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महादेव की बारात में शाम‍िल हुए भूत-प‍िशाच, यूं बजाया गया डमरू- PHOTOS

वाराणसी. महादेव की नगरी में तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से शिव बारात निकली।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 04:11 PM IST
महाशि‍वरात्र‍ि पर काशी में न‍िकाली गई महादेव की बारात। महाशि‍वरात्र‍ि पर काशी में न‍िकाली गई महादेव की बारात।

वाराणसी. महादेव की नगरी में तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से शिव बारात निकली। महिलाओं ने शिव स्वरूप की परछन के साथ सभी रस्मों-रिवाज को पूरा क‍िया। भूत-प्रेत पिशाच के साथ स्वर्ग लोग के सभी भगवान स्वरूप इस बारात में शामिल हुए। 21 लोग डमरू बजाते आगे चलते रहे।

बारात में शाम‍िल होने से खत्म होते हैं वैवाहिक कष्ट

- पंडित एसके द्व‍िवेदी बताया, बाबा औघड़दानी की बारात में विभिन्न भूत-प्रेत नाचते शामिल होते हैं। इस अलौकिक बारात में शामिल होने से वैवाहिक कष्ट खत्म होते हैं।

- जगह-जगह स्वागत के लिए लोग देवालयों में ठंडई भी बनाकर रखते हैं और बारातियों को पिलाते है। यहां के कण-कण में शिव को माना जाता है, शिव स्वरूप दर्शन करने से ही मुरादें पूरी होती हैं।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

- डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बताया, श्री काशीविश्वनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में दर्शनार्थियों को परेशानी न होने देने के साथ ही मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था कराई गई है।

- श्री काशीविश्वनाथ मंदिर में प्रशासन और पुलिस के बनाए गए कन्ट्रोल रूम में आपस में समन्वय रखने के साथ आने वाले भक्तों के किसी भी समस्या के समाधान को आदेश दिया गया है।

- उन्होने बताया दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए स्वच्छ पेयजल के लिए जगह-जगह पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई है।

- मंदिर परिसर और आसपास उचक्कागिरी करने वालों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।

- विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने आने वाले भक्त अपने पास बैग, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि प्रतिबंधित वस्तुएं कत्तई न लाये। अंदर प्रवेश वर्जित है।