चोरी करने की बीमारी क्लेप्टोमेनिया:अभिनेत्री रूपा दत्ता पुस्तक मेले में जेब काटने के आरोप में गिरफ्तार, कटरीना कैफ पर भी लग चुका है 'इल्जाम'

9 महीने पहलेलेखक: कमला बडोनी
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अभिनेत्री रूपा दत्ता की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर क्लेप्टोमेनिया पर बहस शुरू हो गई है। इस साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर का सबसे बड़ा लक्षण है बेवजह चीजें चुराना। इस बीमारी के कारण, लक्षण और उपाय क्या हैं, इसके बारे में बता रही हैं रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. माधवी सेठ।

एक्ट्रेस रूपा दत्ता को है चोरी की बीमारी
12 मार्च 2022 को रूपा दत्ता को कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में जेब काटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि अभिनेत्री के बैग से 65,760 रुपए मिले हैं, जिसके लिए उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। पुलिस ने दावा किया है कि जांच के दौरान अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि वह भीड़ भरे मेले में लोगों की जेब ढीली कर रही थीं। हैरानी की बात ये है कि रूपा ने यह पहली बार नहीं किया है। उनके बैग से एक डायरी भी मिली, जिसमें वह अपनी चोरी का हिसाब रखती हैं।

अभिनेत्री रूपा दत्ता की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वह क्लेप्टोमेनिया डिसऑर्डर की शिकार हैं और इसीलिए चीजें चुराती हैं।
अभिनेत्री रूपा दत्ता की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वह क्लेप्टोमेनिया डिसऑर्डर की शिकार हैं और इसीलिए चीजें चुराती हैं।

करण जौहर ने कटरीना कैफ को कहा 'क्लेप्टोमेनिक'
करण जौहर ने अपने चैट शो 'कॉफी विद करण' में मजाक करते हुए अभिनेत्री कटरीना कैफ की खिंचाई की थी। करण के शो में एक वीडियो चलाया गया, जिसमें कटरीना के करीबी दोस्तों ने अभिनेत्री के बारे में बातें कीं। इस वीडियो में उनकी एक दोस्त, सेलिब्रिटी ट्रेनर यास्मीन कराचीवाला ने मजाक में कहा कि कटरीना एक चोर और बदमाश हैं। उन्हें यास्मीन के वर्कआउट कलेक्शन को टटोलने और चीजें उठाकर उन्हें अपना कहने की आदत है।

मजे की बात ये है कि अभिनेत्री मिनी माथुर भी इस वीडियो का हिस्सा थीं और उन्होंने भी कटरीना के बारे में कुछ ऐसा ही कहा। मिनी ने बताया कि कटरीना को जो भी चीज पसंद आती है, तो वह कह देती हैं कि ये बहुत अच्छा है, इसे मैं रख लेती हूं। दिलचस्प बात ये है कि इस वीडियो में कटरीना की खिंचाई करते हुए एक्टर वरुण धवन ने भी सबकी हां में हां मिलाई और कटरीना की इस आदत की पुष्टि की।

इस मनोरोग में लोग लालच के लिए चीजें नहीं चुराते, बल्कि उन्हें चीजें उठाने की इतनी तेज हुड़क उठती है कि वे खुद को रोक नहीं पाते।
इस मनोरोग में लोग लालच के लिए चीजें नहीं चुराते, बल्कि उन्हें चीजें उठाने की इतनी तेज हुड़क उठती है कि वे खुद को रोक नहीं पाते।

कंगना रनोट की फिल्म में हो चुका है इसका जिक्र
अगर आपने कंगना रनोट की फिल्म ‘सिमरन’ देखी है, तो आपको याद होगा कि इसमें अभिनेत्री ने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है, जो बहुत चुलबुली है, मगर क्लेप्टोमेनिया की शिकार है। फिल्म में कंगना बेवजह चीजें चुराती हैं। इस फिल्म के बाद क्लेप्टोमेनिया पर खूब चर्चा हुई और इस मनोरोग के बारे में आम लोगों को भी पता चलने लगा।

वो लड़की हॉस्टल से चीजें चुराने लगी
रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. माधवी सेठ ने हमें क्लेप्टोमेनिया की शिकार एक लड़की के बारे में बताया, जो हॉस्टल में अन्य छात्रों की चीजें चुराती थी। जब से हॉस्टल में उस लड़की का एडमिशन हुआ, तब से अन्य छात्रों की चीजें गायब होने लगीं। बच्चों को उस पर शक तो हुआ, लेकिन वो उसे रंगे हाथों पकड़ना चाहते थे। फिर उस लड़की ने अपनी रूम मेट का टूथपेस्ट चुराया और उसे बाथरूम में फैला दिया। जब इस बात का खुलासा हुआ और लड़की से इस बारे में पूछा गया, तो उसने चीजें चुराने की बात मान ली। फिर उस लड़की की काउंसलिंग शुरू हुई। इस मनोरोग में लोग लालच के लिए चीजें नहीं चुराते, बल्कि उन्हें चीजें उठाने की इतनी तेज हुड़क उठती है कि वे खुद को रोक नहीं पाते। चीजें उठाने के बाद उन्हें एक अजीब सी मानसिक संतुष्टि मिलती है।

इन्हें देखकर रोग का पता नहीं चलता
डॉ. माधवी कहती हैं कि क्लेप्टोमेनिया के रोगियों को देखकर ये पता लगाना मुश्किल है कि इन्हें कोई मानसिक तकलीफ है। ये बिल्कुल नॉर्मल व्यवहार करते हैं, लेकिन जब इन्हें कुछ चुराने की इच्छा होती है, तो ये चुपचाप चोरी कर लेते हैं और किसी को कानों-कान खबर नहीं होती। ये लोग किसी लालच में चीजें नहीं चुराते, बस इन्हें ऐसा करने में बड़ी तसल्ली होती है, जिससे इनकी मानसिक स्थिति को राहत पहुंचती है।

क्लेप्टोमेनिया के रोगी बड़ी चालाकी से चीजें चुराते हैं और किसी को कानों-कान खबर नहीं होती।
क्लेप्टोमेनिया के रोगी बड़ी चालाकी से चीजें चुराते हैं और किसी को कानों-कान खबर नहीं होती।

क्लेप्टोमेनिया की वजह और उपाय
ये इम्पल्स कंट्रोल से जुदा एक गंभीर मनोरोग है, जिसमें रोगी का अपनी भावनाओं और बर्ताव पर काबू नहीं होता। वो बिना जरूरत और लालच के चीजें चुराता है। डॉ. माधवी कहती हैं, “जिन लोगों को बचपन में प्यार और अटेंशन नहीं मिलता या बार-बार उन्हें रोका-टोका जाता है, तो उनके मन में अटेंशन पाने की चाहत इतनी बढ़ जाती है कि इसके लिए वो चोरी तक करने लगते हैं। इस मनोरोग का पता जल्दी चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है।” यदि आपके आसपास भी कोई ऐसा है जो बेवजह चीजें उठा लेता है, तो उसकी इस हरकत को नजरअंदाज न करें।

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