उप्र / गंगा का रौद्र रूप जारी: प्रयागराज व काशी में बाढ़ के हालात, तटवर्ती इलाकों से पलायन कर रहे लोग



up news flood in river ganga in prayagraj and varanasi
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up news flood in river ganga in prayagraj and varanasi

  • काशी में एक सेमी प्रति घंटे की स्पीड से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
  • प्रयागराज में तटवर्ती इलाकों में घुसा पानी, सेना की मांगी गई मदद

Dainik Bhaskar

Sep 17, 2019, 01:19 PM IST

वाराणसी/प्रयागराज. गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की स्पीड से बढ़ रहा है। इसके चलते काशी में गंगा का पानी दशाश्मेध घाट, अस्सी घाट से होकर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने लगा है। वहीं, प्रयागराज में तटवर्ती इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है। मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने प्रयागराज जिला प्रशासन को हालात से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए सेना की मदद मांगी है। 

 

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर को पार कर 71.03 मीटर पहुंच गया है। सैकड़ो मंदिर, जल पुलिस चौकी पूरी तरह डूब चुकी है। नदी के किनारे बसे 50 से अधिक गांव और 24 से अधिक रिहायशी इलाकों में बाढ़ आ गई है। लोग पलायन कर रहे हैं। 

 

उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं प्रोटोकॉल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र कोनिया एवं आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर जायजा लिया। प्रभावित घरों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराए जाने के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने का नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया। कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने भी बाढ़ से प्रभावित कोनिया क्षेत्र का दौरा किया। बताया कि, बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्रों में घुसना शुरु हो गया है। उन्होंने प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत कैम्पों में जाने की बात कही है। एनडीआरएफ की टीम राहत बचाव कार्य में जुटी है। 

 

प्रयागराज में बढ़ेगा जलस्तर
राजस्थान के धौलपुर बैराज से सोमवार को 18.93 लाख 567 क्यूसेक और कोटा बैराज से 6.66 लाख, 758 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश सिंह ने बताया कि कोटा और धौलपुर से छोड़े गए पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रशासन के संपर्क में अभियंता बने हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निबटा जा सके। तीन दिन बाद यमुना में बाढ़ से पैदा होने वाले हालात से निबटने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। 

 

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