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'SP-BSP के खिलाफ BJP ने बना ली है स्ट्रेटजी, 2019 में लोकसभा चुनाव से 6 महीने पहले छोड़ेगी मास्टर प्लान का 'ब्रह्मास्त्र'

2019 चुनाव से छह महीने पहले बीजेपी 82 ओबीसी जाति को तीन कैटेगरी में बांटकर बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया हैं।

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:30 PM IST
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष राजभर ने बलिया जिले के रसड़ा स्थित अपने निवास पर संवाददताओं से कहा कि राज्य में सपा और बसपा गठबंधन को हराने के लिये भाजपा ने तैयारी कर ली है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष राजभर ने बलिया जिले के रसड़ा स्थित अपने निवास पर संवाददताओं से कहा कि राज्य में सपा और बसपा गठबंधन को हराने के लिये भाजपा ने तैयारी कर ली है।

बलिया. भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संभावित गठबंधन से निपटने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इसकी घोषणा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले की जाएगी। ये दावा बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया है। राजभर ने कहा कि चुनाव से पहले प्रदेश की भाजपा सरकार 82 ओबीसी जाति को तीन कैटेगरी में बांटकर 'ब्रह्मास्त्र' चलेगी। ये 'ब्रह्मास्त्र' सीधा सपा और बसपा के गठबंधन पर मार करेगा। राज्य सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष अध्यक्ष भी हैं। ये बात उन्होंने बलिया जिले के रसड़ा स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।


12 राज्यों में लागू है 27% आरक्षण तो यूपी क्यों नहीं


-ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 12 प्रदेशो में कैटेगरी बाटकर आरक्षण दिया जाता है। जिसमे बिहार ,आंध्र प्रदेश, राजस्थान, महराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्य मुख्य है।
--उत्तर प्रदेश में ऐसी कोई कैटेगरी नहीं बनाई गई है। बीजेपी 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले इस कैटेगरी को लेकर मास्टर स्ट्रोक खेलेगी। जाति और आबादी के अनुसार आरक्षण की कैटगरी होनी चाहिए।
- यादव, कुर्मी, जाट, सोनार जैसी जातियां बहुत आगे है। इनकी जनसँख्या का प्रतिशत 19 के करीब है। वहीं कुर्मी पटेल संथवार 7.46 प्रतिशत, जाट 3.60 प्रतिशत आबादी के अनुसार आरक्षण कैटेगरी में है।
-एससी एसटी, मुसहर मेस्तर को होमगार्ड तक में कोई लाभ नहीं मिलता। ऐसे ही पिछड़ी जाति में राजभर, पाल, कुम्हार को कोई लाभ नहीं मिलता।

पहले की सरकार सिर्फ ओबीसी वर्ग दिया झुनझुना


-मंत्री राजभर ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस पिछड़े वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का झुनझुना थमाकर सरकार बनाती रही है।
-भाजपा सरकार 82 ओबीसी जाति के 27% कोटे को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। जिसमे चार जातियों के साथ पिछड़ा (पिछड़ा), अति पिछड़ा (बहुत पिछड़ा) 19 जातियों के साथ, और सर्वाधिक पिछड़ा (सबसे पिछड़ा) 59 जातिया शामिल हैं।


ये हैं ओबीसी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण का आकड़ा


-जनसंख्या के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण का विभाजन किया जाए तो पिछड़ी जाती कोई लाभ नहीं मिल पाता।
-पिछड़ी जाति- जनसंख्या 31 प्रतिशत, आरक्षण 7 प्रतिशत, जातियों की संख्या 4
- अति पिछड़ी जाति- जनसंख्या 28.48 प्रतिशत, आरक्षण 8 प्रतिशत, जातियों की संख्या 16
-अत्यधिक पिछड़ी जाति -जनसंख्या 40.52 प्रतिशत, आरक्षण 13 प्रतिशत, जातियों की संख्या 59
- दलितों को भी तीन कैटेगरी में रखा जाये। दलित, अति दलित और महादलित जाति 12
- अन्य प्रदेशो में पिछड़े वर्ग को 2 से 5 श्रेणियों में विभाजन कर आरक्षण को लागू किया गया है।

सपा-बसपा दोस्ती के लिए बीजेपी ने दिया खतरे की घंटी


-बता दें कि यूपी में सपा-बसपा की दोस्ती बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बन गई है. इस गठजोड़ ने बीजेपी को हालिया उपचुनाव में जबरदस्त झटका दिया।
-सपा उम्मीदवार ने बसपा के सहयोग से सीएम और डिप्टी सीएम दोनों की खाली हुई सीटों पर कब्जा जमा लिया।
-सीएम योगी आदित्यनाथ की सीट गोरखपुर उपचुनाव में सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने बाजी मारी।
-वहीं, डिप्टी सीएम केशवप्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई सीट फूलपूर से नागेंद्र सिंह पटेल ने जीत हासिल की
-इस जीत ने बीजेपी के लिए 2019 चुनाव के लिए खतरे की घंटी बजा दी है, अब बीजेपी इन दोनों की दोस्ती की काट ढूंढ़ने में जुटी हुई है।

राजभर ने कहा 12 प्रदेशो में कैटेगरी बाटकर आरक्षण दिया जाता है। जिसमे बिहार ,आंध्रा प्रदेश ,राजस्थान ,महराष्ट्र ,केरल ,तमिलनाडू जैसे प्रांत मुख्य है। राजभर ने कहा 12 प्रदेशो में कैटेगरी बाटकर आरक्षण दिया जाता है। जिसमे बिहार ,आंध्रा प्रदेश ,राजस्थान ,महराष्ट्र ,केरल ,तमिलनाडू जैसे प्रांत मुख्य है।