डाइट में ‘बैड फूड’ शामिल नहीं:खुद को सजा दिए बिना अब ‘फ्लैक्सिबल डाइटिंग’ से कम करें वजन

2 महीने पहलेलेखक: मीना
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बात जब वजन कम करने की आती है, तब हम किसी खास तरह का डाइट चार्ट फॉलो करने लगते हैं। इस डाइट चार्ट में सीमित मात्रा में कैलोरी, फैट्स या कार्बोहाइड्रेट्स कंज्युम किए जाते हैं, लेकिन एक ऐसी भी डाइट है जो किसी फूड को ‘बैड फूड’ की कैटेगरी में नहीं डालती, लेकिन तय मात्रा में खाने की छूट देती है इसलिए वो फ्लैक्सिबल डाइट कहलाती है। नमामी लाइफ में न्युट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि फ्लैक्सिबल डाइटिंग का मतलब है, एक ऐसी डाइट जो किसी पर्टिकुलर फूड पर रोक नहीं लगाती। इस डाइट में खाने की वैरायटी होती है, जिस आप सीमित मात्रा में खाकर वजन कम कर सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर ने फ्लैक्सिबल डाइटिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

फ्लैक्सिबल डाइटिंग क्या है?
फ्लैक्सिबल डाइटिंग को इफ इट फिट्स योअर मैक्रोज (IIFYM) भी कहा जाता है। बॉडी कंपोजिशन को काउंट करने के लिए मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की ट्रैकिंग और काउंटिंग की जाती है। ये मैक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट से बने होते हैं। फ्लैक्सिबल डाइटिंग एक तरह की लाइफस्टाइल भी है, जो आपके वजन को कम करने में मदद करती है।

फ्लैक्सिबल डाइटिंग वजन कम करने में कैसे काम करती है?
फ्लैक्सिबल डाइटिंग से वजन कम करने में सारा खेल आपके खाने की मात्रा का होता है। इसमें आप खाते सबकुछ हैं, लेकिन एक निश्चित मात्रा में। इस डाइट को फॉलो करने के लिए अपने वजन, हाइट, जेंडर और एक्टिविटी लेवल के अनुसार टोटल डेली एनर्जी एक्सपेंडिचर (TDEE) को काउंट करना होता है। इसे मापने के लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर भी मिल जाते हैं। 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट में 4 किलो कैलोरी, 1 ग्राम प्रोटीन में 4 किलो कैलोरी और 1 ग्राम फैट में 9 किलो कैलोरीज होती हैं। जब आप फ्लैक्सिबल डाइटिंग को फॉलो करते हैं, तब न्यूट्रिशनिस्ट आपको बताते हैं कि एक दिन में कितनी मात्रा में क्या खाना है। इस तरह की डाइट फॉलो करने से डाइटिंग सजा नहीं लगती है।

फ्लैक्सिबल इटिंग में मैक्रोन्युट्रीएंट्स बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। मैक्रोन्यूट्रिएंट्स को मैक्रो भी कहा जाता है, इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फैट शामिल होता है। आपको हर दिन अपने मैक्रो गिनने होंगे। इसका मतलब है कि आप रोजाना कितनी कैलोरीज ले रहे हैं, कितना खाना खा रहे हैं, यह आपकी जानकारी में भी रहेगा। यह डाइट आपको वजन कम करने में मदद करेगी। फ्लैक्सिबल डाइटिंग के फायदे इस प्रकार हैं-

खाने की निश्चित मात्रा
न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट खाने के लिए पूरी तरह से मना कर दिया जाता है, लेकिन इसके साइड इफैक्ट ये होते हैं कि कार्बोहाइड्रेट को खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट शरीर में पहुंच जाता है। फ्लैक्सिबल डाइटिंग में ट्रैक से गिरने की संभावना कम होती है, क्योंकि इसमें कोई फूड कट नहीं होता है। इसके अलावा इसमें किसी भी फूड का उपयोग जरूरत से ज्यादा नहीं होता है। कैलोरी काउंटिंग इस डाइट का अहम हिस्सा है।

सस्टेनेबल डाइट
फ्लैक्सिबल डाइट सस्टेनेबल डाइट है। इसे लंबे समय तक अपना सकते हैं। इस डाइट में कार्ब्स और प्रोटीन की कटौती नहीं होती, जिसका मतलब है कि इससे आपकी मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहती है। पर ध्यान रखें कि आप किसी रिस्ट्रिक्टिव डाइट को फॉलो न भी कर रहे हों, तब भी हेल्दी फूड को डाइट में शामिल करें। फ्लैक्सिबल डाइटिंग में 80%-20% का नियम बना सकते हैं जिसका मतलब है कि 80% मैक्रो हेल्दी फूड से आने चाहिए। तो वहीं, 20 फीसद आपकी पसंद का फूड हो सकता है, लेकिन पोर्शन कंट्रोल होना चाहिए। इस तरह से आप बिना चिंता के वजन कम कर सकते हैं।
फ्लैक्सिबल डाइटिंग आपको वजन कम करने लिए फ्लैक्सिबल भी बनाती है। इसलिए यह शरीर को फिट रखने का भी एक अच्छा उपाय है।

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