ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन चलाने वाले सुधीर सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार; काशी विश्वनाथ धाम के पास बनी मस्जिद को हटाने की मांग

2 वर्ष पहले
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सुधीर सिंह को पकड़कर ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
सुधीर सिंह को पकड़कर ले जाती पुलिस।
  • सुधीर सिंह ने कहा- ज्ञानवापी का धार्मिक स्वरूप शुरू से मंदिर का रहा है। इस परिसर में सिर्फ भगवान विश्वेश्वर का मंदिर था
  • महाशिवरात्रि के अवसर पर ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा हुई थी। शंखनाद, घंटा घड़ियाल के बीच लगे थे हर-हर महादेव के नारे

वाराणसी. काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा करने वाले सुधीर सिंह को गिरफ्तार करने के लिए रविवार को पुलिस ने साकेत नगर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले अस्सी घाट पर महाशिवरात्रि के अवसर पर ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा हुई थी। शंखनाद, घंटा घड़ियाल के बीच हर-हर महादेव के नारों के बीच शिव भक्तों ने दोनों हाथ उठाकर श्री काशी विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग एवं मां शृंगार गौरी की मूर्ति को मुक्त कराने का संकल्प लिया था।

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सुधीर सिंह के अनुसार, ज्ञानवापी का धार्मिक स्वरूप शुरू से मंदिर का रहा है। इस परिसर में सिर्फ भगवान विश्वेश्वर का मंदिर था। इसके लिए उन्होंने रविवार को मौलाना अब्दुल बातिल नोमानी से मुलाकात कर अनुरोध करते हुए कहा कि ज्ञानवापी परिक्षेत्र से मस्जिद अन्यत्र शिफ्ट कर दिया जाय। इसके बाद सोमवार को सुधीर संकटमोचन मंदिर से काशी विश्वनाथ मंदिर तक दंडवत यात्रा निकालने की तैयारी में थे।


इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे किसी भी आयोजन की किसी को इजाजत नहीं है जो शहर की कानून व्यवस्था को प्रभावित करे। निरोधात्मक कार्रवाई के तहत सुधीर सिंह को हिरासत में लिया गया है।