इडली-डोसा से बारातियों का स्वागत:कोविड के बाद भारत के केटरिंग बाजार में 15% उछाल, हेल्थ-हाइजीन की डिमांड; साउथ इंडियन, गुजराती- लेबनानी फूड हिट

नई दिल्ली13 दिन पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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  • कुकिंग ऑयल, टमाटर महंगे होने से परेशान कटेरिंग इंडस्ट्री
  • बुजुर्गों की पसंद बना गुजराती फूड काउंटर

शादी का पहला सीजन 14 नवंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा। कोविड के बाद लोगों की पसंद और डिमांड बदली है केटरिंग बिजनेस से जुड़े लोगों का ऐसा कहना है। शादियों में परोसे जाने वाले खाने में दुल्हा-दुल्हन के परिवारों की पहली पसंद बन गया है लाइव काउंटर और होम फूड काउंटर।

उत्तर भारत की शादियों में दक्षिण भारतीय व्यंजनों से स्वागत
कोरोना के बाद शादियों में परोसे जाने वाले खाने को लेकर दुल्हा और दुल्हन की फैमिली बहुत सचेत हो गई है। फैशन डिजाइनर हिना राय ने अपने यहां होने वाली शादी में हाइजीन को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी। बकौल हिना, हमारी डिमांड थी कि सभी टेबलों पर पानी का बाेतलें रखी जाए। लाइव काउंटर पर गरमागरम खाना परोसा जाए। हिना ने सलाद को खास तवज्जो नहीं दी, क्योंकि यह बहुत पहले से काटकर रखा जाता है इसलिए सेहत के लिए सही नहीं है। बिहार की हिना कहती हैं, "मैंने खाने के ताजेपन को अहमियत दी। खाना गरम परोसने पर इंफेक्शन होने के चांसजे कम रहते हैं।"

दुल्हनों को भा रहा इडली-डोसा
दुल्हनों को भा रहा इडली-डोसा

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर की मंजू मिश्रा के यहां 20 दिसंबर को उनकी छोटी बहन की शादी हैं। वे बताती हैं कि हमने फूड के साथ-साथ इस बात पर भी जोर दिया है कि केटरर्स मास्क में हों, उनके हाथों में ग्लव्स हो और जब अतिथि काउंटर पर जाएं, तो वे उनको गरमागरम खाना परोसें, हम किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। पेशे से टीचर मंजू कहती हैं, "हम साउथ इंडियन फूड्स का स्पेशल काउंटर रख रहे हैं क्योंकि साउथ इंडियन फूड को हेल्दी माना जाता है।"

शादी के पहले सीजन में दिख रही आशा की किरण
शादी के पहले सीजन में दिख रही आशा की किरण

महंगे तेल का असर फिर भी मुनाफे की उम्मीद
इस सीजन में देशभर में 25 लाख शादियां होने का अनुमान है। इन शादियों में करीब 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस होगा। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि अकेले दिल्ली में 1.5 लाख से ज्यादा शादियां होने की संभावना है। कोरोना की वजह से पिछले दो सालों में केटरिंग व्यवसाय को बहुत नुकसान हुआ है।

लाइव कांउटर पर चीला और डोसा खाने को उमड़े बाराती
लाइव कांउटर पर चीला और डोसा खाने को उमड़े बाराती

उम्मीद है कि इस साल पूरे देश में शादियों के बिजनेस का 15 % फायदा केटरिंग सर्विस को मिलेगा।प्रवीण खंडेलवाल स्वीकारते हैं कि महंगाई बढ़ने के कारण केटरिंग सर्विस देने वालों के सामने ढेरों चुनौतियां रहेंगी। पहले खाना परोसने वाले लड़के कम पैसे में मिल जाते थे लेकिन अब उन्हें अधिक मेहनताना देना पड़ रहा है। एक बड़ा चैलेंज यह भी है कि एक ही क्रॉकरी बार-बार रिपीट नहीं होनी चाहिए। खाने के तेल की कीमतें भी बढ़ गई है।

हेल्थ और हाइजीन का खास ख्याल
हेल्थ और हाइजीन का खास ख्याल

हाइजीन के नाम पर कोई समझौता नहीं
दिल्ली में पिछले 30 सालों से केटरिंग बिजनेस से जुड़े करांची केटरर्स के गौतम खेमानी मानना है कि कोविड के बाद लाेग सेहत की अधिक चिंता करने लगे हैं। इसका असर फूड को लेकर उनकी पसंद-नापसंद पर भी पड़ा है। कोविड के पहले लोग बुफे की ज्यादा डिमांड करते थे लेकिन अब लाइव काउंटर की मांग है। दो दशक से केटरिंग कारोबार से जुड़े प्रेसिडेंशिअल केटरर्स एंड इवेंट्स के धीरज अरोड़ा बताते हैं कि इस सीजन में लाइव के साथ-साथ होम फूड काउंटर की मांग बढ़ी है। हमने इस काउंटर को घर की रसोई नाम दिया है। साउथ इंडियन फूड की भी खूब मांग की जा रही है।

शादियों में सजावट से ज्यादा सेहत को लेकर फिक्रमंद
शादियों में सजावट से ज्यादा सेहत को लेकर फिक्रमंद

नई दिल्ली स्थित द ललित होटल के जनरल मैनेजर विवेक शुक्ला के अनुसार, कोविड के पहले और बाद के मेन्यू में बहुत अंतर आया है। इम्युनिटी बूस्ट करने वाले और ट्रेडिशनल फूड्स भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। डेकोरेशन की तुलना में फूड के मेन्यू को लेकर लोग ज्यादा सवाल पूछने लगे हैं। कोविड प्रोटोकॉल को लेकर सभी बहुत सचेत हैं। कोविड के पहले की शादियों में जापानी फूड सुशी ट्रेंड में था, जो इस सीजन में ट्रेंड में नहीं है।‘’

गिलास के बजाय में पानी परोसा जा रहा
गिलास के बजाय में पानी परोसा जा रहा

गुजराती फूड काउंटर बुजुर्गों का पसंदीदा
कोरोना के बाद सेहत को लेकर आई जागरूकता का नतीजा है कि शादी के खाने में ऑलिव ऑयल से बने फूड की भी डिमाड होने लगी है। क्लाइंट्स इसके लिए एक्सट्रा चार्ज देते हैं लेकिन सेहत के मामले में चौकन्ने हो गए हैं। ‘द ललित होटल’ में परोसे जाने वाले फूड्स में भुनी अदरक और टमाटर का शोरबा, मेथी पालक पापड़ की सब्जी, मेथी मुर्ग और एशियन फूड्स की खास फरमाईश की जाती हैं। प्रेसिडेंशिअल केटरर्स एंड इवेंट्स की ओर से बुजुर्गों के लिए गुजराती फूड काउंटर रखने को भी कहा जाता है। इसमें सेव-टमाटर की सब्जी, बाजरा-रोटी और बैंगन का भर्ता परोसा जाता है।

शुभ विवाह का पहला स्लोगन बना सेहत सबसे ऊपर
शुभ विवाह का पहला स्लोगन बना सेहत सबसे ऊपर

वहीं करांची केटरर्स को प्रीमियम क्लास के कस्टमर से लेबनानी फूड्स के भी ऑर्डर मिले हैं। पिछले दो साल के बाद मार्केट के लिहाज से केटरिंग सर्विस प्राेवाइडर्स खुश हैं। उनका मानना है कि महंगाई भले ही हो पर उसमें एडजस्टमेंट करना पड़ रहा है क्योंकि हम पुराने क्लाइंट्स को जाने नहीं देना चाहते हैं और हेल्दी फूड आज की शादियों की सबसे बड़ी डिमांड है।