सर्दियों में खाएं खट्टे फल:नींबू पानी से क्यों गायब हो जाता है विटामिन सी, इसका सही इस्तेमाल जरूरी है

5 महीने पहले
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कोरोना ने लोगों की फूड हैबिट्स बदल दी हैं। अब लोग अपने भोजन में विटामिन सी की मात्रा कम नहीं होने देते, लेकिन क्या सभी को इसका पूरा फायदा मिलता है? डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा मित्तल बता रही हैं सिट्रस फ्रूट्स यानी खट्टे फल खाने का सही तरीका, ताकि आपको उनमें मौजूद विटामिन सी का पूरा लाभ मिल सके।

सर्दियों में खट्टे फल जैसे नींबू, मोसंबी, संतरा का सेवन बहुत जरूरी है। इनसे शरीर में विटामिन सी की कमी पूरी हो जाती है, लेकिन इनके सेवन का सही तरीका मालूम होना जरूरी है। डाइटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा मित्तल के अनुसार, नींबू, मोसंबी, संतरा जैसे सिट्रस फ्रूट विटामिन सी से भरपूर होते हैं, लेकिन काटने के बाद उन्हें तुरंत खाना चाहिए। यदि आप उनका जूस बनाकर स्टोर करते हैं और उसे बाद में पीते हैं, तो आपको विटामिन सी का फायदा नहीं मिलेगा। ऐसे फ्रूट का जूस तुरंत पीना चाहिए। विटामिन सी से भरपूर आंवला अमृत फल माना जाता है, लेकिन उसका पूरा लाभ लेने के लिए उसे काटकर तुरंत खाना चाहिए। आंवले को उबालकर, उसका मुरब्बा या कैंडी खाने से विटामिन सी नहीं मिलता।

ऐसे मिलेगा नींबू का फायदा

नींबू का जूस सभी को पसंद आता है। आप भी नींबू का जूस बनाकर उसे फ्रिज में रखते होंगे, ताकि जब मन हो, इसका स्वाद ले सकें। लेकिन आप यदि नींबू का रस विटामिन सी का लाभ लेने के लिए पी रहे हैं, तो फ्रिज में रखें जूस से आपको इसका फायदा नहीं मिलेगा। नींबू का रस बनाकर उसे स्टोर करके आपको उसके अन्य गुण मिलेंगे, जैसे हाजमा अच्छा रहेगा, शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन होगा, लेकिन आपको उसमें विटामिन सी नहीं मिलेगा। नींबू के जूस का पूरा लाभ पाने के लिए उसे निकालकर तुरंत पी जाएं, इससे आपको उसमें मौजूद विटामिन सी का पूरा फायदा मिलेगा। न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा कहती हैं, कोई भी फल या सब्जी जिसमें विटामिन सी होता है, यदि उसे उबाला या पानी में घोला जाए, तो आपको उससे अन्य विटामिन्स भले ही मिल जाएं, लेकिन विटामिन सी का लाभ नहीं मिलेगा।

फ्रूट्स को ऐसे स्टोर करें

कई लोग टिफिन में फ्रूट काटकर ले जाते हैं, माएं बच्चों को भी टिफिन में फ्रूट काटकर देती हैं। वैसे तो फ्रूट को काटने के तुरंत बाद खाने से उसका ज्यादा फायदा मिलता है, लेकिन कई बार ये संभव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में फ्रूट्स में एक टीस्पून नमक या नींबू का रस मिला दें, ये प्रिजर्वेटिव का काम करते हैं, जिससे फ्रूट्स में मौजूद न्यूट्रिएंट्स का नुकसान नहीं होता। फ्रूट्स को टिफिन में ले जा रहे हैं, तो उन्हें एयर टाइट डिब्बे में ही रखें। इसे हम सेब के उदाहरण से समझ सकते हैं, काटने के बाद यदि सेब को छोड़ दिया जाए तो उसका रंग बदल जाता है, इसे ऑक्सीडेशन कहते हैं। खट्टे फलों के साथ भी ऐसा ही होता है, लेकिन वो हमें दिखाई नहीं देता। खट्टे फलों को तो हम स्टोर नहीं कर सकते, लेकिन अन्य फलों के ऊपर नमक या नींबू के रस की परत लगाकर हम उनमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स का लॉस होने से बचा सकते हैं।