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काम ढूंढने घर से निकला था किशोर, बीएसएफ जवान पर छेड़खानी का आरोप; जीआरपी ने चाइल्ड लाइन भेजा

एक वर्ष पहले
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जीआरपी की जांच में आरोप फर्जी निकले। - Dainik Bhaskar
जीआरपी की जांच में आरोप फर्जी निकले।
  • काम की तलाश में किशोर प्रयागराज से मिर्जापुर गया था
  • किशोर बुजुर्ग दादा दादी और बुआ के साथ रहता है

मिर्जापुर. प्रयागराज का रहने वाला 14 साल का एक लड़का मिर्जापुर काम की तलाश में गया था। जब काम नहीं मिला तो वह घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर था। उसके साथ एक बीएसएफ का जवान भी था। यह देख एक शख्स ने ट्वीट कर जीआरपी को जानकारी दी कि किशोर के साथ बीएसएफ का एक जवान छेड़खानी कर रहा है। हरकत में आई जीआरपी ने जब मामले की जांच की तो आरोप फर्जी निकले। इसके बाद बच्चे को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया। बच्चे के माता पिता नहीं है। वह अपने दादा दादी और बुआ के साथ रहता है। उन्हीं का सहारा बनने के लिए वह मिर्जापुर काम की तलाश में पहुंचा था। 

ट्वीट कर बीएसएफ पर लगाया छेड़खानी का आरोप
देव गुप्ता नाम के शख्स ने ट्वीट किया था कि रेलवे स्टेशन पर एक किशोर को तंग किया जा रहा है। इस पर जीआरपी सक्रिय हो गई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 के पास लिफ्ट के पास युवक एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठा था। वह ट्रेन का इंतजार कर रहा था। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसके मां बाप मर चुके हैं। घर में दादी और बुआ हैं। दादी और बुआ से काम की तलाश का कहकर मिर्जापुर जाने की बात कह कर आया था। काफी ढूंढने के बाद भी काम कहीं नहीं मिला। अब घर वापस जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था।

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इसी बीच उसी बेंच पर दूसरे लोग भी आकर बैठ गए। तभी मऊ के रहने वे बीएसएफ के जवान ने किशोर से उसका नाम, पता और अकेले सफर करने का कारण पूछा था। जीआरपी ने किशोर  बीएसएफ जवान से पूछताछ की। पुलिस ने किशोर का मेडिकल भी करवाया। सामान्य रिपोर्ट आने के बाद किशोर के परिजनों से जीआरपी ने संपर्क साधने का प्रयास किया। लेकिन कुछ पता न चल पाने पर उसे चाइल्ड लाइन भेज दिया गया। 

जीआरपी थाना प्रभारी उदय शंकर ने बताया-  ''बालक के साथ छेड़खानी करने का आरोप सीमा सुरक्षा बल के जवान पर लगाया गया था। जो पूछताछ और मेडिकल जांच में निराधार और मनगढ़ंत पाया गया।''