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पेंटर ने चंदे के पैसे से लड़ा चुनाव, जीत के बाद पूरा किया ये वादा

बीएसपी नेता सुजीत मौर्या ने बताया राजेंद्र के पास चुनाव लड़ने को भी पैसे नहीं थे, मोहल्ले वालों की मदद से चुनाव लड़ा।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 01:01 PM IST
पार्षद का चुनाव जीतने के बाद पेंटर ने कस्टमर के घर जाकर उसकी गाड़ी की नंबर प्लेट लिखी। पार्षद का चुनाव जीतने के बाद पेंटर ने कस्टमर के घर जाकर उसकी गाड़ी की नंबर प्लेट लिखी।

वाराणसी. निकाय चुनाव में पार्षद का चुनाव जीते राजेंद्र प्रसाद मौर्य गाड़ि‍यों की नंबर प्लेट लिखने का काम करते हैं। जीत मिलते ही वह कस्टमर से किया वादा पूरा करते हुए उसके घर पहुंचे और गाड़ी की की नंबर प्लेट पर नंबर लिखे। बीएसपी नेता सुजीत मौर्या ने बताया, ''राजेंद्र के पास चुनाव लड़ने को भी पैसे नहीं थे, मोहल्ले वालों की मदद से चुनाव लड़ा। एक पेंटर की जीत पर सबको खुशी है।''

कस्टमर कहते थे अपनी तकरीर नए तरीके से लिखो...

- पैगम्बरपुर सारनाथ के रहने राजेंद्र प्रसाद मौर्या बीएसपी से वार्ड नंबर-30 अकथा से पार्षद चुने गए हैं।
- राजेंद्र ने बताया कि काशी के सिगरा इलाके में उनकी छोटी सी एक गुमटी है। कस्टमर आते थे, अक्सर कहते थे कि चुनाव लड़ जाओ और अपनी तकदीर नए तरीके से लिखो। मन बन गया और चुनाव में खड़ा हो गया। कस्टमर राजन से मैंने वादा किया था कि जिस दिन रिजल्ट आएगा प्रमाण पत्र लेकर आपके घर आकर नंबर प्लेट लिख दूंगा, जो मैंने पूरा किया।
- राजन ने बताया, ''मेरे घर-परिवार में कोई भी गाड़ी लेता है तो नंबर राजेंद्र से ही लिखवाता है। पारिवारिक रूप से शुभ माना जाता है।
- बता दें, राजेंद्र ने बीएचयू से ग्रैजुएशन किया है। 1996 से वह पेंटिंग का काम कर रहे हैं। दोस्त सुजीत मौर्य की मदद से बीएसपी से टि‍कट मिला और अब जीत मिली।

पैगम्बरपुर सारनाथ के रहने राजेंद्र प्रसाद मौर्या बीएसपी से वार्ड नंबर-30 अकथा से पार्षद चुने गए हैं। पैगम्बरपुर सारनाथ के रहने राजेंद्र प्रसाद मौर्या बीएसपी से वार्ड नंबर-30 अकथा से पार्षद चुने गए हैं।
बीएसपी नेता सुजीत मौर्या ने बताया, राजेंद्र के पास चुनाव लड़ने को भी पैसे नहीं थे, मोहल्ले वालों की मदद से चुनाव लड़ा। बीएसपी नेता सुजीत मौर्या ने बताया, राजेंद्र के पास चुनाव लड़ने को भी पैसे नहीं थे, मोहल्ले वालों की मदद से चुनाव लड़ा।