डेड बट सिंड्रोम:क्या आप जानते हैं, हमारे दिमाग को ही नहीं, हिप्स को भी हो सकती है 'भूलने की बीमारी'

2 महीने पहलेलेखक: राधा तिवारी
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  • डेड बट सिंड्रोम क्या है, जानिए इसके लक्षण
  • वर्क फ्रॉम होम में बढ़ी डेड बट सिंड्रोम की समस्या

पिछले साल मार्च से वर्क फ्रॉम होम कर रही पिंकी का कहना है, “कई दिनों से मुझे यह महसूस हो रहा था कि मुझे पीठ और घुटनों में दर्द हो रहा है। वर्कआउट करने पर भी यह ठीक नहीं हुआ। फिर मैंने डॉक्टर को कंसल्ट किया। कई टेस्ट के बाद मुझे पता लगा कि लगातार एक ही पोजीशन में काम करने से मुझे ‘डेड बट सिंड्रोम’ जैसी बीमारी हो गई है।

एक ही पोजीशन में बैठने से दिक्कत

अक्सर कई लोग घंटों अपनी सीट पर बैठे रहते हैं। वो ये नहीं समझते कि लगातार 45 मिनट से अधिक बैठना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। कुछ लोग अपनी सीट पर बैठकर ही लंच भी कर लेते हैं। कोविड महामारी की वजह से ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. उनका पूरा दिन घर और ऑफिस के काम में बीत जाता है और उन्हें वर्कआउट का समय नहीं मिलता।

एक ही पोजीशन में काम करना खतरनाक
एक ही पोजीशन में काम करना खतरनाक

कम होता है ब्लड सर्कुलेशन

डेड बट सिंड्रोम एक ही पोजीशन में बैठने से होता है। इसकी चपेट में आने से गलूटेन मेडियस नामक बीमारी घेर लेती है, जिससे सामान्य रूप से काम करने में परेशानी होने लगती है। इस प्रॉब्लम के दौरान व्यक्ति के ग्लूटस मेडियस (कूल्हे की हड्डी) में सूजन आ जाती है और सामान्य रूप से काम करना मुश्किल हो जाता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जब हम लंबे समय तक एक ही तरह से बैठते हैं तो ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है।

डेड बट सिंड्रोम से ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी
डेड बट सिंड्रोम से ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी

कूल्हे को भी भूलने की बीमारी

केवल हमारा दिमाग ही नहीं है जिसे भूलने की आदत हो, बल्कि बट्स भी भूलने की बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। दरअसल, यह एक मेडिकल कंडीशन है, जिसे डेड बट सिंड्रोम (Dead Butt Syndrome) या ग्लूटेल एम्नेसिया (Gluteal Amnesia) कहा जाता है।

डेड बट सिंड्रोम के कारण

लगातार घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले लोग अक्सर हिप्स के सुन्न हो जाने की समस्या का सामना करते हैं। इस समस्या को डेड बट सिंड्रोम कहते हैं। डेड बट सिंड्रोम के कारण देर तक बैठे रहने से कूल्हे और उसके आसपास का हिस्सा सुन्न हो जाता है। अगर आपको भी यह समस्या हो रही है तो इसके बचाव के लिए कुछ एक्सरसाइज को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

देर तक बैठे रहने से परेशानी
देर तक बैठे रहने से परेशानी

डेड बट सिंड्रोम के लक्षण

  • पीठ, घुटनों और एड़ियों में दर्द होना
  • हिप्स में खिंचाव महसूस होना
  • हिप्स के निचले हिस्से, कमर में झनझनाहट होना
  • कूल्हों के आसपास सुन्न होना, जलन और दर्द रहना
डेड बट सिंड्रोम से कूल्हों के आसपास सुन्न होना
डेड बट सिंड्रोम से कूल्हों के आसपास सुन्न होना

डेड बट सिंड्रोम के उपाय

अगर पहले से ही इस बीमारी से बचा जाए तो अच्छा है। यह बीमारी ऑफिस जाने वाले लोगों में अधिक होती है, लेकिन वे इसे नजर अंदाज कर देते हैं। इससे बचने के लिए कुछ ना कुछ एक्टिविटी करते रहें, जैसे-

  • ऑफिस में लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
  • 30 से 45 मिनट में अपनी सीट से उठते रहें
  • आलथी-पालथी बनाकर बैठें
  • 30 से 45 मिनट में स्ट्रेचिंग करते रहें
  • हर रोज 30 मिनट वॉक जरूर करें
  • ऑफिस में वक्त मिलने पर भी वॉक कर सकते हैं
एक्सरसाइज को अपने रूटीन में करें शामिल
एक्सरसाइज को अपने रूटीन में करें शामिल

क्या कहते हैं योग एक्सपर्ट
योग एक्सपर्ट कमलेश मिश्रा का कहना है कि कोविड के दौरान यह काफी ज्यादा देखने को मिला है कि लोगों को कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। जिसमें पीठ दर्द, हाथ-पैर में सूजन और कूल्हे का सुन्न हो जाना आदि शामिल हैं।

कमलेश मिश्रा, BAMS आयुर्वेद, एमएससी, योगिक विज्ञान, PGDYN योग और प्राकृतिक चिकित्सा
कमलेश मिश्रा, BAMS आयुर्वेद, एमएससी, योगिक विज्ञान, PGDYN योग और प्राकृतिक चिकित्सा

कमलेश कहते हैं कि कई तरह के योग से लोगों की इस समस्या का समाधान किया जा रहा है। पहले लोग योग के लिए हमारे संस्थान आते थे, लेकिन कोविड के बाद से ऑनलाइन क्लासेज की डिमांड बढ़ गई है। पुरुषों के साथ अब घर की महिलाएं भी अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हुई हैं।

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