बिना प्रेग्नेंसी के भी:महिलाओं में क्यों और कितने तरह का होता है निप्पल डिस्चार्ज, बता रही हैं एक्सपर्ट

2 महीने पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
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प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में निप्पल डिस्चार्ज की समस्या हो सकती है, लेकिन इसके अलावा 40 की उम्र के बाद या बिना प्रेग्नेंसी के भी कई महिलाओं में ये समस्या देखी जाती है। ये डिस्चार्ज कितने तरह के होते हैं, किस तरह के डिस्चार्ज नॉर्मल हैं और कब इसे खतरे की घंटी समझनी चाहिए, इन विषयों पर हमने बात की है अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कन्सल्टेंट एंड सर्जिकल ओंकोलॉजिस्ट डॉ. रमेश सरीन से।

ये एक ऐसी समस्या है, जिसके बारे में आज भी मध्यवर्गीय परिवार की महिलाएं बात करने से हिचकिचाती हैं। निप्पल डिस्चार्ज में ऐसा फ्लूइड बाहर आता है, जो कई बार गाढ़ा, पतला, किसी रंग का या बिना रंग का भी हो सकता है। इस बारे में डॉ. सरीन कहती हैं कि महिलाओं के ब्रेस्ट में 8 से 12 मिल्क डक्स होते हैं। ये छोटी-छोटी पाइप की तरह होते हैं, जो निप्प्ल्स तक ब्रेस्ट मिल्क पहुंचाने का काम करते हैं।

वे आगे बताती हैं कि महिलाओं में डिस्चार्ज तब तक कोई बड़ी समस्या नहीं है, जब तक डिस्चार्ज का रंग अलग और ब्रेस्ट के आसपास तकलीफ महसूस हो। फीमेल्स के निप्प्ल्स से डिस्चार्ज हमेशा होता है, लेकिन ये इतना मामूली होता है कि हमें नजर नहीं आता। इसे हम महसूस करना तब शुरू करते हैं, जब डिस्चार्ज ज्यादा होता है। ऐसा होने कि वजह है डक्स का वीक होना। बढ़ती उम्र के साथ मिल्क डक्स कमजोर होते हैं, जिसकी वजह से इनमें लिक्विड भरने लगता है।

महिलाओं में आम है निप्पल डिस्चार्ज
महिलाओं में आम है निप्पल डिस्चार्ज

किन कारणों से हो सकता है डिस्चार्ज?

  • हार्मोनल चेंज की वजह से ब्रेस्ट डिस्चार्ज होना
  • ज्यादा कॉन्ट्रसेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल करना
  • मिल्क डक्ट का कमजोर होना
  • ब्रेस्ट इन्फेक्शन या फोड़ा होना
  • पिट्यूटरी ग्लैंड में ट्यूमर होना
  • ब्रेस्ट कैंसर की वजह से
  • दवा के साइड अफेक्ट
  • ब्रेस्ट पर लगी चोट
  • गलत साइज की ब्रा पहनने से

इन सब कारणों के अलावा प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में भी ये परेशानी हो सकती है। दरअसल तब स्तनों में दूध बनना शुरू हो जाता है। वहीं दूध बढ़ाने की दवा या फिर बच्चे को दूध पिलाना बंद करने के दो से तीन साल बाद तक निप्पल डिस्चार्ज हो सकता है, लेकिन डॉक्टर्स इसे चिंता की बात नहीं मानते।

कितने रंग का होता है डिस्चार्ज?

येलो / ट्रांसपेरेंट - इस रंग का डिस्चार्ज अगर दोनों ब्रेस्ट से हो, तो ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। वहीं अगर इस रंग का लिक्विड डिस्चार्ज सिर्फ एक ही ब्रेस्ट से हो रहा हो, तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से मिलें। ये गंभीर हो सकता है।

मिल्की व्हाइट - अगर आप छोटे बच्चे की मां हैं और बच्चे को दूध पिलाना बंद किया है, तो ऐसे डिस्चार्ज नजर आ सकते हैं। कई महिलाओं में स्तनपान छुड़ाने के दो से तीन साल बाद तक ऐसे डिस्चार्ज देखे जाते हैं। मेनोपॉज के पहले भी ये दिक्कत महिलाओं में देखी जाती है।

ब्लड कलर - निप्पल से ब्लड जैसे रंग का डिस्चार्ज ब्रेस्ट ट्यूमर (पेपिलोमा) की वजह से हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में ऐसा डिस्चार्ज ब्रेस्ट कैंसर के संकेत भी हो सकते हैं।

ग्रीन कलर - इस रंग का डिस्चार्ज ब्रेस्ट में हुए सिस्ट, हार्मोनल इमबैलेंस या एबनॉर्मल ग्लैंड सेक्रेशन की वजह से भी हो सकता है।

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

  • जब डिस्चार्ज की दिक्कत केवल एक ब्रेस्ट में हो
  • अगर आपकी उम्र 40 के पार हो
  • अगर डिस्चार्ज में खून आ रहा है
  • अगर ब्रेस्ट के आसपास गांठ महसूस हो
  • अगर आप पुरुष हैं और डिस्चार्ज झेल रहे हैं

डॉ. सरीन के मुताबिक अगर एक ब्रेस्ट में डिस्चार्ज, ब्लडी डिस्चार्ज या ब्रेस्ट के आसपास दर्द-गांठें महसूस कर रही हैं, तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से मिलें। साथ ही ऐसी स्थिति में इस बात का बेहद ध्यान रखें कि ब्रा टाइट न पहनें। ब्रेस्ट पर जोर न पड़े। मेल पार्टनर ब्रेस्ट को प्रेस करने या सक करने से बचें।

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