World Kidney Day:कमर-पेट में दर्द, आंख-हाथ-पैर में सूजन और जल्द थकान जैसे ये 9 लक्षण बताते हैं कि आपकी किडनी में गड़बड़ है

9 महीने पहले
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किडनी शरीर का जरूरी अंग है। अगर इसमें कोई डैमेज होता है तो इंसान को पूरी जिंदगी उसका भुक्तभोगी होना पड़ता है। हर साल 10 मार्च को ‘वर्ल्ड किडनी डे’ मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने की वजह यही है कि किडनी की बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।
यूरिनरी सिस्टम को दुरुस्त करने वाले मणिपाल हॉस्पिटल में कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित तिवारी का कहना है कि किडनी की वजह से हमारे शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ यूरीन के जरिए बाहर निकलते हैं।
किडनी अगर खराब होने लगती है तो शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं निकलते, बल्कि प्रोटीन जैसी जरूरी चीजें निकलने लगते हैं, जिस वजह से शरीर में सूजन होने लगती है। किडनी पानी, नमक और मिनरल्स के संतुलन को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एसिड को शरीर से बाहर निकालती है। इस वजह से किडनी का ख्याल रखना जरूरी है।
किडनी खराब होने पर यह लक्षण दिखाई देते हैं-
पीठ दर्द या पेट के निचले हिस्से में दर्द

पीठ, बाजू या पसलियों के नीचे दर्द, गुर्दे की पथरी या पायलोनेफ्राइटिस जैसी गुर्दे की बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसी तरह, पेट के निचले हिस्से में दर्द, मूत्राशय के संक्रमण या मूत्रवाहिनी में पथरी (गुर्दे और मूत्राशय को जोड़ने वाली नली) से जुड़ा हो सकता है।

दुनिया भर में हर 10 में से 1 इंसान किडनी की बीमारी से पीड़ित है।
दुनिया भर में हर 10 में से 1 इंसान किडनी की बीमारी से पीड़ित है।

हांथ और पैरों में सूजन
अगर आपके हाथ-पैरों मे सूजन है, तो ये कई दूसरी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है, मगर यह खराब गुर्दा यानी किडनी का भी एक सामान्य लक्षण है| रक्त में सोडियम के असंतुलन से हाथों और पैरों में लगातार सूजन हो सकती है, जोकि खराब गुर्दे के लक्षण हो सकते हैं।
आंखों के आसपास सूजन
पेरिओरिबिटल एडिमा-यह टर्म आंखों के आसपास की सूजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह कोशिकाओं या ऊतकों में द्रव के जुटने के कारण आंखों के आसपास सूजन को दिखाता है। यह गुर्दे की बीमारी के शुरुआती लक्षणों में से एक है। यह उन व्यक्तियों में विशेष रूप से प्रमुख है, जहां किडनी के जरिए शरीर से प्रोटीन ज्यादा मात्रा में बाहर निकलता है।

डॉ. अमित तिवारी के मुताबिक, यह एक मिथक है कि किडनी की बीमारी का इलाज सिर्फ डायलिसिस है, जबकि शुरुआती स्टेज में यह दवाओं से ठीक हो सकती है।
डॉ. अमित तिवारी के मुताबिक, यह एक मिथक है कि किडनी की बीमारी का इलाज सिर्फ डायलिसिस है, जबकि शुरुआती स्टेज में यह दवाओं से ठीक हो सकती है।

जल्दी थकान होना
जल्दी थकान होना किडनी की बीमारी का आम लक्षण है। जैसे-जैसे गुर्दे का रोग बढ़ता है, यह लक्षण भी बढ़ने लगता है। सामान्य दिनों की तुलना में कोई ज्यादा थका हुआ महसूस कर सकता है और कोई अधिक गतिविधियों को करने में असहज महसूस करने लगता है।
भूख न लगना
गुर्दे की बीमारी की वजह से खाने में स्वाद नहीं आता। दूसरा, कुछ भी न खाने पर पेट भरा हुआ महसूस हो तो डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि यह किडनी में किसी खराबी का लक्षण हो सकता है।
खून की कमी
किडनी में खराबी होने पर शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरना शुरू हो जाता है और शरीर से खून की कमी होने लगती है। चेहरा पीला दिखाई देने लगता है। यह गुर्दे की बीमारी के सामान्य लक्षणों में से एक है।

बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा दवाओं का सेवन किडनी को नुकसान पहुंचाता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा दवाओं का सेवन किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

जी मिचलाना और उल्टी
सुबह-सुबह जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस करना गुर्दे की कार्यक्षमता बिगड़ने का लक्षण है। अगर रोजाना ऐसी परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
यूरीन में दिक्कत
बार-बार यूरीन डिस्चार्ज करने जाना या बहुत कम जाना दोनों ही स्थितियां चेतावनी का संकेत हैं।
त्वचा का सूखापन और खुजली
स्किन पर सूखापन और खुजली का बढ़ना किडनी रोगों के बढ़ने का संकेत है। जैसे-जैसे गुर्दे का काम कम होता है, शरीर में जहरीले पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा में खुजली, सूखापन और बदबू आने लगती है।

जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी गुर्दे को नुकसान पहुंचाता है।
जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी गुर्दे को नुकसान पहुंचाता है।

हेल्दी किडनी के लिए क्या करें

  • हेल्दी किडनी के लिए दिन में रोजाना 10 से 15 गिलास पानी पीना जरूरी है। जरूरी नहीं है कि हर बार पानी ही पिया जाए, लेकिन कोई न कोई तरल पदार्थ लेते रहें।
  • किसी भी दवा को खाने से पहले उनकी जांच करा लें कि कहीं वे आपकी किडनी को तो प्रभावित नहीं कर रहीं।
  • शुगर कंट्रोल होना चाहिए। ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होना चाहिए।
  • हेल्दी डाइट लें। नमक कम खाएं।

क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड किडनी डे?

विश्व किडनी दिवस एक ग्लोबल कैंपेन है। इसे सेलिब्रेट करने की शुरुआत साल 2006 में हुई। इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ किडनी फाउंडेशन ने इस दिन को महत्वपूर्ण बनाने के लिए सहयोग किया। यह दोनों संस्थाएं किडनी हेल्थ के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक ग्लोबल कैंपेन के रूप में काम करती हैं।