वाराणसी

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इस लड़की ने 6 दिनों तक ड्राई फ्रूट-पानी पी लड़ी थी 4 फाइट, लड़के देते थे गाली

DainikBhaskar.com आपको एक बुनकर की रेसलर बेटी की स्ट्रगल स्टोरी बता रहा है।

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2017, 02:02 PM IST
रेसलर पूजा यादव ने बताया- शुरू में गांव में लड़के गालियां देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु।(दाएं और इनसेट में लेडी रेसलर पूजा) रेसलर पूजा यादव ने बताया- शुरू में गांव में लड़के गालियां देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु।(दाएं और इनसेट में लेडी रेसलर पूजा)

वाराणसी. यहां स्व. अमरनाथ मिश्रा के स्मृति में 3 दिनों तक चलने वाला रेसलिंग कंप्टीशन गुरूवार को खत्म हुई। इसमें 4 बार नेशनल खेल चुकी भट्टी गांव की रहने वाली रेसलर पूजा ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान इन्होंने बताया, ''एक वक्त ऐसा था कि लड़के गाली देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु। 2016 में चाइना के रेसलिंग कंप्टीशन में इंडिया को रिप्रेजेंट किया। इस दौरान इन्होंने ड्राई फ्रूट, चॉकलेट, वाटर मिलन और पानी पीकर 6 दिनों तक 4 फाइट लड़ी। DainikBhaskar.com आपको इनकी स्ट्रगल स्टोरी बता रहा है। चाइना में खाने मिलता था गंदा नॉनवेज...

- पूजा यादव ने बताया, ''6 जुलाई 2016 को जूनियर इंडिया टीम से 60 किलो वेट कैटेगरी में खेलकर इंडिया को पांचवा स्थान दिलवाया था। 3 साल पहले लोग ताने देते थे कि लड़को की तरह दिखती हो लाइफ में क्या करोगी। उसी दिन रेसलिंग का मन बना लिया।''

- ''गरीबी के चलते कभी डाइट में प्रोटीन, फल, दूध तक नसीब नहीं हुआ। 2014-15 में लखनऊ साईं हॉस्टल का ट्रायल दिया और सेलेक्ट हुई।''
- ''मेरे पास जूते, ट्रैक शूज और पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं थे। इसलिए सीनियर्स के कपड़े पहनना पड़ता था।''
- ''चाइना में गंदा नॉनवेज खाने को मिलता था, जो इंडियन कभी नहीं खा सकते। इसपर हल्का ड्राई फ्रूट चॉकलेट और वाटर मिलन खाकर 6 दिनों तक 4 फाइट लड़ी। लौटने के बाद मुझे टीवी की बीमारी हो गई।''
- कोच गोरख ने बताया, ''4 नेशनल खेल चुकी पूजा ने ब्रांच और सिल्वर जीता है। साथ ही स्कूली नेशनल और स्टेट में गोल्ड जीता है।''
- ''लड़को की तरह रिंग में पटकती है। कोई जेंट्स रेसलर जैसे दांव खेलता है, वैसे एक्टिविटी पूजा करती है।''

ऐसा है फैमिली बैकग्राउंड
- इनके मुताबिक, ''पिता मंगला प्रसाद बुनकर का काम कर 300 से 400 कमा पाते हैं। शुरू में गांव में लड़के गालियां देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु।''
- ''अभी बंगलौर जिंदल ग्रुप के हॉस्टल में रहती हूं। हम चार बहन-चार भाई हैं, जिसमें से 6वें नंबर पर हूं। इंटर की पढ़ाई के साथ रेसलिंग भी कर रही हूं।''

चाइना में 6 जुलाई 2016 को जूनियर इंडिया टीम से 60 किलो वेट कैटेगरी में खेलकर पूजा ने इंडिया को पांचवा स्थान दिलवाया था। चाइना में 6 जुलाई 2016 को जूनियर इंडिया टीम से 60 किलो वेट कैटेगरी में खेलकर पूजा ने इंडिया को पांचवा स्थान दिलवाया था।
रेसलर पूजा ने बताया- खेल के वक्त मेरे पास जूते, ट्रैक शूज और पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं थे। इसलिए सीनियर्स के कपड़े पहनना पड़ता था। रेसलर पूजा ने बताया- खेल के वक्त मेरे पास जूते, ट्रैक शूज और पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं थे। इसलिए सीनियर्स के कपड़े पहनना पड़ता था।
वाराणसी में 3 दिनों तक चले रेसलिंग कंप्टीशन में पूजा ने हिस्सा लिया। गाजपुर की रहने वाली फ्रीम यादव से लड़ी, लेकिन हार गई। वाराणसी में 3 दिनों तक चले रेसलिंग कंप्टीशन में पूजा ने हिस्सा लिया। गाजपुर की रहने वाली फ्रीम यादव से लड़ी, लेकिन हार गई।
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रेसलर पूजा यादव ने बताया- शुरू में गांव में लड़के गालियां देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु।(दाएं और इनसेट में लेडी रेसलर पूजा)रेसलर पूजा यादव ने बताया- शुरू में गांव में लड़के गालियां देते थे, लेकिन मम्मी-पापा चाहते थे खेलु।(दाएं और इनसेट में लेडी रेसलर पूजा)
चाइना में 6 जुलाई 2016 को जूनियर इंडिया टीम से 60 किलो वेट कैटेगरी में खेलकर पूजा ने इंडिया को पांचवा स्थान दिलवाया था।चाइना में 6 जुलाई 2016 को जूनियर इंडिया टीम से 60 किलो वेट कैटेगरी में खेलकर पूजा ने इंडिया को पांचवा स्थान दिलवाया था।
रेसलर पूजा ने बताया- खेल के वक्त मेरे पास जूते, ट्रैक शूज और पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं थे। इसलिए सीनियर्स के कपड़े पहनना पड़ता था।रेसलर पूजा ने बताया- खेल के वक्त मेरे पास जूते, ट्रैक शूज और पहनने को अच्छे कपड़े तक नहीं थे। इसलिए सीनियर्स के कपड़े पहनना पड़ता था।
वाराणसी में 3 दिनों तक चले रेसलिंग कंप्टीशन में पूजा ने हिस्सा लिया। गाजपुर की रहने वाली फ्रीम यादव से लड़ी, लेकिन हार गई।वाराणसी में 3 दिनों तक चले रेसलिंग कंप्टीशन में पूजा ने हिस्सा लिया। गाजपुर की रहने वाली फ्रीम यादव से लड़ी, लेकिन हार गई।
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