इन रोटियों को आजमाएं और खाने में ट्विस्ट लाएं:खमीरी-खस्ता, लौकी-मे​थी, बाजरा-मिस्सी रोटी, रागी और चावल की रोटी, मक्की-कुट्टू और थालीपीठ

22 दिन पहलेलेखक: मरजिया जाफर
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भारत में खाने की थाली रोटी के बिना कभी भी कंप्लीट नहीं होती। आमतौर पर घरों में गेहूं के आटे से बनने वाली रोटी ही सर्व की जाती है और लोग इसे खाना बेहद पसंद करते हैं। लेकिन हमारे देश में सिर्फ गेहूं के आटे से ही रोटी या पराठा नहीं बनाया जाता। भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह की रोटियां बनाई जाती हैं। इतना ही नहीं, किसी खास मौके या त्योहार पर कुछ स्पेशल रोटियां भी बनाई जाती हैं।

सर्दियों में रोटियों को लेकर लोगों की पसंद बदल जाती है। आप ने भी सर्दियों में कई तरह की अलग-अलग रोटियों का स्वाद चखा होगा। चलिए, जानते हैं कुछ डिफरेंट रोटियों के बारे में जिन्हें आप जरूर खाना चाहेंगे। कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो यहां रोटियों की लिस्ट तैयार है। डाइटीशियन स्वाति विश्नोई इन टेस्टी-हेल्दी रोटियों के फायदे बता रही हैं।

खमीरी रोटी

सबसे पहले हम बात करते हैं खमीरी रोटी कि जिसे पनीर भरकर बनाया जाता है। इसे बे​क किया जाता है, यह खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है।

खस्ता रोटी

इसे बनाने के लिए गेहूं के आटे का ही उपयोग किया जाता है, लेकिन इस रोटी का स्वाद काफी अलग होता है। खस्ता रोटी बनाने के लिए आटे में दूध, जीरा, नमक, बेकिंग पाउडर और घी डालकर गूंधा जाता है।

मोटी रोटी

भारत में आपको विभिन्न तरह की रोटियां देखने को मिलती हैं, उन्हीं में से एक है मोटी रोटी, जिसे बेसन और गेहूं के आटे के कॉम्बिनेशन के साथ बनाया जाता है।

लौकी रोटी

यह रोटी आटा और सब्जी का हेल्दी कॉम्बिनेशन है। नमी से भरपूर लौकी शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखने में मदद करती है। आज ही लौकी रोटी की रेसिपी ट्राई करें।

हिंदुस्तानी थाली बिना रोटी के अधूरी है, हर घर की रोटी अलग और खास होती है
हिंदुस्तानी थाली बिना रोटी के अधूरी है, हर घर की रोटी अलग और खास होती है

बाजरा-मे​थी मिस्सी रोटी

इसे दो आटे के कॉम्बिनेशन से तैयार किया गया है, जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं। बाजरा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लो ग्लाइमे​क और लो कार्ब के साथ इसमें फाइबर भी है। मेथी के पत्ते मिलाने से इसमें फाइबर और भी बढ़ जाता है। मेथी शुगर लेवल कंट्रोल करने में काफी फायदेमंद है। इस रोटी में काफी पोषक तत्व हैं।

रागी रोटी

रागी रोटी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है। यह रोटी स्वादिष्ट होने के साथ हेल्दी भी है। इसे बनाने के लिए रागी के आटे में गाजर, प्याज और मसाले डाले जाते हैं। इसके बाद इसकी स्वादिष्ट रोटियां बनाई जाती हैं।

बिरई रोटी

इस रोटी को सामान्य रोटी के आटे से ही बनाया जाता है। बस, इसे चने की दाल भरकर बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है। इसमें लौंग, काली मिर्च और जीरे का स्वाद भी शामिल किया जाता है।

चावल की रोटी

क्या आपने कभी चावल की रोटी खाई है। यहां बात हो रही है चावल की साधारण रोटी की जिसे आप झटपट तैयार कर सकते हैं। इसे बिल्कुल वैसे ही बनाया जा सकता है जैसे आप गेहूं के आटे की रोटी बनाते हैं। चलिए बताते हैं कि किस तरह आप चावल के आटे की रोटी बनाएंगे।

बनाने का तरीका

1.5 कप पानी को अच्छी तरह उबाल लें। इसमें से आधा कप पानी अलग रख लें। बचे हुए 1 कप पानी में 1 कप चावल का आटा मिलाएं। इसी स्टेप में तेल और नमक भी मिलाया जाएगा।

अब गैस बंद कर दें और जल्दी-जल्दी हाथ चलाते हुए चावल के आटे को पानी में मिक्स करें। ये स्टेप आपको मेहनत वाले लगेंगे, लेकिन ये बहुत जरूरी हैं।

अब इसे ढक कर 10 मिनट के लिए रख दें ताकि स्टीम से चावल थोड़ा सा पके और आटा अच्छे से बाइंड हो पाए। अब आप आटे को निकाल कर अलग रखें और उसमें पानी के छींट मारते हुए उसे ठीक से बाइंड करें। जिस तरह गुलाब जामुन का आटा गूंधते हैं उसी तरह इसे भी बिना क्रैक के गूंथें।

अब आप आटे को 10 मिनट के लिए और रख सकते हैं या फिर इसे तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे ठीक वैसे ही बनाएं जैसे नॉर्मल गेहूं के आटे की रोटी बनाते हैं।

अक्की रोटी

आपने शायद अक्की रोटी के बारे में पहले न सुना हो, लेकिन अक्की रोटी को कर्नाटक में हर घर में लोग बनाना व खाना पसंद करते है। यह वहां का एक पॉपुलर नाश्ता है। इस रोटी को गेहूं के आटे की जगह चावल के आटे से तैयार किया जाता है। कन्नड़ में अक्की का अर्थ होता है चावल। रोटी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें कई तरह की सब्जियों को भी शामिल किया जाता है।

सर्दियों में रोटियों को लेकर लोगों की पसंद बदल जाती है और गेहूं की जगह बाजरा, मक्की, कुट्टू की रोटियां खाई जाती हैं
सर्दियों में रोटियों को लेकर लोगों की पसंद बदल जाती है और गेहूं की जगह बाजरा, मक्की, कुट्टू की रोटियां खाई जाती हैं

मक्की रोटी

मक्की की रोटी पंजाब में बहुत फेमस है और यह विशेष रूप से सर्दियों में बनाई जाती है। पंजाब में लोग इसे सरसों के साग के साथ बड़े ही चाव से खाते हैं। वैसे मक्की की रोटी अब केवल पंजाब में ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में भी बनाई जाती है। इसे बनाने के लिए मक्की के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। पारंपरिक रूप से रोटी को बेलने के लिए बेलन नहीं, बल्कि हाथों का इस्तेमाल किया जाता है।

थाली पीठ

यह एक फेमस महाराष्ट्रीयन चपाती है, जिसमें गेहूं के आटे की जगह बाजरा और ज्वार के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इसे बनाते समय आटे के साथ इसमें चावल, चना और अन्य मसाले भी मिलाए जाते हैं, जो इसका स्वाद और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं। कुछ लोग रोटी को कंप्लीट फूड के रूप में तैयार करते समय इसमें कुछ सब्जियां भी मिलाते हैं। आमतौर पर, थाली पीठ को दही के साथ सर्व किया जाता है।

कुट्टू की रोटी

कुट्टू की रोटी किसी विशेष राज्य से नहीं, बल्कि एक त्योहार से जुड़ी है। भारत में नवरात्रि का त्योहार बेहद धूमधाम से बनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखने वाले लोग सामान्य गेहूं की रोटी के स्थान पर कुट्टू के आटे का इस्तेमाल करते हुए उससे रोटी बनाते हैं। इस रोटी को आलू की सब्जी व दही के साथ खाया जाता है। कुट्टू के आटे से बनी रोटी लंबे समय तक पेट भरा हुआ होने का एहसास कराती है।

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