ऐसे खाएंगे कॉर्न तो होंगे बीमार:कच्चा और सख्त भुट्टा खाने से गैस, एसिडिटी, डायरिया, चबाकर न खाया तो पेट खराब

5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मानसून में सबसे ज्यादा भुट्टे की खुशबू लुभाती है। मक्का, कॉर्न कहें या भुट्टा, जितना ये हेल्दी और टेस्टी होता है, सही तरीके से न खाने पर उतना ही नुकसानदेह भी हो सकता है। डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा मित्तल बता रही हैं कॉर्न खाने का सही तरीका और गलत तरीके से खाने से होनेवाले नुकसान।

शिल्पा मित्तल के अनुसार, कॉर्न से सबसे ज्यादा नुकसान तब होता है जब इसे कच्चा खाया जाता है या ठीक से चबाया नहीं जाता। खासकर बच्चे भुट्टा खाते समय उसे ठीक से चबाते नहीं, जिससे उसे पचाने में परेशानी होती है। ऐसे में बच्चों को पेट की तकलीफ शुरू हो जाती है।

बच्चों को कच्चा या अधपका भुट्टा न खिलाएं। चबाकर खाने को कहें, वरना पेट खराब हो सकता है।
बच्चों को कच्चा या अधपका भुट्टा न खिलाएं। चबाकर खाने को कहें, वरना पेट खराब हो सकता है।

भुट्टा खाएं संभलकर

मानसून में भुट्टा खाना सभी को अच्छा लगता है। नमक, मिर्च पाउडर, नींबू मिलाकर इसका स्वाद और बढ़ जाता है। लेकिन सही चुनाव और खाने का सही तरीका मालूम न हो तो स्वाद सेहत पर भारी पड़ सकता है। भुट्टा बनाने के लिए कॉर्न खरीद रही हैं तो पहले चेक कर लें कि वह सॉफ्ट हो सख्त नहीं, वरना पचने में मुश्किल और पेटदर्द की शिकायत होगी।

कॉर्न के शौकीन हैं और अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो गैस, पेट फूलना, सूजन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
कॉर्न के शौकीन हैं और अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो गैस, पेट फूलना, सूजन जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

कॉर्न उबालने का सही तरीका

कॉर्न को यदि ठीक से पकाया न जाए तो कच्चा खाने से कब्ज, गैस, एसिडिटी, डायरिया की तकलीफ हो सकती है। डाइटीशियन शिल्पा मित्तल के अनुसार, कॉर्न को कुकर में 3 से 4 सीटी होने तक पकाएं। इससे पचने में परेशानी नहीं होगी। कॉर्न को कच्‍चा या अधपका न खाएं। इससे दस्‍त हो सकते हैं। वजन कम करना चाहते हैं, तो भी कॉर्न का अधिक सेवन न करें। इससे वजन बढ़ता है।

बच्चों को फ्लेवर्ड पॉपकॉर्न खिलाएं, ताकि स्वाद भी मिले और सेहत भी
बच्चों को फ्लेवर्ड पॉपकॉर्न खिलाएं, ताकि स्वाद भी मिले और सेहत भी

स्वाद भी सेहत भी

कॉर्न एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होने के साथ पैंटोथेनिक एसिड, फास्फोरस, नियासिन, फाइबर, मैंगनीज और विटामिन बी 6 का अच्छा स्रोत है। मक्के के आटे में फाइबर और ग्लूटेन भरपूर मात्रा में होता है इसलिए ये डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचाता है। इसे भूनकर, सेंककर, उबालकर हर तरह से खाया जाता है। कॉर्न की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पकाने के बाद इसकी पौष्टिकता बढ़ जाती है। पके हुए कॉर्न में कैरोटीनायड, फोलिक एसिड होता है जो बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। आजकल चीज, पेरी पेरी, बटर सॉल्ट, टैंगी टोमैटो, कैरामल जैसे टेस्टी फ्लेवर में इसके पॉपकॉर्न मिलते हैं, जिन्हें बच्चे और बड़े दोनों पसंद करते हैं।

खबरें और भी हैं...