चावल के 4 रंग:रेड, ग्रीन, ब्लैक और ब्राउन राइस, ये बचाएंगे डायबटीज, मोटापा और दिल की बीमारियों से

8 महीने पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
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चावल हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा है। ये एक ऐसा फूड ग्रेन है, जिसका इस्तेमाल मेन फूड के अलावा कई तरह के डिश बनाने में किया जाता है। चावल खाने और न खाने को लेकर हमेशा एक बहस छिड़ी रहती है कि इसे खाना सेहत के लिए कितना सही है और कितना गलत। इन दोनों बातों से दूर हम आपको बताते हैं रंग-बिरंगे चावल के बारे में। नूट्रिशनिस्ट डॉ. हिमांशु राय बता रहे हैं हर रंग के चावल की खासियत।

चावल के ये रंग खींचेंगे आपका ‘ध्यान’

ग्रीन राइस - इसे बैम्बू या मुलायारी के नाम से भी जाना जाता है। ये मरते हुए बांस के बीज होते हैं। ये चावल आसानी से नहीं मिल पाते, क्योंकि इसे तभी इक्कठा किया जा सकता है, जब बांस का जीवनचक्र पूरा हो गया हो। इसका स्वाद हल्का मीठापन लिए होती है। ये पोटेशियम और प्रोटीन का बेहतर सोर्स है। डायबिटीज के मरीज इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। कोलेस्ट्रोल लेवल घटाने के अलावा ग्रीन राइस डाइजेशन भी सही रखता है।

रेड राइस - कम कैलोरीज और भरपूर फाइबर वाले लाल चावल सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इसे खाने शरीर में देर तक एनर्जी बनी रहती है। ये मिनरल्स, एंटी-ऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और आयरन से भरपूर होता है। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स की वजह से फिटनेस का ध्यान रखने वालों के लिए ये चावल बढ़ियां ऑप्शन है।

ब्लैक राइस - पुराने समय में इस चावल की कीमत ज्यादा होने की व्झ्स से सिर्फ अपर क्लास के लोग ही इसे खरीद पाते थे, जिसकी वजह से इसे फॉरबिडेन राइस (यानी निषेध चावल) के नाम से भी जाना जाता है। एंथोसायनिन पिगमेंट की वजह से इस चावल का रंग काला होता है। हाई न्यूट्रिशनल वैल्यू वाले इस चावल में साधारण चावल के मुकाबले अधिक एंटी ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर यह चावल हार्ट डिजीज और डायबटीज के खतरे को भी कम करती है।

ब्राउन राइस - हेल्थ का ध्यान रखने वाले लोगों के बीच ये चावल बेहद पॉपुलर है। फाइबर, प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला यह राइस वजन कम करने और डायबटीज कंट्रोल करने के लिए व्हाइट राइस की जगह इस्तेमाल में लाया जा सकता है।