राष्ट्रपति शी जिनपिंग को है यह गंभीर दिमागी बीमारी:50 की उम्र के लोग इससे ज्यादा प्रभावित, डॉक्टर से जानें कारण और इलाज

8 दिन पहलेलेखक: मीना
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गंभीर दिमागी बीमारी ‘सेरेब्रल एन्यूरिज्म’ से पीड़ित हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल जिनपिंग इस बीमारी का इलाज पारंपरिक चीनी दवाओं से करा रहे हैं। हालांकि, डॉक्टर्स ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि वे 2021 में भी इस समस्या के कारण हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। जिनपिंग की तबीयत कई महीनों से खराब चल रही थी। शी जिनपिंग को जो बीमारी है वह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। लेकिन कई शोधों का दावा है कि 50 की उम्र के बाद इस बीमारी की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि सेरेब्रल एन्यूरिज्म क्या है, इसके लक्षण, कारणों और इलाज क्या है।

क्या है सेरेब्रल एन्यूरिज्म?
दिल्ली के मैक्स अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि सेरेब्रल एन्यूरिज्म खतरनाक दिमागी बीमारी है। जैसे पानी की सप्लाई के लिए पाइप होते हैं और उनमें कहीं अगर कोई चीज फट जाती है तो फव्वारे जैसा पानी बाहर निकलता है। ठीक वैसे ही सेरेब्रल एन्यूरिज्म होने पर रक्त वाहिका में उभार आ जाता है, जो गुब्बारे की तरह फूल जाता है। सेरेब्रल एन्यूरिज्म में रिसाव हो सकता है या फट भी सकता है, जिससे मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है। इसे रक्तस्रावी स्ट्रोक या हेमोरेजिक स्ट्रोक भी कहते हैं। हालांकि, सभी एन्यूरिज्म फटते नहीं हैं। लेकिन यह खतरनाक तब हो जाता है जब एक ही रोगी में कई एन्यूरिज्म हो जाएं।
गुब्बारे की तरह फूले उभार को आउटपाउचिंग कहते हैं। यह आउटपाउचिंग शरीर में कहीं भी हो सकती है। शरीर में कहीं पर भी आउटपाउचिंग होने पर नुकसान नहीं होता, अगर यह फटता भी है तो वहीं ब्लीडिंग करके रह जाता है, लेकिन अगर ब्रेन में फटता है तो उस एरिया को पैरालाइज्ड कर देता है।
डॉ. मुकेश का कहना है कि सेरेब्रल एन्यूरिज्म किसी भी उम्र में पनप सकता है और जन्मजात भी हो सकता है। भारत में 70 प्रतिशत लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते और उनकी मृत्यु हो जाती है।

सेरेब्रल एन्यूरिज्म होने पर रक्त वाहिका में एक उभार आ जाता है, जो गुब्बारे की तरह फूल जाता है।
सेरेब्रल एन्यूरिज्म होने पर रक्त वाहिका में एक उभार आ जाता है, जो गुब्बारे की तरह फूल जाता है।

क्या सेरेब्रल एन्यूरिज्म को पहचाना जा सकता है?
सेरेब्रल एन्यूरिज्म को पहचानना मुश्किल है। यह बीमारी जन्म से हो सकती है। पर इसका पता तब चलता है जब यह फट जाती है या लीक हो जाती है। 90 प्रतिशत केस में जब पेशेंट को सिर में दर्द होता है तब सिटी स्कैन और एमआरआई कराया जाता है। इससे ही पता चलता है कि एन्यूरिज्म है या नहीं।
साल 2021 में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफोर्मेशन पर छपे एक लेख के मुताबिक, टूट हुए ब्रेन एन्यूरिज्म का मुख्य लक्षण सिर में गंभीर दर्द है। इसे ‘वर्स्ट हेडएक ऑफ माई लाइफ’ भी कहा जाता है।
इस दर्द की वजह से उल्टी, चक्कर, जी मिचलाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 10 प्रतिशत से कम लोगों को दौरे भी झेलने पड़ते हैं। हालांकि, दौरे आना दुर्लभ है। सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से भी यह हो सकता है। होश खो देना, धुंधला दिखाई देना, गर्दन में अकड़न होना और भ्रम होना भी इसके लक्षणों में शामिल है।

इस बीमारी में सबसे प्रमुख लक्षण सिर में गंभीर दर्द होना है।
इस बीमारी में सबसे प्रमुख लक्षण सिर में गंभीर दर्द होना है।

किन्हें इस बीमारी का जोखिम ज्यादा?
सेरेब्रल एन्यूरिज्म किन कारणों से होता है, इसके बारे में सही से पता नहीं चल सका है, लेकिन कई फैक्टर इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। कई खतरे आर्टरी वॉल को कमजोर बना देते हैं, जिससे सेरेब्रल एन्यूरिज्म के होने का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र, हाइपरटेंशन, धूम्रपान और एल्कोहल का सेवन करने वाले लोग इस बीमारी के जल्दी शिकार होते हैं। जेनेटिक रूप से नसों का कमजोर होना, संक्रमण, चोट और ट्यूमर से संक्रमित व्यक्तियों में यह रोग होने की आशंका ज्यादा होती है।
क्या इस बीमारी का इलाज संभव है?
डॉ. मुकेश का कहना है कि इस बीमारी का एडवांस्ड ट्रीटमेंट नहीं है। जब पता चलता है तो सीधे ऑपरेशन होता है या एन्जियोग्राफी की जाती है। एन्जियोग्राफी में दिमाग में जिस जगह से ब्लीडिंग हो रही है वहां कुछ मेटिरियल डालने से एरिया ब्लॉक हो जाता है और ब्लीडिंग बंद हो जाती है।
आजकल इन्वेस्टिगेशन अच्छे हो गए हैं। लोग समय-समय पर अपना फुल बॉडी चेकअप कराते रहते हैं तो ऐसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण दिख जाते हैं, जिससे बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। सिर में तेज दर्द होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से मिलें।