• रियल एस्टेट क्षेत्र को नयी दिशा दिखाता-  ORO रियल एस्टेट

    रियल एस्टेट क्षेत्र को नयी दिशा दिखाता- ORO रियल एस्टेट

    इंदौर शहर मध्य प्रदेश का सबसे विकसित और साफ़ शहर के रूप में जाना जाता हे । बिजनेस हो या रियल एस्टेट, इंदौर की पहचान एक मेट्रो सिटी के रूप में बदलती जा रही हे। सरकार के साथ-साथ आम जनता और entrepreneur ने भी इस विकास गाथा में ख़ासा योगदान दिया हे । अगर रियल एस्टेट की बात की जाए तो इस छेत्र में महारत हासिल करना किसी महिला के लिये आसान काम नहीं होगा । ORO रियल एस्टेट की मैनेजिंग डायरेक्टर मिसिज मुस्कान खान ने इस कारनामे को बख़ूबी अंजाम दिया हे । पुरुष सक्रियता वाले रियल एस्टेट मार्केट में इन्होंने बहुत ही कम समय में अपनी एक विशिष्ट पहचान क़ायम की। आइए देखें इस विडियो में ORO रियल एस्टेट की यात्रा।
  • स्टूडेंट्स को बेहतर भविष्य की राह देती इंदौर की SAGE यूनिवर्सिटी

    स्टूडेंट्स को बेहतर भविष्य की राह देती इंदौर की SAGE यूनिवर्सिटी

    अग्रवाल कंस्ट्रक्शन भोपाल और SAGE यूनिवर्सिटी इंदौर टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस और एंटरप्रन्योर की एक जीती जागती मिसाल है। एजुकेशन, रियल स्टेट, इलेक्ट्रिकल इन्फ्रा और इंडस्ट्री की फील्ड में यह ग्रुप लगभग 30 वर्षों से भी अधिक लगभग 6000 कर्मचारियों की वर्क फोर्स के साथ लगातार कार्यशील रहा है। इस ग्रुप की स्थापना सन 1983 में श्री संजीव अग्रवाल द्वारा की गयी थी। इसके साथ ही SAGE ग्रुप प्रदेश ही नहीं पूरे देश में प्रसिद्ध है जिसमें लगभग हर क्षेत्र में लोगों को बेहतर सुविधाएं और सेवाएँ प्रदान की हैं। इस विडियो में देखें इस ग्रुप की यात्रा के बारे में।
  • लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी इंदौर के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास

    MP Visionaries / लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी इंदौर के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास

    LNCT ग्रुप 25 वर्षों से भी शिक्षा , स्वास्थ्य और मैनेजमेंट की फ़ील्ड में देश विदेश को World renowned इंजीनियर, डॉक्टर, मैनेजमेंट एक्सपर्ट जैसे कई प्रतिभावान प्रोफेशनल्स का प्रोत्साहन और निर्देशन करते आ रहे हैं। LNCT के चांसलर और संस्थापक श्री जय नारायण चौकसे जी हैं। जबलपुर से ग्रेजुएट होने के बाद सन 1994 LNCT अर्थात लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नॉलॉजी की नींव रखी। 50 एकड़ में फैला LNCT का कैंपस अकेडमिक रिसर्च सेंटर, लेक्चर हॉल, इलेक्ट्रॉनिक लैब जैसी कई नायाब और बेहतर सुविधाओं से लैस है। स्टूडेंट्स की सुविधा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यहाँ छात्रों को वाईफाई, डिजिटल इंटरनल लैब्स, सेंट्रल वर्कशॉप, औडिटोरियम की सुविधा उपलब्ध है जिसे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है।आइये इस विडियो के माध्यम से जानें इस संस्थान के बारे में ।
  • भारतीय शिक्षण प्रणाली को मजबूत आधार देता भोपाल का इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल

    भारतीय शिक्षण प्रणाली को मजबूत आधार देता भोपाल का इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल

    भोपाल में स्थित IPS इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल केवल एक शिक्षा संस्थान ही नहीं है बल्कि छात्रों के लिए एक सम्पूर्ण विकास का केंद्र बन चुका है। यहाँ एजुकेशन सिस्टम को स्टूडेंट्स की पर्सनालिटी के अनुरूप ढाला जाता है न केवल स्टूडेंट्स को पाठ्यक्रम के अनुरूप। इस प्रणाली के चलते पिछले कई वर्षों से यह शिक्षा संस्थान 100% रिज़ल्ट दे रहा है। यहाँ के स्टूडेंट्स हर साल सभी शिक्षा परीक्षाओं में बेहतरीन परिणाम देते आ रहे हैं। सन 2000 में इस स्कूल की एनआईवी रखी गयी थी, जो एक हरे भरे पॉल्यूशन फ्री वातावरण में स्थित है। IPS का मिडिल स्कूल स्लेबस मुख्यता स्किल बेस्ड टेक्नोलोगी पर आधारित है जहां सभी स्टूडेंट्स की पर्सनल लर्निंग्स को बढ़ावा मिलता है। इंटरग्रेटेड लर्निंग सिस्टम से स्टूडेंट्स के अंदर सेल्फ कॉन्फ़िडेंस व टीम वर्क की भावना बढ़ती है। आइए इस विडियो में जाने IPS स्कूल किस तरह से शिक्षण प्रणाली को मजबूत बना रहा है।
  • चतुर्दशी तिथि के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?

    श्राद्ध / चतुर्दशी तिथि के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?

    महाभारत के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में चतुर्दशी तिथि के दिन श्राद्ध नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दिन जो लोग तिथि के अनुसार अपने परिजनों का श्राद्ध करते हैं, वे विवादों में घिर जाते हैं। उसके घर वाले जवानी में ही मर जाते हैं और श्राद्धकर्ता को भी शीघ्र ही लड़ाई में जाना पड़ता है। इस दिन केवल उन्हीं परिजनों का श्राद्ध करना चाहिए जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो। अकाल मृत्यु से अर्थ है जिसकी मृत्यु हत्या, आत्महत्या, दुर्घटना आदि कारणों से हुई है। इसलिए इस श्राद्ध को शस्त्राघात मृतका श्राद्ध भी कहते हैं। इस तिथि के दिन जिन लोगों की सामान्य रूप से मृत्यु हुई हो, उनका श्राद्ध सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के दिन करना उचित रहता है।
  • घरों के नीव को मजबूत करता भोपाल का डी. के. कंस्ट्रक्शन्स

    घरों के नीव को मजबूत करता भोपाल का डी. के. कंस्ट्रक्शन्स

    कोई भी इंसान अपने जीवन में एक बार घर खरीदता है, जिसमें लोग अपने जीवन की पूरी जमा पूंजी लगा देता है । जब हर गली में कोई न कोई कंस्ट्रक्शन्स कंपनी या बिल्डर मौजूद हों ऐसे में अनुभवी और विश्वसनीय कंस्ट्रक्शन्स कंपनी ढूँढना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में लोगों का भरोसा डी. के. गोयल भोपाल की रियल एस्टेट कंपनी डी. के. कंस्ट्रक्शन्स पर है। इस शहर की जानी मानी रियल एस्टेट कंपनी डी. के. कंस्ट्रक्शन्स के संस्थापक पार्टनर डी. के. गोयल को 40 वर्ष से अधिक समय का अनुभव भी है। यही कारण है कि डी. के. कंस्ट्रक्शन्स क्वालिटी, नीतियों में पारदर्शिता और कस्टमर सेटिस्फेक्शन के लिए जाना जाता है। आइए इस विडियो में जानें कि क्या है खास इस कंपनी में जो इसे सबसे बेहतर बनाती है।
  • छात्रों में रोजगार उन्मुख प्रतिभा को उजागर करता इंदौर का इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

    छात्रों में रोजगार उन्मुख प्रतिभा को उजागर करता इंदौर का इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

    2003 में स्थापित हुए इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख इंजीनियरिंग और साइंस कॉलेजों में से एक है। इस इंस्टीट्यूट का मूल मंत्र रोजगार उन्मुख प्रतिभा तथा व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग आदि सभी विषय एक ही IIST में उपलब्ध हैं। इसका अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कैंपस, पर्सनेलिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम, खेलकूद एवं मनोरंजन के साधन आदि जैसी कई रचनात्मक गतिविधियों की सुविधाएं छात्रों को प्रदान की जाती हैं ताकि छात्रों का पढ़ाई के साथ कौशल विकास भी हो पाए। IIST में छात्रों को पढ़ाई के साथ जॉब के लिए भी तैयार किया जाता है ताकि उनके करियर को भी बेहतर मुकाम हासिल हो सके। आइए इस विडियो में देखें कि IIST कैसे छात्रों में को पढ़ाई के साथ भी रोजगार उन्मुख प्रतिभा भी विकसित करता है।
  • अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है सिद्धांता रेडक्रॉस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

    अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है सिद्धांता रेडक्रॉस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल

    मिडिल क्लास फॅमिली में जन्में डॉ वार्ष्णेय के जीवन की शुरुआत काफी साधारण रही, इनके पिताजी BHEL भोपाल में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। सन 1982 में भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉ वार्ष्णेय ने दाखिला लिया जहां उन्होनें अपनी स्टडीज़ के दौरान 13 गोल्ड मैडल जीते, जिसमें Opathalomology Pathology Surgery और मेडिसिन जैसे कठिन विषय भी शामिल है। इसके बाद 1990 में डॉ वार्ष्णेय ने यूरोप की ओर रुख किया, पहले फ्रांस फिर इंग्लैंड में रहकर इन्होनें GI Surgery और FRCS यानी Fellowship of the Royal College of Surgeons से Specialization पूरा किया। सन 2015 में डॉक्टर साहब नें ppp मॉडल पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप आधारित रेडक्रोस एक अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिस्ट अस्पताल की नीव राखी। इनका ये अस्पताल अंतर्राष्ट्रीय मापदंडो पर निर्मित 100 से अधिक बेड वाला सुपर स्पेशियलिस्ट अस्पताल है जहां ICU और CCU के अलावा क्रिटिकल केयर यूनिट्स भी उपलब्ध है। आइए जानें डॉ वार्ष्णेय के इस हॉस्पिटल के सफर के बारें में।
  • रोगियों को अच्छी गुणवत्ता व परेशानी मुक्त देखभाल प्रदान करता GBL हॉस्पिटल

    रोगियों को अच्छी गुणवत्ता व परेशानी मुक्त देखभाल प्रदान करता GBL हॉस्पिटल

    चिकित्सक के व्यवसाय में मानवीय संवेदना का बहुत महत्त्व है क्यूंकी रोगी को दवा के साथ-साथ दुलार और हमदर्दी की भी आवश्यकता होती है । इन्दौर स्थित GBL HOSPITAL के FOUNDER AUR DIRECTOR DOCTOR VINEET GAUTAM एक ऐसे ही चिकित्सक है जिन्होंने मानवता और मानवीय सेवा को अपने करियर में सर्वोपरि स्थान दिया है । ऐसे में यहाँ के डॉ. विनीत गौतम, एक Liver Cancer. Liver Transplant एवं गैस्ट्रोसर्जन है , जो दिल से मरीजों की सेवा करना अपनी personal philosophy मानते है। वहीं उनकी पत्नी डॉ. एकता मिश्रा गौतम भी GBL में अपनी सेवाए दे रही है। आइए इस विडियो में जानते हैं उनके जन कल्याण और बेहतर चिकित्सा प्रणाली के बारे में।