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एक्यूप्रेशर:माइग्रेन, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क और पीरियड जैसी कई बीमारियों में है बेहद कारगर, विशेषज्ञ से जानें कैसे होता है इलाज

2 महीने पहले
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एक्यूप्रेशर एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। इसके तहत शरीर के विभिन्न हिस्सों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दबाव डालकर बीमारियों का इलाज किया जाता है। हमारे शरीर के मुख्य अंगों के प्रेशर पॉइंट्स पैरों के तलवे और हथेलियों में होते हैं। इन प्रेशर पॉइंट्स को दबाया जाए या फिर मसाज की जाए तो कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं। हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पूरक एवं ​वैकल्पिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृत लाल गुरुवेंद्र से जानें कौन-कौन सी बीमारियों का इलाज इससे किया जाता है...

एक्यूप्रेशर क्या है? डॉ. अमृत लाल गुरुवेंद्र बताते हैं कि इलाज का बहुत पुराना तरीका है। एक्यू यानी नुकीला या नोंकदार वस्तु और प्रेशर यानी दबाव डालना। आयुर्वेद में इसका वर्णन मर्म थेरेपी, सुचि भेदन और अभ्यंग के नाम से है। उनका कहना है, ' इलाज की इस प्रक्रिया दो भागों में बंटी है- एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर विधि से उपचार किया जाता है। एक्यूपेशर में शरीर के महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर मैथी दाना, स्टोन, बीज व अन्य अनाजों के जरिये दबाव डाला जाता है। वहीं एक्यूपंक्चर में नीडल्स् को चुभोकर पॉइंट्स से हवा निकाल कर इलाज किया जाता है। यह विधि महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होती है। महिलाओं का कान-नाक छिदवाना, बिछुए, पायल और बाजू बंद जैसे गहने भी इसी का हिस्सा हैं।

150 से अधिक विधि से होता है इलाज
डॉ. अमृत लाल गुरुवेंद्र के मुताबिक, एक्यूप्रेशर के तहत दुनिया भर में 150 से अधिक विधियों से इलाज किया जाता है। इनमें से 50 से अधिक तो भारत में ही प्रचलित हैं। हमारे विभाग में ही 6 से अधिक विधियों से इलाज किया जाता है।

  • आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर
  • सुजोक थेरेपी
  • पीसीएम एक्यूपंक्चर
  • इलेक्ट्रो एक्यूपंक्चर
  • रिफ्लेक्सोलॉजी
  • कलर थेरेपी
  • सियासु थेरेपी

इन बीमारियों में है बेहद कारगर
साइनस, माइग्रेन, साइटिका, सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, पीरियड, कब्ज, कफ व कोल्ड, लीवर, पाइल्स, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर का हाई और लो होना, अर्थराइटिस, दमा, घुटनों का दर्द, जकड़न, सूजन समेत कई लाइलाज बीमारियों का भी इस पद्धति से इलाज होता है।

इलाज में लगता है कितना वक्त?
गुरुवेंद्र का कहना है कि जब लोग मेडिकल साइंस से निराश हो जाते हैं, तब हमारे यहां आते हैं। अगर शुरुआत में आद जाएं तो जल्दी रिकवर हो सकते हैं। शुरुआत में कम से कम नौ दिन इलाज लगातार कराना होता है। अगर कोई समस्या एक साल पुरानी है, तो उसे ठीक होने में 10 से 15 दिन लग जाएंगे। वहीं अगर कोई बीमारी 10 साल पुरानी है, तो उसके इलाज में 1 से 3 माह लग जाएंगे।

एक्यूप्रेशर के फायदे

  • माइग्रेन, साइटिका समेत कई बीमारियों में कारगर
  • तनाव, बैचेनी और घबराहट जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं
  • नींद न आने की समस्या से भी निजात मिलती है
  • मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है
  • पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं
  • गठिया रोग से छुटकारा मिलता है
  • कीमोथेरेपी के बाद होने वाली मतली में आराम आता है
  • ब्लड सर्कुलेशन दुरुस्त रखने में मददगार है

एक्यूप्रेशर के साइड इफेक्ट्स
एक्यूप्रेशर चिकित्सा किसी विशेषज्ञ से ही कराएं। घर में या फिर किसी से यूं ही पॉइंट्स न लगवाएं।

  • गलत बिंदुओं पर दबाव डालने से कोई दूसरी समस्या हो सकती है
  • बहुत अधिक दबाव डालने से शरीर के उस अंग में फ्रैक्चर या चोटिल होने का खतरा रहता है
  • कैंसर, दिल की बीमारी या फिर कोई पुरानी बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही ये इलाज कराएं