नस पर नस चढ़ने की वजह:शरीर में विटामिन सी, हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी है कारण, बार-बार नस चढ़ने को नजरअंदाज न करें

15 दिन पहलेलेखक: मरजिया जाफर
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उठते-बैठते या अंगड़ाई लेते समय शरीर के किसी भी हिस्से की नस चढ़ जाती है, तो घबराने की जरूरत नहीं। नस पर नस का चढ़ना आम समस्या है। ऐसे में कुछ देसी उपाय अपनाकर इस दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए, फिजियोथेरेपिस्ट ख्याति शर्मा से जानते हैं नस पर नस चढ़ने के कारण और उपाय के बारे में।

हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से सोते समय पैर और कंधे की नसें चढ़ जाती हैं। बॉडी में हीमोग्लोबिन की वजह से ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। इसकी वजह से नसें चढ़ जाती हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से सोते समय पैर और कंधे की नसें चढ़ जाती हैं। बॉडी में हीमोग्लोबिन की वजह से ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। इसकी वजह से नसें चढ़ जाती हैं।

नस चढ़ने के क्या हैं कारण

ख्याति शर्मा कहती हैं कि रात में सोते समय कंधे, गर्दन और हाथ-पैरों में अचानक नस चढ़ जाने की वजह बॉडी में न्यूट्रिशन की कमी होती है। खानपान की खराब आदत, बिजी लाइफस्टाइल और स्ट्रेस इसका कारण है। नस चढ़ने के कारण असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है। रात में सोते समय कंधे, गर्दन और हाथ-पैर में अचानक नस चढ़ जाती है, जिससे अगली सुबह भी खराब हो जाती है। चलिए, जानते हैं इस समस्या को दूर करने के उपाय-

विटामिन सी की कमी

विटामिन सी की कमी बॉडी में कई समस्याएं पैदा करती है, जिससे सर्दी-जुकाम, स्किन प्रॉब्लम होने लगती है। विटामिन सी शरीर में लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करता है। यह ब्लड सेल्स को भी मजबूत बनाता है, जिसके कारण स्किन हेल्दी नजर आती है। विटामिन सी की कमी से ब्लड सेल्स कमजोर हो जाते हैं, जिसके कारण आसानी से नस एक के ऊपर एक चढ़ जाती है। नस चढ़ने से काफी तेज दर्द होता है। इस समस्या से बचाव के लिए आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। इसके साथ ही विटामिन सी को डाइट में जरूर शामिल करें।

नींबू, टमाटर, खट्टे फल, फूलगोभी, ब्रोकली, पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

हीमोग्लोबिन की कमी

हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से सोते समय पैर और कंधे की नसें चढ़ जाती हैं। दरअसल, बॉडी में हीमोग्लोबिन की वजह से ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। इसकी वजह से नसें चढ़ जाती हैं। ब्लड सेल्स के जरिए बॉडी के अलग-अलग अंगों में हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की अड़चन आती है, तो नसें चढ़ जाती हैं, इसलिए ऐसी समस्याओं से बचने के लिए आयरन युक्त आहार का सेवन करें। आयरन युक्त आहार लेने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती है। हीमोग्लोबिन को बढ़ाने वाले फूड्स-

आम, चुकंदर, अंगूर, अमरूद, सेब, हरी सब्जियां, नारियल, तिल, तुलसी, गुड़, अंडा, तिल, पालक

आयरन की कमी

आयरन की कमी के कारण भी सोते वक्त नस चढ़ जाती है। अगर ऐसी शिकायत बार-बार हो रही है, तो समझ जाएं कि बॉडी में आयरन की कमी है। आयरन की कमी को आप कुछ डाइट के जरिए पूरा कर सकते हैं। बॉडी में आयरन की कमी के कारण न सिर्फ नसें चढ़ जाती हैं, बल्कि कई तरह की समस्याएं भी होने लगती हैं। आयरन की कमी के कारण बॉडी के सेल्स को भरपूर रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिसके कारण नस चढ़ने की शिकायत हो सकती है। आयरन की कमी को पूरा करने वाले फूड्स-

पालक, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, बीन्स, गेहूं, नट्स, ड्राई फ्रूट्स, ब्राउन राइस

नस चढ़ने की वजह

  • तनाव
  • कमजोरी
  • पानी की कमी
  • नसों में कमजोरी
  • ज्यादा शराब पीना
  • गलत पॉश्चर में बैठना
  • खून में सोडियम, पोटेशियम की कमी
  • मसल्स में पर्याप्त मात्रा में खून न पहुंचना

नस चढ़ने पर अपनाएं ये घरेलू उपाय

कान का पॉइंट दबाएं- अगर बाएं पैर पर नस चढ़ जाए तो दाएं हाथ की उंगली से कान के निचले जोड़ को दबाएं। इसी तरह दाएं पैर की नस चढ़ने पर बाएं हाथ की उंगली से कान का पॉइंट दबाएं।

बर्फ की सिकाई- नस चढ़ने पर कम से कम 3 से 15 मिनट तक प्रभावित हिस्से पर बर्फ की सिकाई करें।

तेल मालिश- नस चढ़ने पर किसी भी तेल को हल्का गुनगुना कर लें और उससे हल्के हाथों से मालिश करें।

नमक का सेवन- सोडियम की कमी से भी नस चढ़ने की परेशानी होती है। ऐसे में जब नस पर नस चढ़े तो हथेली पर थोड़ा-सा नमक रखकर चूसें।

कंधे या बाजू की नस चढ़ना

बिना इलाज के छोटी सी परेशानी भी बड़ी मुसीबत का सबब बन जाती है। नस पर नस का चढ़ना एक छोटी सी परेशानी है, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया जाए तो ये बीमार कर सकती है। कई बार काम करते समय या मसल्स में खिंचाव की वजह से नस चढ़ जाती है। नस पर नस चढ़ने की स्थिति दो तरह की हो सकती है-

  • पहली स्थिति में तुरंत दर्द होगा और ठीक हो जाएगा।
  • दूसरी स्थिति गंभीर और दर्दनाक हो सकती है जो आपको लाचार बना सकती है।

अक्सर जांघ, पैर, हाथ, गर्दन, बाजू, पेट, पसलियों के आस-पास की नस चढ़ती है। जब भी बॉडी के जिस अंग की नस चढ़ती है तो प्रभावित मसल्स का हिस्सा 15 मिनट तक के लिए सख्त हो जाता है। उस हिस्से पर कुछ दर्द की दवा लगाने से राहत भी मिल जाती है।

इस बीमारी से कैसे बचा जाए

  • मसल्स की मालिश करें, राहत मिलेगी।
  • सोते समय पैरों के नीचे तकिया रख कर सोएं।
  • दिन में तीन बार कम से कम 15 मिनट तक बर्फ की सिकाई करें।
  • मुंह में नमक रखकर नस चढ़ने वाले हिस्से को स्ट्रेच करें।
  • बॉडी में पोटेशियम की मात्रा कम न होने दें।
  • परेशानी बार-बार हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
सोते समय हाथ-पैरों में अचानक नस चढ़ जाने की वजह बॉडी में न्यूट्रिशन की कमी होती है। खानपान की खराब आदत, बिजी लाइफस्टाइल और स्ट्रेस इसका कारण है।
सोते समय हाथ-पैरों में अचानक नस चढ़ जाने की वजह बॉडी में न्यूट्रिशन की कमी होती है। खानपान की खराब आदत, बिजी लाइफस्टाइल और स्ट्रेस इसका कारण है।

कमर की नसों में सूजन

कमर की नसों में सूजन और दर्द के कारण भी पीठ दर्द होता है। लोग इसे अक्सर सामान्य दर्द समझकर इससे छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के उपाय करने में लगे रहते हैं, लेकिन दर्द से आराम नहीं मिलता। ऐसा इसलिए है, क्योंकि खराब पॉश्चर, फिजिकल एक्टिविटी न करना और ज्यादा भार उठाना पीठ दर्द के कुछ आम कारण हैं। अब सवाल यह उठता है कि पीठ की नस में दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या करें। वैसे तो कुछ घरेलू नुस्खों से पीठ में नसों के दर्द से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन नसों में दर्द से छुटकारा पाने के लिए पहले नसों में दर्द के कारण को समझना जरूरी है।

कमर की नस में दर्द में क्या होता है

नसों में दर्द की समस्या खराब ब्लड सर्कुलेशन और फ्लो के कारण होती है। इससे नसों में ब्लड जमने लगता है और नसों में ब्लॉकेज का कारण बनता है। इससे नसों में सूजन और गंभीर दर्द होता है, जो पीठ से लेकर गर्दन और कूल्हों तक होता है। इससे उठने-बैठने, लेटने से लेकर दिनभर के सामान्य कार्य करना भी मुश्किल हो जाता है।

पीठ की नस में दर्द के घरेलू उपाय

सिकाई करें- पीठ में दर्द वाले हिस्से की गर्म या ठंडी सिकाई कर सकते हैं। यह सूजन को कम करने और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने का एक प्रभावी और आसान तरीका है। इससे सूजन कम होती है और दर्द से जल्द राहत मिलती है।

योग करें- योग में ऐसे कई आसान हैं जो नसों और मसल्स को स्ट्रेच करने, सूजन को कम करने, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के साथ ही दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। भुजंगासन, अपान आसन, अधोमुख श्वानासन, सुप्त पादांगुष्ठासन, शलभासन आदि नसों में दर्द और सूजन को कम करने के लिए कुछ प्रभावी योगासन हैं।

मालिश करें- मालिश करने से नसों और मसल्स की सूजन कम होती है। मालिश के लिए सरसों के तेल का प्रयोग करें, यह दर्द से राहत प्रदान करने में बहुत प्रभावी है। सरसों के तेल में हल्दी या लहसुन डालकर गर्म कर लें और प्रभावित हिस्से की अच्छी तरह मालिश करें। इससे दर्द में आराम मिलेगा।

हल्दी-दूध पिएं- एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी, सूजन और दर्द का प्रभावी उपचार है। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मददगार है। इसे भोजन में शामिल करें, गर्म पानी में डालकर पिएं या हल्दी वाले दूध का सेवन करें। इससे दर्द से जल्दी राहत मिलेगी।

ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले फूड्स खाएं- बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के लिए ब्लूबेरी, क्रैनबेरी, स्ट्रॉबेरी जैसे फूड्स को डाइट में शामिल करें। प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाएं, फल-सब्जियां ज्यादा खाएं और घी जैसे हेल्दी फैट्स डाइट में जरूर शामिल करें। इससे नसों में दर्द की समस्या को रोकने में मदद मिलेगी।

डिस्क्लेमर- इस लेख में मौजूद सूचनाओं को एक्सपर्ट की सलाह से लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह लें।

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