इंस्पिरेशनल / जूनून ने बनाया मुझे Indian Army Officer

Feb 12,2019 8:02 PM IST

'भारत की नींव अगर उसकी डेमोक्रेसी है, तो उसका कवच है Indian Army. ये वो सेना है, जो रोज़ गोली खा कर भी कहती है, 'ये दिल मांगे मोर'. इस सेना के हर जवान की रगों में वो खून दौड़ता है, जिसे या तो तिरंगे की शान में जीना है, या फिर उसमें लिपट कर मरना. Indian Army का अधिकारी बनना बिलकुल आसान नहीं है। कठोर रक्षा प्रशिक्षण, युद्ध लड़ाकू प्रशिक्षण, उच्च ऊंचाई युद्ध प्रशिक्षण, और कई अन्य शारीरिक और मानसिक संवर्द्धन आपको एक अधिकारी बनाते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण तत्व क्या है जो मातृभूमि के उद्धारक को बनाता है? 'जूनून'- वह 'जूनून' है जो एक Indian Army के एक Officer को उसकी वर्दी का असली मतलब बताता है। ऐसी ही एक inspirational story कप्तान यशिका त्यागी की है। बहुत कम उम्र में अपने पिता को खो देने पर और अपनी माँ के जूनून को देखकर, उसने अपने पिता के कदमों का पालन करने का फैसला किया और Indian Armed Forces की कुछ पहली Lady Officers में से एक बनीं। इस Hindi motivational Josh Talk में कप्तान त्यागी बताती हैं कि कैसे भारतीय सेना की शक्ति ने उन्हें उत्साहित किया। वह लेह में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी रही हैं और ऑपरेशन विजय 1999 के दौरान मददगार हाथ थीं। इस Talk को देखें, यह जानने के लिए कि कैसे 'जूनून' 'फौजी' जीवन का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है और यह उन विशेषताओं में से एक है जो हम सभी के जीवन में भी होना चाहिए।' ---Josh Talk