पाउडर या थैली वाला, कौन-सा दूध है सही:प्रिजर्व्ड दूध से बनी चाय-कॉफी की आदत बढ़ाती है मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज

6 महीने पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
  • कॉपी लिंक

दूध पाउडर का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। महीने के राशन की लिस्ट में मिल्क पाउडर का जिक्र भी रहता है। इस पाउडर को किचन के डिब्बे में बैकअप की तरह रखा जाता है। घर पर अचानक पहुंचे मेहमान हों या वक्त-बेवक्त चाय पीने की इच्छा, इन मौकों पर इस पाउडर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। बच्चे भी जब-तब इसे खाने की इच्छा जताते हैं और पेरेंट्स बिना ज्यादा सोचे समझे बच्चों को मिल्क पाउडर खिला देते हैं, क्योंकि वे इसके नुकसान से अनजान रहते हैं। मिल्क पाउडर से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में बता रही हैं डायटीशियन अनीता झा।

मिल्क पाउडर के इस्तेमाल से पहले जानें उसके बारे में

मिल्क पाउडर बनाने के लिए दूध को घंटों जलाया जाता है। हाई फ्लेम पर गर्म होने की वजह से दूध के सारे पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। सारा लिक्विड इवैपोरेट हो जाने के बाद बचे हुए दूध को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद इस पाउडर में कोई भी गुण नहीं बचता है। साथ ही मिल्क पाउडर को लंबे समय तक प्रिजर्व करने के लिए कई तरह के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी वजह से इसका अधिक सेवन नुकसानदेह होता है। मिल्क पाउडर बनने के लिए कार्बन, प्रोटीन, पोटैशियम और नाइट्रोजन जैसे केमिकल का इस्तेमाल होता है। लंबे समय तक मिल्क पाउडर का सेवन करने से शरीर में ऐसे फैट जमा हो जाते हैं, जिनसे छुटकारा पाना कठिन होता है।

मिल्क पाउडर के सेवन से बचना क्यों है जरूरी?

बढ़ता है मोटापे का खतरा - दूध में प्राकृतिक मिठास होती है, साथ ही पोषक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं, मिल्क पाउडर में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और शुगर की वजह से मोटापे की समस्या बढ़ती है। मिल्क पाउडर की वजह से बढ़ने वाला मोटापा आसानी से नहीं जाना भी एक बड़ी समस्या है।

हो सकते हैं डायबिटीज का शिकार - चाय बनाने और बच्चों को जब तब दूध की जगह मिल्क पाउडर घोलकर देने की गलती करती हैं, तो सतर्क होना जरूरी है। लगातार दूध पाउडर का सेवन बड़ों के अलावा बच्चों में भी डायबिटीज होने का खतरा बढ़ाता है।

शरीर और हड्डियां कमजोर पड़ती हैं - दूध पीने से शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। वहीं ताजा दूध की जगह पाउडर दूध का इस्तेमाल करने से हड्डियां कमजोर होती हैं। ताजे दूध में विटामिन बी5, बी12, फोस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ और हड्डियों को मजबूत करते हैं। जबकि मिल्क पाउडर में ऐसे कोई गुण नहीं होते हैं।

बड़ों और बच्चों में होता है हाई कोलेस्ट्रॉल का रिस्क - दूध से बने कई प्रिजर्व्ड फूड प्रोडक्ट में मिल्क पाउडर का इस्तेमाल होता है। ऐसे में बड़ों और बच्चों का चाय, कॉफी, आइसक्रीम, मिठाई जैसी चीजों का सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल का रिस्क बढ़ा देता है।