कोरोनावायरस / काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक; मथुरा में सेवादारों व कान्हा भक्तों के लिए एडवायजरी जारी

श्रद्धालुओं को हाथ धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा। श्रद्धालुओं को हाथ धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा।
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श्रद्धालुओं को हाथ धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा।श्रद्धालुओं को हाथ धुलवाकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा।

  • कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने उठाया कदम
  • मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने कहा- काउंटरों पर थर्मल स्कैनर से हो रही जांच

दैनिक भास्कर

Mar 17, 2020, 05:54 PM IST

वाराणसी. कोरोनावायरस से बचाव को लेकर एहतियात बरतते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि अब सावन माह के सोमवार की तर्ज पर झांकी दर्शन की व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा सुगम दर्शन काउंटर पर थर्मल स्कैनर से जांच कराई जा रही है। अगर कोई संदिग्ध पाया गया तो उसको तत्काल कबीर चौरा अस्पताल जांच के लिए भेजा जाएगा। वही मंदिर परिसर और बाहर की सड़क को धुलवाया गया है। दवाओं का छिड़काव और हाथ धुलाई का कार्य भी आवश्यक रूप से कराया जा रहा है।

सारनाथ स्थित मूलगंध कुटीर विहार मंदिर और संग्रहालय बंद

कोरोनावायरस के मद्देनजर सारनाथ म्यूजियम और मानमंदिर महल स्थित आभासीय संग्रहालय को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार की गाइड लाइन को फॉलो करते हुए ऐसा किया गया है। वहीं, काशी में सारनाथ स्थित मूलगंध कुटीर विहार मंदिर को भी बंद किया गया है। सारनाथ काशी का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल है। कमिश्नर ने बताया कि व्रज विद्या संस्थान सारनाथ के पास स्थित बौद्ध मंदिर को भी बन्द कर दिया गया है। बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया है।


मथुरा में श्रद्धालुओं व कर्मियों के लिए गाइड लाइन जारी

कोरोनावायरस के चलते धर्मनगरी मथुरा में भी श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी जा रही है। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर मन्दिर ट्रस्ट ने 14 विंदुओं की एडवायजरी जारी की है। सभी कर्मियों को मॉस्क लगाने के लिए कहा गया है। 

  • मंदिर के पूजाचार्यगण एवं सेवकगण अग्रिम निर्देश तक मंदिर परिसर से बाहर अति आवश्यक होने पर ही जाएं, भक्तगण से भी कम से कम एक मीटर की दूरी बना कर रखें।
  • किसी भी व्यक्तिगत पूजा कथा आदि में सम्मिलित न हों।
  • किसी भी भक्त से सीधे माला या अन्य कोई सामग्री स्वीकार न करें। इसके लिए एक टोकरी रख दें एवं भक्तों से पुष्प टोकरी में अर्पित करने का आग्रह करें।
  • कीटाणु नाशक द्रव्य से पोंछा साफ सफाई सुनिश्चित करें।
  • गेस्ट हाउस में कमरें देते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी का स्वास्थ खराब हो तो तुरंत अधिकृत डॉक्टर के पास जाने का आग्रह करें।
  • बालभोग वितरण एवं भंडारा आदि अग्रिम निर्देश तक स्थगित कर दें।
  • केशव देव मंदिर में प्रात: और सायंकाल का कीर्तन अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दें।
  •  साउंड सिस्टम पर भजन कीर्तन अवश्य चलते रहें।
  • अखंड संकीर्तन कक्ष में दर्शनर्थियों का प्रवेश तत्काल बंद कर दें।
  • गुफा झांकी अग्रिम आदेश तक बंद कर दें।
  • सभी पूजाचार्यगण-कर्मचारी मास्क का प्रयोग करें और भीड़ से यथासंभव बचें।
  • किसी भी कर्मचारी/ उनके परिजन एवं परिसर के निवासी कोई भी पूर्ण सावधानी बरतेंगे। यदि किसी को कोई कोरोनावायरस का लक्षण दिखे तो तुरंत मुख्य अधिशासी/ जनसम्पर्क अधिकारी/ कार्यालय को सूचित करेंगे।
  • सभी दुकानदार एवं उनके कर्मचारीगण यथासम्भव मास्क का प्रयोग करें।
  • श्रद्धालुओं/ कर्मचारियों के हाथ साफ करने के लिए कीटाणु नाशक साबुन पर्याप्त स्थानों पर होने चाहिए।
  • कोरोना के वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • बचाव के लिए मंदिर कर्मचारियों/ पुलिस कर्मियों/ श्रद्धालुजन को जागरूक करने की दृष्टि से जन्मस्थान परिसर में बैनर आदि तत्काल लगवाए जाएं।

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