--Advertisement--

काशी विश्वनाथ मंदिर में जल्द मिलेंगी ये 6 सुविधाएं, इन परेशान‍ियों से मिलेगा छुटकारा

वाराणसी. सीएम योगी की शुक्रवार को बैठक में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के ल‍िए भक्तों को होने वाली परेशानि‍यों पर चर्चा हुई।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 01:43 PM IST
वाराणसी. हजारों की संख्या में श्रद्धालु रोज बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आते हैं। सीएम योगी के शुक्रवार के बैठक में कुछ मुद्दे उठे थे। DainikBhaskar.com ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन द्धिवेदी से बातचीत कर के कुछ नई योजनाओं के बारे में जाना। उन्होंनें भक्तों को मुहैया कराई जाने वाली 6 फैसिलिटी के बारे में बताया।

1. एक प्राइवेट मकान मंदिर से सटा है, बात चल रही वो जैसे ही बेंच देगा, बाहर से प्राचीन लुक बनाकर नया मंदिर बनाएंगे और मंदिर ऊंचा कर देंगे। पुराना नीचे से निकाल देंगे, बिना विग्रह को इधर-उधर किए हुए। इससे बरसात के दिनों में मंदिर में जो समस्याएं आती हैं, वो कम हो जाएंगी।

2. मंदिर के दोनों दक्षिण और उत्तर में 2-2 हजार वर्ग मीटर की खाली जगह चिन्हित किए जा रहे हैं, ताकि कवर्ड शेड में श्रद्धालु खड़े हो सकें और यूरिनल और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।

3. मंदिर ट्रस्ट कुछ धर्मशाला बनाएगा, जिसमें 10 रुपए से 50 तक मे रहने की व्यवस्था होगी। अभी एक अतिथि गृह का टेंडर हुआ है, लेकिन फुल एसी की वजह से किराया 2500 तक है।

4. काशी विश्वनाथ मन्दिर में ट्रस्ट प्रसाद के लिए अपनी दुकान बनवाएगा, ताकि मिलावटी दूध प्रसाद में न चढ़े। चार से 6 महीने में पूरा होगा। अभी क्वालिटी कंट्रोल मेंटेन नहीं है। कोई भी दूध प्रसाद बेच रहा है।

5. 1999 में मंदिर के दीवारों पर एनामेल पेंट लगाया गया था, जिससे दीवारों को नुकसान हुआ है। सीबीआरआई 75 लाख रुपए ले गई और केवल एक रिपोर्ट सब्मिट किया। जितना खर्चा बताया गया, उतने में नया मंदिर डेवलप हो जाएगा। दो भवनों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि जीर्णोद्वार किया जा सके।
6. काशी विश्वनाथ मंदिर में 12 करोड़ की लागत से अन्न क्षेत्र में दिसंबर तक पूरा होगा। 10 हजार श्रद्धालुओं को फ्री में प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। 6 मंजिला इमारत बनेगी।

करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र

- श्रद्धालु बहुत देर तक स्पर्श न करें, इसके लिए बीच में अरघे में लड़की का छोटा सा पौन मीटर का घेरा लगाया गया है।

- बता दें, सैकड़ों वर्ष प्राचीन बाबा विश्वनाथ का मंदिर करोड़ों लोगों के आस्था का केंद्र है।

- बताया जाता है कि अकबर के काल में टोडरमल ने पं. नारायण भट्ट के साथ मिलकर विशेश्वर मंदिर बनाया था।

- 1778 के आसपास इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्वार करवाया था। बाद में महराजा रणजीत सिंह ने 22 मन सोने से मंदिर के शिखर को मंडित करवाया।