सैनिटरी पैड्स:क्या इसे फेंकने का सही तरीका जानती हैं आप?

2 महीने पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
  • कॉपी लिंक

सेमिनार, वर्कशॉप और शॉर्ट फिल्म्स की देन है कि आज सैनिटरी पैड्स और पीरियड्स पर बातें होने लगी हैं। फिर भी भारत में आज महिलाओं, टीन-एजर्स का एक बड़ा तबका ऐसा है, जो इस पर बात करने से कतराता है। इसे खरीदने से लेकर डिस्पोज करने तक में उनकी हिचक अक्सर दिख जाती है।

इस पर बात करने वाली लड़कियों को फूहड़ और बेशर्म कहा जाता है। ऐसे में सोचिए, जब मेंसट्रूअल प्रॉब्लम्स पर बात करने में इतनी हिचकिचाहट होती है, तो इसमें इस्तेमाल किए गए गंदे, बदबूदार नैपकिन्स को डिस्पोज करने की बात लोगों को कितनी गैर-जरूरी लगती होगी! इस गंभीर विषय पर बात करने के लिए आज हमारे साथ जुड़ी हैं डॉ. श्रद्धा सुमन, जो बताएंगी सैनिटरी पैड्स को डिस्पोज करते हुए हमें किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

मेंसट्रूअल कप्स का बाजार हर दिन बढ़ता जा रहा है, जो कि सिलिकन से बना होने के साथ-साथ रिसाइक्लेबल भी होता है। इसके साथ ही टैम्पोन के विकल्प भी बाजार में मौजूद हैं, फिर भी कई महिलाएं इसके इस्तेमाल को लेकर श्योर नहीं होती हैं। उन्हें सैनिटरी पैड्स की बजाय कप्स का इस्तेमाल में असहजता महसूस होती है। एक ओर जहां प्लास्टिक वेस्ट को कम करने की बात उठ रही है, वहीं दूसरी ओर पैड्स को गलत तरीके से डिस्पोज करने की वजह से ये कचरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

अब सवाल ये उठता है कि इसे डिस्पोज करने का सही तरीका क्या है? क्योंकि हम में से ज्यादातर महिलाओं ने इसे इस्तेमाल करना तो सीख लिया है, लेकिन इसे डिस्पोज करने का सही प्रक्रिया हमारी जानकारी से कोसों दूर है।

क्या होता है इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड्स का?

नैपकिन्स की ऊपरी लेयर पॉलीप्रोपोलीन से बनी होती है। जबकि ब्लड सोखने के लिए इसमें वुड पल्प को सुपर एबसोर्बेंट पॉलीमर्स के साथ मिलाया जाता है, जिससे पैड लीक प्रूफ बना रहे। जिन कूड़े के ढेर में हम पैड्स डिस्पोज करते हैं, उन्हें एक एक जगह इक्कठा करके बायोडिग्रेडेबल और नॉन बायोडिग्रेडेबल वेस्ट के तौर पर अलग किया जाता है। आप जानकर हैरान रह सकती हैं कि ये करने का काम किसी मशीन का नहीं, बल्कि आपके-हमारे जैसा इंसान का होता है। इस काम को करते हुए कई बार वे संक्रमण और गम्भीर बिमारियों के शिकार हो सकते हैं।

डॉ श्रद्धा सुमन कहती हैं कि भारत एक बड़ी आबादी वाला देश है, जहां कूड़ा डिस्पोज करने के सही तरीके से ज्यादातर लोग अनजान हैं, कूड़ा शहर से बाहर कहीं दूर लैंडफिल्स में डंप कर दिया जाता है । अब भी 20 से 30% लैंडफिल्स में इसी तरह का कचरा होता है, जो हमारे मेंसट्रूअल पीरियड्स में इस्तेमाल होता है।

पैड डिस्पोजिंग का ये तरीका पहुंचाता है प्रकृति को नुकसान

पैड को जलाने से बचें। इसमें मौजूद प्लास्टिक हवा में ज्यादा से ज्यादा कार्बन फूट-प्रिंट जेनेरेट करता है।

लोग इसे न्यूज पेपर में लपेट कर फेंकते हैं। पेपर में मौजूद लीड की वजह से सॉइल पॉल्युशन बढ़ता है।

क्या है डिस्पोजिंग का सही तरीका?

अगर हम अपने घरों में ही पैड्स को गीले कचरे के डब्बे में डाल दें, तो वो री-सायकल हो सकता है।

पैड डिस्पोज करते समय सफेद कागज या टिश्यू का इस्तेमाल करें। यूज किए हुए पैड को इसमें अच्छी तरह लपेटकर लाल पेन या मार्कर से क्रॉस का निशान बना दें, जिससे पता चल सके कि इसमें यूज्ड पैड है।

खबरें और भी हैं...