मिट्टी के बर्तनों में सेहत का राज:बालों का झड़ना, चिढ़चिढ़ापन और याददाश्त की कमजोरी होगी दूर

एक महीने पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
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पुराने समय में मिट्टी के बर्तन में खाना बनाया जाता था। धीरे-धीरे समय बदला और किचन में एल्युमीनियम, स्टील और अब नॉन-स्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल बढ़ गया। इन बर्तनों की वजह से मेहनत तो कम हुई, लेकिन सेहत पर बुरा असर पड़ना शुरू हो गया। मिट्टी के बर्तन में बना खाना हेल्थ के लिए किस तरह बेहतर है इसके बारे में बता रही हैं आयुर्वेदिक फिजिशियन डॉ. श्रीललिता अविनाश और कलनरी एक्सपर्ट पुलकित वर्मा।

जगन्नाथ धाम में मिट्टी के बर्तनों में भोजन प्रसाद
जगन्नाथ धाम में मिट्टी के बर्तनों में भोजन प्रसाद

मिट्टी के बर्तन बाकी बर्तनों से क्यों अलग होते हैं?

इन बर्तनों में पके सेहतमंद खाने कि बात करते हुए डॉ. अविनाश बताती हैं कि इस कुकिंग में ऑयल कम लगता है। ये बर्तन कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई पौष्टिक तत्वों को खाने में बनाए रखते हैं। इसमें पकने वाले खाने की खुशबू लंबे समय तक बरकरार रहती है। साथ ही ये बर्तन जेब पर भारी न होने के अलावा इको फ्रेंडली होते हैं। हालांकि इन्हें से खरीदने से पहले इस बात का खास ध्यान रखें कि इन पर पॉलिश न की गई हो। सुंदर दिखाने के लिए इन बर्तनों पर की गई पॉलिश, हमें बीमार बना सकती है।

वहीं कलनरी एक्सपर्ट (पाक कला विशेषज्ञ) पुलकित बताते हैं, इस बर्तन की खासियत है कि इसमें पकने के बाद खाने का स्वाद बढ़ जाता है। इसमें पका खाना हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होता है। साथ ही ये बर्तन एलकेलाइन नेचर के होते हैं, जो फूड एसिडिटी को कंट्रोल करते हैं, जिससे खाना आसानी से हजम हो जाता है। बाजार में मिट्टी से बने कई तरह की हांडी, कड़ाही, कटोरदान, और तवा आसानी से मिल जाएंगे, जिनकी मदद से आप स्वाद और सेहत से भरपूर खाना बना सकते हैं।

मिट्टी के बर्तनों को लेकर ये है एक्सपर्ट एडवाइस
मिट्टी के बर्तनों को लेकर ये है एक्सपर्ट एडवाइस

मिट्टी के बर्तन में दही जमाना क्यों है बेहतर?

मिट्टी के बर्तन में जमा दही एक तो स्वाद में लाजवाब होता है, दूसरा कि ये गाढ़ा होता है। दरअसल मिट्टी के बर्तन दूध में मिला पानी सोख लेता है, जिसकी वजह से दही गाढ़ा जमता है। ये बर्तन इंसुलेटर की तरह काम करते हैं। टेम्परेचर मेंटेन रखने की वजह से दही अच्छे से जम जाता है। एलकेलाइन युक्त बर्तन होने की वजह से इसमें जमने वाला दही प्राकृतिक मिठास व स्वाद से भरपूर होता है।

किन डिशेस के लिए खासतौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं मिट्टी के बर्तन?

इन बर्तनों का ट्रेंड लौटते ही अब लोगों में इसमें बने खाने का शौक भी बढ़ता जा रहा है। दम बिरयानी, मटन मसाला, केरल फिश करी, उंधियु जैसे व्यंजन, जो धीमी आंच पर पकाए जाते हैं, इन बर्तनों में अच्छे बनते हैं। धीमी आंच में पकने की वजह से, खाने के जलने या बर्तन में चिपकने की टेंशन नहीं रहती है और खाने में नमी भी बनी रहती है।

मिट्टी के बर्तनों की ऐसे करें देखभाल

  • बर्तनों को धोने के लिए साबुत, लिक्विड या डिटर्जेंट का इस्तेमाल कभी न करें। ये सभी डिटर्जेंट बर्तनों के अंदर जम सकते हैं।
  • मसालों की महक खत्म करने के लिए बर्तन में पानी भरकर नींबू का रस और छिलका डालकर उबाल लें।
  • गर्म बर्तन पर ठंडा पानी न डालें, इससे बर्तन में दरार आ सकती है।
  • इसे हल्के गुनगुने पानी और सॉफ्ट स्क्रब से साफ करें।
  • खाना धीमी आंच पर ही बनाएं, ताकि बर्तन को नुकसान न पहुंचे।