मेंटल हेल्थ जरूरी है:डिप्रेशन, एंग्जायटी से बचना है और मेमोरी को करना है शार्प तो आज ही थाली में शामिल करें ये सुपर फूड्स

5 दिन पहलेलेखक: मीना
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बढ़ते अमेरिकन कल्चर की वजह से भारतीयों की थाली में भी शुगर और स्टार्च की मात्रा बढ़ी है। ये दोनों ही कंपोनेंट डिप्रेशन और एंग्जायटी को बढ़ाने वाले माने जाते हैं। जंक फूड और मैदा से बने फूड का चुनाव मोटापा, डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बना है। ये फूड मेंटल हेल्थ पर भी असर डालते हैं। फूड फिक्स किताब के लेखक डॉ. मार्क हाइमन ने अपनी किताब में लिखा है कि हार्ट डिजीज, डायबिटीज और कैंसर से ज्यादा मेंटल इलनेस का बोझ इकोनॉमी पर बढ़ रहा है। देश का युवा मानसिक बीमारियों से परेशान है जिस वजह से प्रोडक्टिविट पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि सही खानपान को चुना जाए जिससे मेंटल हेल्थ को ठीक रहे।

खानपान और मेंटल हेल्थ का सीधा-सीधा संबंध
खानपान और मेंटल हेल्थ का सीधा-सीधा संबंध

दिल्ली में मेडिकल वर्ल्ड फॉर यू की न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. शैली तोमर का कहना है कि हमारे शरीर में ब्रेन सबसे जरूरी पार्ट है। हमारा दिमाग शरीर का लगभग 2 प्रतिशत होता है पर इसे 20 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट चाहिए होता है। वहीं, हमारा ब्रेन 60 प्रतिशत फैट से बना होता है तो इसलिए डाइट का एक प्रमुख हिस्सा ब्रेन मेनटेनेंस में खर्च होता है। इसलिए मेंटल इलनेस से बचने के लिए न्यूट्रीशनल मेडिसिन पर ध्यान देना जरूरी है। शरीर में ओमेगा-3 फैट, जिंक, मैग्निशियम, विटामिन डी और बी विटामिन की कमी मानसिक बीमारियों पैदा करता है। इसलिए युवाओं को बैलेंस और हेल्दी डाइट पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वो मेंटल हेल्थ में दवा का काम करती है। यहां हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए ताकि मेंटल हेल्थ ठीक रहे।
ओमेगा 3 फैटी एसिड्स बचाते हैं डिप्रेशन से
ओमेगा 3 फैटी एसिड्स ब्रेन के फंक्शन के लिए जरूरी होते हैं। अखरोट, अलसी, मछली और चिया सीड्स जैसे फूड्स ओमेग 3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। ये फूड मेंटल हेल्थ को बूस्ट करने का काम करते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मेमोरी को शार्प करते हैं और मस्तिष्क को अर्थराइटिस जैसी बीमारियों से बचाते हैं। इपीए और डीएचए दो तरह के ओमेगा 3 फैटी एसिड्स होते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड्स डिप्रेशन से भी बचाते हैं।
विटामिन डी करेगा मेमोरी को शार्प
सर्दियों में जब धूप नहीं मिल पाती तो मूड सुस्त होने लगता है। इसका मतलब है कि विटामिन डी मूड को रेगुलेट करता है। विटामिन डी की कमी मेमोर लॉस, डिप्रेशन और शिज्रोफेनिया तक का शिकार करा देती है। सूरज की रोशनी के अलावा विटामिन डी मछली, मीट, मशरूम्स और फोर्टीफाइड फूड्स में भी पाया जाता है।

विटामिन डी मूड को अच्छा बनाता है
विटामिन डी मूड को अच्छा बनाता है

परीक्षा करनी है पास तो कोलिन रिच फूड्स लें
कोलिन एक तरह का ब्रेन का केमिकल है। ये नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी न्यूट्रीशन है। कोलिन से भरपूर फूड दिमाग की फंक्शनिंग, मेमोरी शार्पनेस और कंसंट्रेशन को बढ़ाते हैं। कोलिन रिच फूड स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट और वे बच्चे जो कंपीटेटिव एग्जाम्स की तैयारियां कर रहे हैं उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है। कोलिन मशरूम, अंडा, मछली, सोयाबीन और ब्रोकली में पाया जाता है।
सेराटोनिन रिच फूड करेंगे मूड खुश
सेराटोनिन एक ब्रेन केमिकल होता है। यह मूड को खुश करता है और हैपी फीलिंग जनरेट करता है। कई एंटी-डिप्रेशन मेडिसिन्स में सेराटोनिन पाया जाता है, लेकिन आप ऐसे फूड को चुन सकते हैं जो सेराटोनिन रिच हों। बादाम, दही, केला, कच्चा केला, अंडा, अनानास और कद्दू के बीज सेराटोनिन से भरपूर होते हैं।

मेंटल पीस में फायदेमंद है मैंग्नीशियम
मेंटल पीस में फायदेमंद है मैंग्नीशियम

दिमाग को शांत करेंगे मैग्निशियम से भरपूर फूड्स
मैंग्निशियन एक जरूरी खनिज है जो मेमोरी को बढ़ाने और सीखने की क्षमताओं को बढ़ाता है। जो लोग दिमाग से शांत नहीं रहते उनमें मैंग्निशियम की कमी देखी जाती है। मैंग्निशियम दिमाग को शांत करता है। यह कद्दू के बीज, बादाम, पालाक, काजू, मूंगफली और डार्क चॉकलेट में पाया जाता है।
मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए सही फूड को चुनना जरूरी है। ऐसे फूड जो दिमागी शांति दें, मेमोरी को शार्प करें और दिमागी उनींदेनप से दूर रखें उन्हें डाइट में शामिल करके देश का युवा देश की इकोनॉमी और बेहतर तरीके से भागीदारी दे पाएगा।

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