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हॉस्पिटल में दर्द से तड़पता छोड़ गया था बेटा, बोला- मां पागल है

आजमगढ़ में एक बेटा अपनी मां को हॉस्पिटल में छोड़ दिया था।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 04:02 PM IST
आजमगढ़ में एक महिला घायल अवस्थ आजमगढ़ में एक महिला घायल अवस्थ

आजमगढ़ (यूपी). यहां एक बेटे ने अपनी मां को रैन बसेरे में छोड़ दिया। इसकी सूचना शुक्रवार को महिला मंडल सेवा समिति की प्रबंधक पूनम को हुई तो वो मौके पर पहुंची। देखा महिला के पैरों में प्लास्टर लगा हुआ है, जिससे उसके पैर सड़ने लगे थे। तत्काल डॉक्टरों से सम्पर्क कर उसका प्लास्टर कटवाया और इलाज शुरू करवाया।

ये है पूरा मामला...

- मामला महराजगंज का है, जहां पवन मदेशिया ने अपनी मां सुमन (55) को जिला हॉस्पिटल के पास बने रैन बसेरे में महीनों से छोड़ रखा था। इसकी सूचना महिला मंडल जन सेवा समिति को हुई तो उन्होंने घायल महिला को इलाज के लिए डॉक्टर के पास पहुंचाया।
- प्रबंधक पूनम ने बताया, ''सुमन के पैर में प्लास्टर लगा है जो अंदर ही अंदर घाव बन गया था। उसे डॉक्टर को देखाकर प्लास्टर कटवा और इलाज शुरु करवाया।''
- ''हमारी टीम उसके बेटे पवन से मिलने पहुंची तो पता चला 3 दिसंबर को उसकी शादी हुई थी। मां के बारे में बताया तो उसने कहा- कौन रखेगा, वो मारपीट करती है। एक महीने पहले प्लास्टर करवाया था लेकिन डॉक्टर के यहां से ही भाग गई।''
- ''शुक्रवार को सुमन को जोधीपुरा वृद्धा आश्रम में शिफ्ट किया है। उसके लिए स्वेटर, शाल और कपड़े खरीदकर दिया गया है। 3 साल पहले इसके पति की मौत हो चुकी है। मानसिक तौर पर थोड़ा डिस्टर्ब हो गई थी। बेटे के तिरस्कार की वजह से और डिप्रेशन में चली गई है।''

- मां सुमन ने बताया, ''बेटे ने 3 दिसंबर को शादी की है। वो नहीं चाह‍ता था कि मैं उसके साथ रहूं। गिरने की वजह से मेरा पैर टूट गया था। प्लास्टर लगवाकर यूं ही छोड़ दिया। वो मुझे मारता भी था। अब घर जाने का मन करता है।''

मां का हुआ था तलाक
- बेटे ने बताया, ''1992 में पिता छेदी लाल और मां का तलाक हो गया था। कोर्ट के आदेश पर बहन और मुझे पापा को रखने की इजाजत मिली, मां ससुराल वापस चली गई।''
- ''3 साल पहले पापा की मौत हो गई और कारोबार हम देखने लगे। 5 महीने पहले बहन अंजू (बदला नाम) की शादी थी, उसकी जिद्द पर मां को घर लाया था, तभी से मां यहां थी।''
- ''नवंबर के पहले पहले सप्ताह में वो गिर गई और उसका पैर टूट गया। वो मानसिक तौर पर ठीक नहीं थी, लड़ती रहती थी। हॉस्पिटल में एडमिट कराया था तो वहां से भाग गई। किसी तरह खोजकर घर लाया।
- ''दोबारा डॉक्टर को दिखाने गया तो वो मुझसे लड़ने लगी। गुस्से में भी उसे छोड़कर चला आया। मैं उसे घर पर ही रखना चाहता हूं।''