओं ट्रि‍पल तलाक बिल के समर्थन में पीएम नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया।
- बिल का विरोध करने वालों के खिलाफ भी कानून बनाने की मांग की।
- फाउंडेशन की मेंबर नाजनीन अंसारी ने तीन तलाक कानून में कुछ बदलाव की मांग करते हुए कहा, ''तीन तलाक देने वाले व्यक्ति को 3 साल के बजाए 7 साल की सजा हो। साथ ही 200 कोड़े मारे जाने का भी प्राविधान हो। इसके अलावा तलाकशुदा के बच्चों को प्रापर्टी में आधा हिस्सा मिले।''
- महिलाओं ने पाकिस्तान के उस रवैये का भी विरोध किया, जिसमे पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव की पत्नी का मंगलसूत्र उतरवा कर मिलवाया गया।

पीएम मोदी ने की थी एकजुटता दिखाने की अपील

- बता दें, एक बार में तीन तलाक को क्रिमिनल ऑफेंस के दायरे में लाने के लिए सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बिल पेश कर दिया है।
- बिल का सबसे पहले विरोध करने वालों में असदुद्दीन ओवैसी शामिल थे।
- कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह बिल महिलाओं की गरिमा की हिफाजत के लिए है।
- कांग्रेस ने कहा कि वो लोकसभा में बिल को सपोर्ट करेगी, लेकिन इसमें शामिल क्रिमिनल प्रोविजंस पर सवाल भी उठाएगी।
- इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इस पर एकजुटता दिखाने की अपील की।
- बिल को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई में इंटर-मिनिस्टिरियल ग्रुप ने तैयार किया है। इसके तहत 'तलाक-ए-बिद्दत' को गैरकानूनी बताया गया है। फिर चाहे वह बोलकर दिया गया हो, ईमेल से दिया गया हो या एसएमएस-वॉट्सऐप से दिया गया हो।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का क्या कहना है?

- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने केंद्र सरकार के तीन तलाक बिल को महिलाओं के हक के खिलाफ बताया है। साथ ही दावा किया कि इससे कई परिवार बर्बाद हो जाएंगे। बोर्ड ने कहा कि यह मुस्लिम पुरुषों से तलाक का हक छीनने की बहुत बड़ी साजिश है। बिल को गैर कानूनी बताते हुए बोर्ड ने सरकार से इसे वापस लेने की अपील की है।
- महिला बोर्ड की चेयरपर्सन शाइस्ता अंबर का कहना है कि निकाह एक कॉन्ट्रैक्ट होता है। जो भी इसे तोड़े, उसे सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, अगर बिल कुरान और संविधान के मुताबिक नहीं है तो कोई भी मुस्लिम महिला इसे मंजूर नहीं करेगी।

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