क्या तुम्हें मुझसे प्यार नहीं:कुंदन के सपनों का महल एक पल में चूर-चूर हो गया

2 महीने पहले
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ऑस्ट्रेलिया जाने की बात सुनते ही कुंदन की आंखों में कस्तूरी से मिलने की उम्मीद जाग गई। ऑस्ट्रेलिया जाते हुए वह बहुत खुश था। उसने लैपटॉप खोला और सोशल साइट्स पर कस्तूरी को सर्च करने लगा।

कस्तूरी के चले जाने के बाद उसे लड़की जाति से ही नफरत हो गई थी। अब वह किसी भी लड़की पर विश्वास नहीं कर पाता था। कस्तूरी के साथ बिताये पल बार-बार उसकी आंखों के सामने चलचित्र की तरह घूमने लगते। उसे गये लगभग 3 साल हो गए थे, लेकिन आज भी कुंदन उसे एक पल के लिए भी भूल न सका था।

आज फिर वह अतीत की यादों में खो गया। उसे याद आया, एक दिन जब वह ऑफिस पहुंचा तो उसकी निगाह एक सुंदर लड़की पर ठहर कर रह गई। रॉयल ब्लू ट्राउजर और लाल टी शर्ट, कानों में मैचिंग इयररिंग… कुंदन सबसे नजरें बचाकर उसे देखने लगा। पहली नजर में उसे वह परी सी लगी।

सबको गुड मॉर्निंग का जवाब देते हुए जब उससे नजरें मिलीं, तो उसने अपना परिचय देते हुए कहा, “आई एम कस्तूरी, न्यू एप्वाइंटमेंट।”

पहली बार किसी लड़की से बात करते हुए कुंदन असहज महसूस कर रहा था। इसकी वजह थी कि कस्तूरी उसे पहली नजर में भा गई थी।

अब तो कुंदन रोज ऑफिस जल्दी आ जाता और कस्तूरी के मिलने, बात करने के बहाने ढूंढता। कस्तूरी को भी कुंदन का साथ अच्छा लगने लगा था। कुंदन दिल की बात तो नहीं कह पाया था, लेकिन दोनों का साथ कॉफी पीने, लंच करने, घूमने-फिरने और ढेर सारी बातें करने का सिलसिला शुरू हो गया।

दोनों बहुत खुश रहने लगे थे। ऑफिस में भी उनके अफेयर के चर्चे शुरू हो गए थे। कस्तूरी के चेहरे पर खुशी देखकर मानो कुंदन का दिन बन जाता। वह मन ही मन उसे इतना चाहने लगा कि कस्तूरी के बिना अपनी दुनिया की कल्पना भी नहीं करना चाहता था। कुंदन उसके साथ घर बसाना चाहता था, उसे दुनिया की हर खुशी देना चाहता था, उसके साथ दुनिया की सैर करना चाहता था।

साथ रहते हुए जब कभी कस्तूरी की नर्म हथेलियां उसके हाथों से टकरा जातीं तो कुंदन का मन उसे बाहों में भर लेने को मचल उठता।

एक दिन थिएटर में जब कस्तूरी के गालों पर कुंदन ने अपने होंठ रखने लगा, तो वह शर्माते हुए बोली,’’ कुंदन, कंट्रोल योरसेल्फ!” कुंदन ने झट से ‘सॉरी’ बोल कर स्थिति संभाल ली थी।

एक शाम कुंदन बीच पर कस्तूरी का इंतजार कर रहा था। तभी वह तेजी से भागती हुई उसके पास आई और खुशी से उसे अपनी बाहों के घेरे में जकड़ लिया। इस अप्रत्याशित आलिंगन से उसकी सारी इंद्रियां तानपुरे के तारों सी तरंगित हो उठीं।

“कुंदन, आज मैं बहुत खुश हूं। मुझे तुमसे कुछ कहना है…” वह जैसे एक सांस में सबकुछ बोल देना चाहती थी।

कुंदन भी उसके मन की बात जानने को उतावला था, उसने कस्तूरी की बात बीच में ही काटते हुए कहा, हां, बोलो कस्तूरी…”

कुंदन शायद प्यार के इजहार की उम्मीद कर रहा था। उसने झट से फिर कहा, “आज मुझे भी तुमसे कुछ कहना है…”

“कुंदन, आज मेरी जिंदगी का बहुत खास दिन है… और ये खुशी मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त के साथ सबसे पहले शेयर करना चाहती हूं। मेरी जॉब ऑस्ट्रेलिया में लग गई है। 20 जून को वीजा इंटरव्यू के लिए जाना है।”

कुंदन की तो जैसे पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके सपनों का महल एक पल में भरभरा कर चूर चूर हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि कस्तूरी की बातों का क्या जवाब दे।

कस्तूरी अब कुंदन के मन की बात जानना चाहती थी। उसने कुंदन को झकझोरते हुए कहा, “अब तुम बताओ, क्या कहने वाले थे?”

कुंदन मन की बात कहने का यह मौका खोना नहीं चाहता था। उसने तुरंत कहा, “आई लव यू कस्तूरी, मैं तुम्हें पहले दिन से बहुत प्यार करता हूं।”

“प्यार तो टाइम पास है कुंदन, यह मेरी लाइफ का गोल्डन चांस है- मेरा करियर। मैं इस मौके को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती।”

“और मेरा प्यार..?” कुंदन ने हैरानी से पूछा।

“ये तुम्हारी प्रॉब्लम है,” कस्तूरी ने बड़ी बेफिक्री से कहा।

“क्या तुम्हें मुझसे प्यार नहीं? कितनी स्वार्थी हो तुम कस्तूरी,” कुंदन पूरी तरह से टूट चुका था।

“तुम्हें तो दूसरी लड़की मिल जाएगी कुंदन, लेकिन मुझे ये मौका फिर नहीं मिलेगा। मैंने फैसला कर लिया है, मैं ऑस्ट्रेलिया जाऊंगी।”

एयर होस्टेस की आवाज से कुंदन की तंद्रा टूटी।

उसने सूप लिया और फिर से प्रोजेक्ट के प्रेजेंटेशन की तैयारी के लिए लैपटॉप में सिर झुका लिया।

- पद्मा अग्रवाल

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