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मेनोपॉज से हैं परेशान:प्लांट बेस्ड डाइट के साथ ऑन कीजिए लाइफ का 'प्ले बटन'

15 दिन पहलेलेखक: श्वेता कुमारी

मेनोपॉज स्टेज और प्लांट बेस्ड डाइट

मेनोपॉज स्टेज में या उसके बाद महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बालों का झड़ना, मोटापा, हॉट फ़्लैश, डायबटीज और कमजोर होती हड्डियां इस बात की ओर इशारा करती है कि अबतक जो लापरवाही हमने हमारे शरीर के साथ बरती है, वो अब नहीं चलेगी। खान-पान में गैर जिम्मेदारी और व्रत के दौरान हम अपने शरीर को जिस तरह की परेशानी में डाल देते हैं, वो आगे चलकर मेनोपॉज स्टेज में महिलाओं भारी पड़ता है। मेनोपॉज जर्नल एक में अध्ययन प्रकाशित की गई, जिसके मुताबिक मेनोपॉज के बाद होने वाली शारीरिक समस्या को हेल्दी डाइट से दूर किया जा सकता है।

नार्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसाइटी द्वारा किए गए इस अध्ययन में पता चला है कि मेनोपॉज के बाद हॉट फ्लैश (शारीरिक गर्माहट या अचानक बुख़ार जैसी स्थिति) महसूस करने वाली महिलाओं की समस्या 80% तक दूर हो सकती है, अगर वें प्लांट बेस्ड डाइट लेती हैं। इस अध्ययन में मेनोपॉज स्टेज में महिलाओं को पूरी तरह से प्लांट बेस्ड डाइट लेने को कहा गया। जिसके 12 हफ़्ते बाद 79% महिलाओं ने माना कि अपनी डाइट बदलने के बाद उनकी मध्यम से गंभीर हॉट फ़्लैश की समस्या कम हुई है, जबकि 60% महिलाओं ने प्लांट बेस्ड डाइट लेने के बाद खुद को हॉट फ़्लैश से पूरी तरह मुक्त बताया। गौरतलब है कि इन महिलाओं कि डाइट में सोयाबीन शामिल करने की हिदायत दी गई थी।

डाइट हैबिट्स पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट

जिस तरह पीरियड्स पर खुलकर घरों में बातें नहीं होती, उसी तरह मेनोपॉज को भी हमारी घरेलू चर्चा से दूर रखा गया है। घर कि महिलाओं का पीरियड साइकिल क्या है, इसकी सटीक जानकारी घर में पिता या भाई को नहीं होती। ऐसे ही मनोपॉज झेलने वाली महिलाएं किस शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझती हैं, इससे घर के सदस्य अनजान होते हैं। कोकिलाबेन धीरुभाई अम्बानी हॉस्पिटल की चीफ डाईटीशियन डॉ भक्ति सामंत कहती हैं कि मेनोपॉज स्टेज तक आते-आते महिलाएं हार्मोनल चेंज, कोलेस्ट्रोल, मोटापा और कमजोरी का शिकार हो जाती हैं।

ऐसे में अगर वे अपनी डेली रूटीन में मांसाहार छोड़कर प्लांट बेस्ड डाइट लेती हैं, तो उन्हें कई परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि प्लांट बेस्ड डाइट लेने से आप कम से कम मात्रा में फैट लेते हैं। वहीं आपके शरीर को ज्यादा फाइबर, एंटी-ओक्सिडेंट, विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन मिलता है। डॉ सामंत बताती हैं कि मेनोपॉज आप दाल, सोयाबीन, फल और पत्तेदार सब्जियों को अपनी डाइट में जरुर शामिल करें। अगर शरीर किसी नुट्रीशनल डेफिशियंसी से नहीं जूझता है, तो यकीनन आप फिट महसूस करेंगी।

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