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काशी में बाढ़ में डूबे मंदिर, बलिया में गंगा ने डेंजर लेवल किया पार; छतो पर हो रहा अंतिम संस्कार-कई इलाको में शुरू हुआ पलायन

नदी में पानी बढ़ने से कई इलाकों से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 12:27 PM IST

वाराणसी/बलिया. कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने गंगा और वरुणा दोनों का जलस्तर बढ़ा दिया है। जिला प्रशासन ने नाव से आरती देखने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। वाराणसी में गंगा खतरे के निशान 71 .26 मीटर के सापेक्ष 2 मीटर नीचे 69 .01 मीटर बह रही है। वही बलिया में गंगा खतरे के निशान 57.61 मीटर को पार कर 58.06 मीटर पहुंच गयी है। सहयोगी नदी वरुणा में पानी बढ़ने से तटीय इलाकों में जिसमे पुराना पुल, कोनिया, कज्जाकपुरा समेत कई इलाकों से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।

गंगा में एनडीआरएफ की तीन टीम करेगी पेट्रोलिंग: एनडीआरएफ इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया एक टीम में 20 से 25 जवान शामिल है। राजघाट ,अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर तीन टीमें है। जबकि 2 टीमों को रिजर्व में रखा गया है। चार दिन पहले ललितपुर में माताटीला डैम से यमुना में 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे सहयोगी नदी गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है।

चौबीस घण्टे में जल स्तर डेढ़ मीटर बढ़ा: गंगा आरती भी छतो पर हो रही है। शीतला मंदिर ,रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत कई देवालय गंगा में डूब गए है। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर शवदाह छतो (घुड़दौल,यहाँ 6 प्लेटफॉर्म बनाया गया है )पर किया जा रहा है। अंतिम संस्कार के लिए लोगो को घंटो इंतजार करना पड़ रहा है।

पिछले 24 घंटे में 18 लोगों की हुई मौत: राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में 18 लोगों की मौत बारिश-बिजली से हुई है। जिसमे गोंडा में 3, मिर्जापुर में 2, बहराइच में 1, सीतापुर में 1, मेरठ में 1, कुशीनगर में 3, उन्नाव में 1, बिजनौर में 2, एटा में 1, औरैया में 1, सुल्तानपुर में 1 और जौनपुर में 1 की मौत हुई है।