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कभी मंदिर के बाहर फूल बेचता था ये शख्स, आज है लाखों का टर्नओवर

कभी मंदिर के बाहर फूल-माला बेचने वाले काशी के प्रिंस गुप्ता का आज खुद को बिजनेस है। इसका टर्नओवर 25 लाख से ज्यादा है।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 09:00 PM IST
11 साल की उम्र में हो गई थी प्र‍िंस के पिता की मौत। 11 साल की उम्र में हो गई थी प्र‍िंस के पिता की मौत।

वाराणसी. काशी के प्रिंस गुप्ता ने गरीबी की वजह से कभी फूल-माला बेचा तो कभी 25-30 रुपए कमीशन पर शर्ट बेची। आज उनकी खुद की बेकरी शॉप है और 25 लाख से ज्यादा का टर्नओवर है। DainikBhaskar.com से बातचीत में उन्होंने अपनी स्ट्रगल स्टोरी शेयर की। इस दौरान वह भावुक भी हो गए। चप्पल के लिए मांगे पैसे, मां ने कहा- टूटी वाली सिलकर पहन लो...

- प्रि‍ंस ने बताया, ''पिता बीएन गुप्ता सप्लाई इंस्पेक्टर थे। दो भाईयों और दो बहनों पर मैं तीसरे नंबर पर था।
- 11 साल की उम्र में पिता की मौत हो गई, जिसके बाद मां पर जिम्मेदारियां अचानक से बढ़ गई।
- बचपन का एक किस्सा याद करते हुए प्रि‍ंस ने बताया, ''16 साल की उम्र में चप्पल टूटने पर मां से पैसे मांगे, तो उन्होंने क‍हा, सिलकर पहन लो।

- इसके बाद से ही काम करने के लिए घर से निकला, मंदिर के बाहर 20 दिन चिल्ला-चिल्ला कर फूल-माला बेचा।

- 1998 के आसपास कमीशन पर शर्ट बेंचना शुरू किया। कुछ महीनों बाद 1500 रुपए में साइबर कैफे पर नौकरी करने लगा।
- 2003 में अचानक ख्याल आया कुछ ऐसा किया जाए ,जो मोहल्ले और इलाके में यूनिक हो
- पांच रुपए पीस पिज्जा बनाना शुरू किया, फिर केक बनाने लगा। 2005 में घर के नीचे ही बेकरी शॉपी खोली। 2008 मेरी शादी हो गई।

- बता दें, प्रिंस हर साल बाबा काल भैरव के बर्थ डे पर 551 किलो का केक खुद 72 घंटों में बनाकर अर्पित करते हैं। इसकी कीमत ढाई लाख से ज्यादा होती है।

- प्रि‍ंस ने बताया कि इस केक को बनाने में उनकी पत्नी अनीता साथ देती हैं।

गरीबी ऐसी थी चप्पल खरीदने तक के पैसे नहीं थे। गरीबी ऐसी थी चप्पल खरीदने तक के पैसे नहीं थे।
मेहनत और लगन से खोली खुद की बेकरी शॉप। मेहनत और लगन से खोली खुद की बेकरी शॉप।
हर साल बाब काल भैरव को ढाई लाख रुपए की कीमत का केक प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं। हर साल बाब काल भैरव को ढाई लाख रुपए की कीमत का केक प्रसाद के रूप में चढ़ाते हैं।