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लकड़ी से बने ये समान बढ़ा देगें घर की चमक, विदेशों में है इसकी डिमांड

जिले के कैंट स्थित कटिंग मेमोरियल स्कूल में लघु उद्योग मेला लगा हुआ है।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 11:40 AM IST
मेले में सहारनपुर का एक वुडक्राफ्ट स्टाल भी लगा है। मेले में सहारनपुर का एक वुडक्राफ्ट स्टाल भी लगा है।

​वाराणसी. हमारा देश हमेशा से कौशल का केंद्र रहा जिनकी विदेशों में बहुत डिमांड रही है। चाहे वो बनारस की साड़ी हो, भदोही का कालीन, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन या कश्मीरी शाल। DainikBhaskar.com आपको लकड़ी के कुछ ऐसे घरेलू सामानों के बारे में बता रहा, जिनका कनाडा ,इंग्लैण्ड ,कुबैत ईरान ,इराक में बहुत डिमांड है। नहीं रहता टूटने का डर...

- जिले के कैंट स्थित कटिंग मेमोरियल स्कूल में लघु उद्योग मेला लगा हुआ है। जिसमें सहारनपुर का एक वुडक्राफ्ट स्टाल भी लगा है।
- इसमें एक से बढ़कर एक लकड़ी के घरेलू सामान रखे हुए है। जिसे घर के ड्राइंग रूम से लेकर किचेन तक में यूज कर सकते हैं। किचेन वुड के समान की डिमांड देश से लेकर विदेशों तक है।
- सहारनपुर निवासी स्टाल के मालिक कफीलु र्रहमान ने बताया की ये शुद्ध रूप से लघु उद्योग है। इसमें लगभग 150 परिवार जुड़े है जो हमारे स्टाल के लिए अपने-अपने सामान बनाते हैं। ये सभी सामान शीशम की लकड़ी के बने है और इनकी डिमांड विदेशों में बहुत ज्यादा है।
- दरअसल, इससे खाने में शुद्धता आती है और टूटने का डर नहीं रहता। ये चीजें विदेशी डाइनिंग टेबल पर एंटीक भी लगते है। कुबैत, इंग्लैण्ड, कनाडा, ईरान और ईराक जैसे देशों में इनकी सबसे ज्यादा डिमांड है।

एेसे हैं समानों के दाम

जरनी - 30 रुपया
अलटपलता - 30 रुपया
डोसा पलटने वाला - 30 रुपया
कलछुल - 70 रुपया
बेलन -चौका- 200 रुपया
ओखल- 80 से 180 रुपया
घड़ी- 1500 रुपया
ट्रे - 350 रुपया

घर के ड्राइंगरूम से लेकर किचेन तक में यूज कर सकते हैं। घर के ड्राइंगरूम से लेकर किचेन तक में यूज कर सकते हैं।
रहता। ये चीजें विदेशी डाइनिंग टेबल पर एंटीक भी लगते है। रहता। ये चीजें विदेशी डाइनिंग टेबल पर एंटीक भी लगते है।
किचेन वुड के समान की डिमांड देश से लेकर विदेशों तक है। किचेन वुड के समान की डिमांड देश से लेकर विदेशों तक है।
घर के ड्राइंगरूम से लेकर किचेन तक में यूज कर सकते हैं। घर के ड्राइंगरूम से लेकर किचेन तक में यूज कर सकते हैं।