E-इश्क:स्टेज पर रॉकी था और उसकी जुबां पर वही गाना था जो कभी वह जोया के लिए गाया करता था

7 महीने पहले
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“भैया जरा तेज चलाओ न!” कैब ठीकठाक स्पीड से सड़क पर भाग रही थी। फिर भी जोया बार-बार कैब ड्राइवर को और तेज चलाने को कह रही थी। आज बरसों बाद जोया इस आस में जा रही थी कि शायद रॉकी का अरसे बाद दीदार कर सकेगी। वह चाहती थी उड़कर रॉकी के गले लग जाए, पर अपने आज की वजह से वह चुप थी।

सोशल मीडिया में वायरल लाइव सिंगिंग कॉन्सर्ट की लोकेशन देख जोया ने रॉकी को देखने का फैसला किया था। यह कॉन्सर्ट जोया के नए शहर इंदौर में हो रहा था। यू-ट्यूब फेम रॉकी अपनी मदहोश आवाज के लिए फेमस था। जोया ने ही उसे यू-ट्यूबर बनने की मशविरा दिया था। जोया और रॉकी के प्यार के किस्से, न सिर्फ उनके कॉलेज में मशहूर थे, बल्कि उनके पुराने बरेली शहर के हर गली-चौराहे, हर मौसम और इसमें बदलते पेड़ों के पत्ते भी इससे वाकिफ थे। इश्क था दोनों में बेपनाह।

जोया लगातार रॉकी की सुनहरी यादों में खोई थी। अचानक स्पीड ब्रेकर से जोर का झटका लगा और एक बार फिर जोया अपने आज में लौट आई। मन में एक डर भी था, रॉकी जिस बुलंदी पर था, शायद अपनी जोया को न पहचाने। फिर भी चेहरे पर मुस्कान लेकर जोया कैब ड्राइवर को फुल स्पीड में चलने को कह रही थी।

'कार है मैडम जी, कोई जहाज तो नहीं। उड़ाकर तो नहीं ले जा सकता।' कैब ड्राइवर ने झुंझलाते हुए कहा।

जोया ने गहरी सांस भरी... और फिर शीशे से बाहर देखती हुई पुरानी यादों में खो गई। उनका इश्क दिनोदिन परवान चढ़ रहा था। दोनों दो से एक होना चाहते थे। एक शाम कॉलेज से लौटने के बाद जोया घर पहुंची तो अब्बा ने उसके निकाह के लिए कई लड़कों के बायोडेटा थमा दिए। सिर पकड़ कर अम्मी से कहने लगे, “आज इसके चचा खालिद ने इसके सारे कु-लक्छन सुना दिए। मैं तो कहीं का न रहा। बेटियों को जैसे-तैसे पढ़ाया कि नाम रोशन करेंगी और यह गैर मजहब के लड़के से इश्क फरमा रही हैं। वाहिदा, अपनी लड़की से कहो, इसमें से एक लड़का चुन लें। मुझे एक हफ्ते में इसका निकाह करना है।” अम्मी रोए जा रही थी और जोया सदमे में एकटक उन दोनों को देख रही थी। उसके मुंह से बस इतना निकला, “आप मुझे गलत समझ रहे हैं, अब्बा। आपको गलतफहमी हो रही है।”

लेकिन जोया को चारदीवारी में कैद कर दिया गया। उसने अम्मी को कई बार अपनी बात समझानी चाही, पर वे अब्बा के आगे कुछ न कह सकीं। अब्बा ने अंतिम फैसला सुना दिया था कि अगर घर से बाहर कदम रखा तो मेरी लाश से गुजरना होगा। जोया को जिस कमरे में बंद किया गया, वह कमरा उसके लिए जेल की बैरक से कम न था। देखते ही देखते जोया की पसंद के बिना उसके लिए शहनाइयां बजवा दी गईं। उसी बात को साफ करने या न जाने किसलिए आज वह फिर रॉकी से मिलने जा रही थी।

तभी साजिद की आवाज गूंजी, “चलिए, आ गया आपका डेस्टिनेशन।” जोया अपने कल से आज में लौट आई। उसे आधे घंटे से होश नहीं था कि उसका शौहर साजिद भी कैब में है। साजिद ने दरवाजा खोलकर जोया के उतरने का इंतजार किया। भीड़ से बचते-बचाते दोनों स्टेज के पास पहुंचे।

तभी भीड़ के बीच से सिक्योरिटी टीम के कुछ मेंबर्स ने जोया और साजिद की तरफ इशारा करते हुए उन्हें फ्रंट सीट पर बैठने के लिए कहा।

जोया ने सीट की तरफ नजरें घुमाई, जिस पर लिखा था, 'रिजर्व्ड सीट: मिस्टर एंड मिसेज जोया अख्तर।'

दोनों सीट पर बैठे ही थे कि शो का पहला गाना जोया को फिर खींचकर कल में ले गया। स्टेज पर रॉकी था और उसकी जुबां पर वही गाना था जो कभी वह जोया के लिए गाया करता था, ‘ओ मेरे दिल के चैन…’ अब जोया को यकीन हो गया था कि जिस प्यार के लिए वो आज की परवाह किए बिना पागल हुई जा रही थी, उसके दिल में प्यार अब भी बाकी है।

- गीतांजलि

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