चप्पल पहनकर वॉक:फायदे की जगह नुकसान कर रहे हैं अपना, घुटने और एड़ी हो जाएगी खराब, मोटापा भी नहीं होगा कम

4 महीने पहले
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जिम, एरोबिक्स या एक्सरसाइज, जैसे भी हो पाए, अब देश के ज्यादा से ज्यादा लोग फिट रहना चाहते हैं। इस चाहत में महिलाएं भी पीछे नहीं है। ऊपर बताए वर्कआउट्स का टाइम न मिले, तो भी सुबह-शाम वॉक करने की कोशिश जरूर करती हैं। घर के आसपास के पार्क, खाली सड़क या स्टेडियम में घंटे भर का समय निकालकर वॉक करने जरूर जाती हैं। लेकिन इस रूटीन के लिए वे कुछ अलग से तामझाम नहीं करतीं। जिस कपड़े में हैं उसी में घर की चप्पल पहनकर निकल पड़ती हैं। क्या वॉक करने के लिए शूज पहनना जरूरी है? इस सवाल का जवाब दे रहे हैं फिटनेस एक्सपर्ट प्रेरित झा।

जूते पहनकर वॉक करने के क्या फायदे हैं?

फिटनेस के लिए इंसान को सजग होना और जरूरत के हिसाब से रूटीन सेट करना चाहिए। साथ ही जिस भी एक्टिविटी में रुचि है, वैसा गेट-अप अपनाना जरूरी है। अगर चप्पल पहनकर वॉक करेंगी, तो वैसे रिजल्ट नहीं मिलेंगे, जिसकी उम्मीद है। महीनों वॉक के बावजूद न शरीर फिट रहेगा, न ही वजन कम होगा, क्योंकि वॉक करने का सही तरीका नहीं अपनाया गया है।

वॉक के लिए सही फुटवियर चुनना क्यों है जरूरी?

  • वॉकिंग शूज पहनने से लंबे समय तक चला जा सकता है। इससे थकान महसूस नहीं होती।
  • गलत चप्पल या जूते पहनने से चलने के तरीके में बदलाव आता है। शरीर आगे की तरफ झुक सकता है।
  • जूते के शेप के साथ अधिक एक्सपेरिमेंट न हो। जूते फ्लैट हों, ताकि चलने में परेशानी से बचा जा सके।
  • गलत फुटवियर की वजह से पैर सांस नहीं ले पाते, जिसकी वजह से पैरों से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
  • पांव के आर्क को ज्यादा सपोर्ट चाहिए होता है, जो साधारण चप्पल पहनकर चलने से नहीं मिल पाता।
  • चप्पल पहनकर वॉक करने से आगे चलकर एंकल या घुटनों की समस्या शुरू हो सकती है।
  • जूतों में कुशनिंग होती है, जो पैरों को दर्द और थकान से बचाने में मदद करती है।
  • चप्पल पहनकर चलने से पैरों को ग्रिप बनाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जूतों में ऐसा नहीं होता।

मॉर्निंग हो या इवनिंग वॉक, ऊपर बताई गई सभी बातों को ध्यान में रखते हुए टहलने के दौरान जूतों का ही इस्तेमाल करें। कौन से जूते पैरों के लिए ठीक रहेंगे, इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।