पीरियड्स और आर्थराइटिस का कनेक्शन:उस खिलाड़ी की कहानी, जिसकी 'उन पांच दिनों' की एक गलती ने उसकी हड्डियों को कर दिया कमजोर

एक वर्ष पहलेलेखक: कमला बडोनी
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महिलाओं की माहवारी का उनकी सेहत से गहरा कनेक्शन होता है इसीलिए पीरियड्स के दौरान उन्हें आराम करने के लिए कहा जाता है। डॉ. राहूल मारवाह, एमडी आयुर्वेद, फाउंडर वेदा हेल्थब्लिस आयुर्वेदा, मुंबई बता रहे हैं एक ऐसी खिलाड़ी की कहानी, जिसकी माहवारी आर्थराइटिस की वजह बनी।

डॉ. राहूल मारवाह कहते हैं कि माहवारी के दौरान महिलाओं को आराम करना जरूरी है, वरना इससे उनकी सेहत को बहुत नुकसान हो सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र की एक खिलाड़ी की कहानी बताई, जिसे 12 से 15 साल तक ये पता नहीं चला कि उनके आर्थराइटिस के दर्द की वजह क्या है।

स्पोर्ट्स छोड़ने के बाद शुरू हुआ दर्द

डॉ. राहूल ने उस खिलाड़ी के दर्द की कहानी बताते हुए कहा, “उस समय मैं पुणे के आयुर्वेदाचार्य रसिक पावसकर के साथ इंटर्नशिप कर रहा था। उस वक्त हमारे पास एक ऐसी खिलाड़ी का केस आया, जो स्टेट लेवल रिले रनर रह चुकी थीं और आर्थराइटिस के दर्द से जूझ रही थीं। शरीर के सभी बड़े जॉइंट्स में असहनीय दर्द के अलावा उनकी उंगलियों में दर्द और सूजन थीं। वह एलोपैथी दवाएं भी ले रही थीं, लेकिन उन्हें आराम नहीं मिल रहा था। छह महीने आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेने के बाद भी जब उनकी स्थिति में 10-15% से ज्यादा सुधार नहीं आया, तो हमने उनकी हिस्ट्री पर फिर से रिसर्च की। तब हमें ध्यान आया कि पीरियड्स के दौरान प्रैक्टिस इसकी एक वजह हो सकती है। फिर रसिक पावसकर सर ने उनसे पूछा कि वो पीरियड्स के दौरान कितनी प्रैक्टिस करती थीं, तब उन्होंने बताया कि वो हर रोज सुबह से दोपहर और फिर शाम को एक जैसी प्रैक्टिस करती थी, पीरियड्स के दिन भी उतनी ही प्रैक्टिस करती थीं। पीरियड्स की खातिर वो अपने स्पोर्ट्स करियर को दांव पर नहीं लगा सकती थी इसलिए उन्होंने पीरियड्स में कभी आराम नहीं किया। उन्होंने 10-12 साल तक लगातार ऐसी ही मेहनत की। जब उन्होंने स्पोर्ट्स छोड़ा, तो उनके जोड़ों में दर्द होना शुरू हो गया। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है।

बच्चे के जन्म के बाद दर्द असहनीय हो गया

उन्होंने 30 की उम्र के आसपास शादी की थी और बच्चे के जन्म के बाद उनकी जोड़ो के दर्द की तकलीफ बहुत ज्यादा बढ़ गई। इलाज जारी रहा, लेकिन बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। 10-12 साल के इलाज के बाद जब आराम नहीं मिला, तो उन्होंने आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेने का फैसला किया।

ऐसे मिली आर्थराइटिस से राहत

जब वह हमारे पास ट्रीटमेंट के लिए आईं, तो छह महीने तक हम उनके मर्ज को नहीं समझ पाए। फिर जब दर्द की वजह पता चल गई, तो एक महीने में उन्हें आराम मिलने लगा और उन्हें आर्थराइटिस के दर्द से राह मिल गई। छह महीने के ट्रीटमेंट के बाद उन्हें बहुत आराम मिल चुका था।

माहवारी के दौरान आराम न करने से हो सकता है नुकसान
माहवारी के दौरान आराम न करने से हो सकता है नुकसान

पीरियड्स में जरूरी है आराम

हमारे देश में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को आराम करने की बात सदियों से कही जा रही है। इसकी सही वजह जानने की बजाय कभी इसे धर्म से जोड़ दिया जाता है, तो कभी महिलाओं की आजादी का नाम दे दिया जाता है। फिजिकल कंडिशन की बात करें तो माहवारी के दौरान महिलाओं के शरीर से आयरन लॉस होता है और उनकी बॉडी रीजेनुएट हो रही होती है इसलिए उनके शरीर को आराम की जरूरत होती है। यदि इस दौरान महिलाएं जरूरत से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करती हैं, तो ये उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आगे चलकर उन्हें आर्थराइटिस की तकलीफ हो सकती है।

पीरियड्स में बहुत ज्यादा काम करने से महिलाओं को ये तकलीफें हो सकती हैं:

मोटापा

अनियमित माहवारी

आर्थराइटिस

फायब्रॉइड

बाल झड़ना

पीठदर्द

महिलाएं पीरियड्स में जिम जाने से बचें
महिलाएं पीरियड्स में जिम जाने से बचें

महिलाएं पीरियड्स में ऐसे रखें अपना ख्याल

महिलाओं को माहवारी के दिनों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। लापरवाही से उनकी सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता है। इस दौरान जब महिलाएं बहुत ज्यादा काम करती हैं, तो वो तुरंत बीमार पड़ जाती हैं या फिर उन्हें इसके लंबे परिणाम भुगतने पड़ते हैं। महिलाओं को पीरियड्स के दौरान आराम की जरूरत होती है, इसके बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है, ताकि परिवार के लोग इस दौरान उनकी मदद करें और ऑफिस में भी उन्हें उचित माहौल मिले।

माहवारी के दौरान परिवार के लोग घर के कामों में महिलाओं की मदद कर सकते हैं।

महिलाएं इस दौरान जिम या रनिंग के लिए न जाएं।

वर्किंग वुमन पीरियड्स के समय एक्स्ट्रा काम करने से बचें।

डाइट का खास ध्यान रखें, ताकि कमजोरी महसूस न हो।