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लगातार 21 दिन 221 घड़े पानी से यूं स्नान कर किया तप, ये है वजह

वाराणसी. विश्व शांत‍ि और समाज की भलाई के लिए काशी के दशाश्वमेघ घाट पर एक महंत 'जलधार तपस्या' पर बैठे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 12:31 PM IST
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वाराणसी. विश्व शांत‍ि लिए 21 दिनों तक 'जलधार तपस्या' कर चुके महंत नेपाली बापू मकर संक्राति के मौके पर काशी पहुंचे। बता दें, महंत ने आजमगढ़ के लालगंज में 21 दिसंबर से 10 जनवरी तक लगातार 3-3 घंटे 221 घड़े के ठंडे पानी से स्नान कर तप किया था। DainikBhaskar.com से बातचीत में महंत ने अपने बारे में कुछ बातें बताईं। मेरी सहन शक्ति की परीक्षा...

- तपस्वी महंत अवधूत गिरी जी महाराज (नेपाली बापू) को उनके भक्तों ने 21 दिनों तक लगातार 3-3 घंटे 221 घड़े ठंडे पानी से स्नान कराया।

- नेपानी बापू ने बताया, ''इस बार जलधार तपस्या आजमगढ़ के लालगंज में 21 दिसंबर से 10 जनवरी तक किया। मकर संक्रांति पर दशाश्मेध घाट पर तप साधना में बैठे।''

- ''यह तपस्या सर्दी में घड़े के ठंडे पानी से नहाकर की जाती है। मैं इसे विश्व शांति और समाज की भलाई और उनकी एकजुटता के लिए करता हूं।

- ''इससे सहन शक्ति की परीक्षा होती है कि शरीर प्रकृति से कितना लड़ सकता है। यही मेरी तपस्या है।''

- ''पहले मैं इसे 45 दिन करता था, अब 21 दिन का ही तप किया। यह तपस्या सुबह 3 बजे से 6 बजे लगातार 21 दिन तक चली।''

- इस प्रकार के स्नान को सन्यासी या आध्यात्मिक भाषा में जलधार तपस्या कहते हैं।