वाराणसी / गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी, कई घाटों का सम्पर्क टूटा



water level increase in varanasi day by day
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water level increase in varanasi day by day

  • शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 65.22 मीटर दर्ज किया गया
  • मणिकर्णिका और दशाश्वमेध घाट तक पहुंचा पानी

Dainik Bhaskar

Aug 16, 2019, 02:53 PM IST

वाराणसी. काशी में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव से कई घाटों का संपर्क टूट गया है। गुरुवार की रात तक अस्सी से भदैनी व मणिकर्णिका से दशाश्वमेध तक घाटों पर पानी पहुंच गया। ऐसे में लोग गलियों से होकर एक से दूसरे घाट पर जा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह इस वर्ष वाराणसी में सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया।

 

गंगा शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक 65.22 मीटर तक पहुंच गईं थी। जो खतरे के निशान से मात्र छह मीटर ही दूर है। शवों के अंतिम संस्कार में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

जलस्तर में बढ़ाव को लेकर लोगों को किया जा रहा सतर्क
गंगा और यमुना के प्रवाहपथ पर लगातार बारिश और कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा तेजी से घाटों की सीढ़ियां चढ़ने लगी है। बारिश के कारण आधे देश में बाढ़ जैसे हालात हैं।  इसके चलते भी वाराणसी में गंगा का जलस्तर उफान पर है। दशाश्वमेध घाट से लाउडस्पीकर के जरिये घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित रहने की हिदायत दी जा रही ह। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली नित्य सांध्य आरती अब तय स्थल से पीछे हो रही है।

 

पर्यटकों के बीच निराशा का माहौल
 गंगा के जलस्‍तर बढ़ने से काशी आने वाले पर्यटकों को घाट घुमने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकों काफी निराशा हो रही है। आने वाले करीब एक माह तक गंगा के जलस्‍तर के उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिलेगी। इस दौरान निचले इलाकों में पानी ज्‍यादा भरने की आशंका रहती है। गंगा से सटे वरुणा नदी के आसपास रहने वाले लोगों ने बढ़ते जलस्‍तर को देखते हुए सुरक्षित स्‍थान की ओर जाने लगे हैं।

 

स्थानीय निवासी मंटू मल्लाह ने बताया टूरिस्ट नांवों पर नहीं बैठ रहे हैं। मंदिरों के डूबने से माला फूल बेचने वाले भी परेशान हैं। श्मशान पर चिताओं को भी ऊपर के चबूतरों पर जलाना पड़ रहा है।

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