आयुर्वेदिक लाइफस्टाइल:एक चम्मच सब्जा खाएं, पीरियड्स में नहीं होगी तकलीफ, स्पर्म काउंट बढ़ेगा

नई दिल्ली9 दिन पहलेलेखक: निशा सिन्हा
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एक खास प्रजाति के तुलसी के पौधे के बीज को ही सब्जा कहते हैं। मीठी तुलसी के बीज का स्वाद नहीं होता लेकिन उनमें पानी सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। सब्जा को तखमरिया भी कहा जाता है। इस बीज को पानी में भिगोकर मुलायम बनाकर खाया जाता है।
इसमें किसी तरह का स्वाद नहीं होता है लेकिन मुलायम और चिकना होने के कारण खाने में मजेदार लगता है। इस सब्जा के बीज को मेडिसिन की तरह उपयोग किया जाता है। इसके बीज स्वभाव में मधुर, शीतल, चिकने, शक्ति देने वाले होते हैं। यह रक्त स्तम्भक भी माना गया है। यह हार्ट अटैक की आशंका को कम करता है।

फोड़े-फुंसियों से मिलेगा छुटकारा
गर्मी के मौसम में पित्त बढ़ जाने के कारण त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा प्रदर रोग, गर्भाशय की गर्मी जैसी बीमारियों में यह सीड्स मेडिसिन की तरह काम करते हैं। इन बीजों में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। गर्मी के कारण एसिडिटी रहती हो, यूरिन रुक-रुक कर आता हो और यूरिन के दौरान जलन हो रही हो।
इसके अलावा गर्मी आते ही त्वचा पर फोड़े-फुंसियां निकलने लगे हो। गर्मी की वजह से बार-बार सिरदर्द की दिक्कत पेश आ रही हो, तो इसे लेना फायदेमंद होता है। सब्जा के बीजों में डायटरी फाइबर्स काफी मात्रा में होते हैं। यह फाइबर पेट को भरा होने का अहसास कराता है। इससे भूख नहीं लगती और यह वजन को कम करने में मदद करता है। यह फैट और कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देता है।

पीरियड्स प्रॉब्लम होगी दूर
जिन महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतें हो रही हो, अधिक मासिक की वजह से शरीर का रंग हल्का पड़ गया हो। इस वजह से कमजोरी सी महसूस हो रही हो, तो 2 कप सादे पानी के अंदर दो चम्मच सब्जा के बीज रात को भिगो कर रख दें। सुबह इसमें एक चम्मच मिश्री मिलाकर खाली पेट पी लें। इस प्रयोग को 3 से 6 महीने तक करें।
सब्जा के सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में है। दोपहर को भिगोने के बाद रात को इसकाे दूध के साथ लिया जाए, तो यह कब्ज की तकलीफ को दूर करता है। चिकना गुण होने के कारण पेट आसानी से साफ हो जाता है।

इसके सीड्स के अंदर पेक्टिन तत्व होता है। यह एक तरह का घुलनशील फाइबर होता है। यह आंतों को प्रोबायोटिक बेनिफिट्स देता है। जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होता है, उसके लिए यह आयरन का सबसे शानदार स्रोत है। हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रात को भिगोए हुए सब्जा के सीड्स दिन में और दिन को भिगोए हुए सीड्स रात को खाएं।
इसके सीड्स के अंदर पेक्टिन तत्व होता है। यह एक तरह का घुलनशील फाइबर होता है। यह आंतों को प्रोबायोटिक बेनिफिट्स देता है। जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होता है, उसके लिए यह आयरन का सबसे शानदार स्रोत है। हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रात को भिगोए हुए सब्जा के सीड्स दिन में और दिन को भिगोए हुए सीड्स रात को खाएं।

पुरुषों की बीमारियों का कारगर इलाज जिन पुरुषों को वीर्य कम बन रहा हो। स्वप्न दोष अधिक हो रहा हो, यूरिन के साथ वीर्य चला जा रहा हो। टेस्टिकल कमजोर हो गए हो और उसमें स्पर्म उत्पादन करने की क्षमता घट गई हो।
ऐसी स्थिति में एक चम्मच सब्जा का बीज, एक चम्मची शुद्ध मक्खन, एक चम्मच मिश्री और एक चम्मच आंवला का मुरब्बा सुबह मिक्स करके खाली पेट लें। इसे खाने के बाद एक कप मलाई वाला गाय का दूध जरूर पिएं। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन काफी मात्रा में होता है इस कारण मांसपेशियां और हडि्डयां मजबूत रहती है।

यह एंटीफ्लामेट्री और एंटी कार्सिनोजेनिक प्रोपर्टी होते हैं। इसमें अव्छे प्लांट केमिकल्स होते हैं जैसे पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवनॉयड्स। इसे रेगुलर खाने से कैंसर के रिस्क कम होते हैं और हार्ट डिजीज की आशंका कम रहती है। इसमें मौजूद पेक्टिन की वजह से कॉलेस्टेरॉल का लेवल कम होता है।
यह एंटीफ्लामेट्री और एंटी कार्सिनोजेनिक प्रोपर्टी होते हैं। इसमें अव्छे प्लांट केमिकल्स होते हैं जैसे पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवनॉयड्स। इसे रेगुलर खाने से कैंसर के रिस्क कम होते हैं और हार्ट डिजीज की आशंका कम रहती है। इसमें मौजूद पेक्टिन की वजह से कॉलेस्टेरॉल का लेवल कम होता है।

सौंदर्य का सबसे अच्छा साथी
बाल टूट रहे हो, बहुत ज्यादा झड़ रहे हो, बालों से चमक गायब हो गई हो, इन सब प्राॅब्लम्स को दूर करने हो, तो रात को 2 चम्मच सब्जा के बीच पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इसे पिएं।

यह सीड्स इस्ट्रोजन के स्तर को कम करता है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को इसे लेने से बचना चाहिए। यह भी पाया गया है कि कई बार इसको लेने से लूज मोशन की आशंका रहती है, इसलिए इसके अधिक इस्तेमाल से परहेज करें। दिनभर में 2 चम्मच सब्जा काफी है।
यह सीड्स इस्ट्रोजन के स्तर को कम करता है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को इसे लेने से बचना चाहिए। यह भी पाया गया है कि कई बार इसको लेने से लूज मोशन की आशंका रहती है, इसलिए इसके अधिक इस्तेमाल से परहेज करें। दिनभर में 2 चम्मच सब्जा काफी है।

कब खाने से बचना जरूरी
बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि कई बार पानी में ठीक तरह से नहीं फूलने की वजह से उनको निगलने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही कभी किसी तरह की सर्जरी करानी हो, तो कम से कम 10 दिन पहले इसको लेना बंद कर देना चाहिए क्योंकि इसमें एक तरह का ऑयल होता है, जो खून के थक्के बनाने की प्रक्रिया को कम करते हैं।

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