नींद से जागते ही क्यों चिपकती हैं आंखें:आई डिस्चार्ज, लालिमा, आंसू की नली में रुकावट हो सकती है वजह

नई दिल्ली2 महीने पहलेलेखक: मरजिया जाफर
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आंखों से पीला, चिपचिपा या पपड़ीदार पदार्थ निकलने को 'आंखों का कीचड़' कहते हैं। यह एक नॉर्मल प्रॉब्लम है और किसी भी उम्र में हो सकती है। लेकिन आंखों से लंबे समय से डिस्चार्ज हो रहा है, तो यह कई बीमारियों का कारण हो सकता है। आंखों से डिस्चार्ज होना किन बीमारियों का संकेत है, इसके बारे में जानते हैं कानपुर मेडिकल कॉलेज की आई स्पेशलिस्ट डॉ. शालनी मोहन से।

कंजंक्टिवाइटिस

कंजंक्टिवाइटिस की वजह से आंखों में डिस्चार्ज की समस्या हो सकती है। आंखों में लालिमा और जलन भी हो सकती है। कंजंक्टिवाइटिस की प्रॉब्लम वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी की वजह से होती है। ज्यादातर लोगों को कंजंक्टिवाइटिस कमजोर इम्यूनिटी और वायरस की वजह से होता है। ऐसे में इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है।

ब्लेफेराइटिस

ब्लेफेराइटिस होने से भी आंखों में कीचड़ आता है। यह प्रॉब्लम बैक्टीरियल इन्फेक्शन की वजह से होती है। इस परेशानी की वजह से पलकों के निचले हिस्से में सूजन आ सकती है और आंखों से पीले रंग का पस निकलता है। बैक्टीरिया की वजह से कंजंक्टिवाइटिस होता है, इस परेशानी को पिंक आई भी कहते हैं। इसकी वजह से आंखें गुलाबी और सूजी हुई दिखती हैं।

गुहेरी

आंखों में मौजूद ग्रंथियां बंद होने की वजह से गुहेरी की परेशानी होती है। इसकी वजह से आंखों में सूजन, उभार, खुजली और दर्द की परेशानी हो सकती है। हालांकि, गर्म सिकाई करने पर गुहेरी की परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

आंखों में चोट

कॉर्निया में चोट या निशान पड़ने जैसी समस्याओं की वजह से आंखों में कीचड़ की परेशानी होती है। इस परेशानी से ग्रसित व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे कि आंखों में कुछ चला गया है। जब आंख में चोट लगने से इंफेक्शन फैलता है, तो इसकी वजह से गाढ़ा रिसाव हो सकता है।

आंसू की नली में रुकावट

डॉ. शालिनी कहती हैं कि आंसू की नलिका में रुकावट या ज्यादा आंसू बनने की वजह से आंखों में चिपचिपा और गाढ़ा रिसाव हो सकता है। इस वजह से आंखों के आसपास दर्द होता है। आंखों से किसी भी तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो धूल-मिट्टी, धूप से आंखों को बचाने के लिए सनग्लासेज का इस्तेमाल करें।

आंखों से डिस्चार्ज होने पर कैसे करें साफ

आंखों में कीचड़ होने पर गुनगुने पानी से आंखों की सफाई करें। इसके लिए एक बाउल में गुनगुना पानी लेकर कॉटन के कपड़े को भिगो दें। इसके बाद इस कपड़े से आंखों की सफाई करें। इसके अलावा गुलाब जल की मदद से भी आंखों की सफाई कर सकते हैं।

बच्चों की आंखें लाल होने की वजह

बच्चे की आंखें बार-बार लाल हो रही हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं। घरेलू उपाय अपनाकर इसे ठीक कर सकते हैं। कई बार बच्चों की आंखें लाल हो जाती हैं और उन्हें इसकी वजह से परेशानी भी होती है। बच्चों की आंखें लाल होने के कारण इसमें ड्राईनेस, खुजली और पानी आने लगता है। बच्चों की आंखें लाल होने के पीछे कई बीमारियां भी हो सकती हैं।

  • आंखें मलना- बच्चा बार-बार आंखें मलता है तो, इस वजह से आंखें लाल हो सकती हैं। इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है।
  • एलर्जी- बच्चों की आंखें लाल होने का सबसे प्रमुख कारण एलर्जी है। एलर्जी की वजह धूल के कण, किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल और चोट भी हो सकती है, जिसकी वजह से आंखों से पानी भी निकलता है।
  • वायरल इंफेक्शन- शिशुओं में वायरल इंफेक्शन एडिनोवायरस और हरपीज वायरस के कारण हो सकता है। इसमें आंखों के अंदर वाले हिस्से में लालिमा आ जाती है।
  • बैक्टीरियल इंफेक्शन- बच्चों की आंखों में बैक्टीरियल इंफेक्शन आमतौर पर हीमोफिलस या स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया के कारण होता है। इसमें पुतली के आसपास का रंग लाल हो जाता या आंखें पीले रंग की नजर आती हैं।
  • आंखों में कीड़ा काटना- खेलने या सोने के दौरान बच्चों को कीड़ा काट ले, तो इससे भी उनकी आंखें लाल हो सकती हैं। बच्चों की आंखों में लालिमा आने पर इसे अनदेखा न करें।

बच्चों की आंखों की लालिमा कम करने के उपाय

  • आंखें लाल होने पर ठंडे पानी के छींटे मारें।
  • इससे आंखों में धूल के कण या चोट लगी है तो ठीक होती है।
  • आंखों को नर्म तौलिए से साफ करें।
  • बच्चे की आंखों की कॉटन के कपड़े से सिकाई करें।
  • बच्चे की आंखें साबुन या शैम्पू के कारण लाल हो रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बाद उसे जरूर बदल दें।
  • बच्चा बार-बार आंखें रगड़ता है तो उसे रोकने की कोशिश करें।
आंखों में सूजन एलर्जी की वजह से होती है। इसमें धूल से एलर्जी, स्किन एलर्जी भी शामिल है। एलर्जी के कारण चेहरे और आंखों में सूजन हो सकती है या स्किन पर लालिमा, चकत्ते हो सकते हैं।
आंखों में सूजन एलर्जी की वजह से होती है। इसमें धूल से एलर्जी, स्किन एलर्जी भी शामिल है। एलर्जी के कारण चेहरे और आंखों में सूजन हो सकती है या स्किन पर लालिमा, चकत्ते हो सकते हैं।

आंखों के आसपास की सूजन को नजरअंदाज न करें

सुबह उठने के बाद आंखों के आसपास की सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभी ऐसा होना नॉर्मल है, लेकिन अक्सर ऐसा होता है तो इसे नजरअंदाज न करें। आंखों में इस तरह की सूजन के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कुछ कारण सामान्य होते हैं और कुछ कारण गंभीर भी हो सकते हैं।

ज्यादा नमक खाना

आंखों में सूजन है, तो इसका कारण ज्यादा नमक का खाना हो सकता है। दरअसल खाने में नमक ज्यादा खाने से बॉडी में नमक जमा हो जाता है और इसी वजह से पानी जमा होने लगता है। ज्यादातर ये पानी आंखों के आसपास टिशू और निचली पलकों में जमा होता है। इस वजह से आंखें सूज जाती हैं। आंखों की सूजन कम करने के लिए खाने में नमक की मात्रा कम करें। इसके साथ ही अगर ज्यादा नमक का सेवन कर लिया है तो ढेर सारा पानी पियें।

एलर्जी की समस्या

आंखों में सूजन एलर्जी की वजह से भी हो सकती है। इसमें मौसमी एलर्जी, धूल से एलर्जी, स्किन एलर्जी भी शामिल है। एलर्जी के कारण चेहरे और आंखों में सूजन हो सकती है या स्किन पर लालिमा, चकत्ते हो सकते हैं। एलर्जी बचने के लिए इम्यूनिटी स्ट्रांग करना जरूरी है। डाइट में जरूरी न्यूट्रिशन शामिल करें।

ज्यादा शराब का सेवन

ज्यादा शराब पीने से बॉडी में डिहाइड्रेशन होने लगता है और सुबह उठने के बाद आंखों के नीचे सूजन होने लगती है। शराब ब्लड सेल्स को फैलाती है, जिससे सूजन हो जाती है। सोने से पहले और उठने के बाद, ढेर सारा पानी पिएं, साथ ही टी बैग की मदद से सूजन को दूर करने में मदद मिलती है।

आंखों को मलना

ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वो बार-बार आंखों को मलते रहते हैं। कुछ लोगों में नींद में भी ये आदत चलती रहती है। इससे आंखों के आसपास की नाजुक स्किन पर इसका असर होता है और वो सूज जाती है। आंखों को रगड़ने से बचें। रात को सोने से पहले ठंडा दूध पिएं। इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो स्किन की सूजन को कम करते हैं।

स्ट्रेस से भी हो सकती है सूजन

डॉ. शालनी कहती हैं कि टेंशन लेने से बॉडी में कार्टिसोल हार्मोन बढ़ने लगता है, जिससे आंखों के आस-पास सूजन होती है। जितना हो सके टेंशन कम लें। ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करें, जैसे खीरा और आइसक्रीम। इससे थकान दूर होगी और सूजन से छुटकारा मिलेगा।

डिस्क्लेमर- इस लेख में मौजूद सूचनाओं को एक्सपर्ट की सलाह से लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह लें।

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