मांड़ आपके मासूम को देगा मजबूती:डायरिया की समस्या होगी दूर, इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करता है पके चावल का पानी

एक वर्ष पहलेलेखक: श्वेता कुमारी
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गर्मी का मौसम आते ही घरों में चावल की खपत बढ़ने लगती है। इसे खाने से पेट ठंडा रहता है। देश के गर्म हिस्सों में गर्मी के मौसम में पानी-भात खाने का प्रचलन देखा जाता है, जिसे ओडिशा में पाखाल भी कहते हैं। चावल से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसके अलावा चावल का मांड़ भी पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है। खासकर तब, जब बात छोटे बच्चों की हो। पके चावल के पानी के फायदों से अनजान हैं, तो आयुर्वेदिक डॉ. श्रीललिथा अविनाश बता रही हैं, माड़ के फायदे।

चावल का मांड़ कैसे है फायदेमंद?

चावल का मांड़ फाइबर से भरपूर होता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर करता है और पेट में अच्छे बैक्टीरिया को एक्टिवेट करता है। यह गाढ़ा पानी स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियों को भी दूर करता है। माड़ का सेवन बच्चों और बड़ों में डायरिया, फीवर कम करने और एनर्जी बढ़ाने में मददगार होता है। यह पानी बढ़ती उम्र के लक्षण को कम करने के साथ-साथ बालों की सेहत का भी ध्यान रखता है।

बच्चों की सेहत से कैसे जुड़ा है मांड़ का पानी?

बच्चों को सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों का सेवन जरूरी है। चावल पकने के बाद इससे निकलने वाला पानी बढ़ते बच्चों का डाइजेशन अच्छा रखता है। अगर बच्चे का पेट सही रहे, तो वो खाने में नखरे कम करते हैं, जिसकी वजह से उनकी डाइट अच्छी रहती है और ग्रोथ में रुकावट नहीं आती। मांड़ बच्चों में विटामिन बी,सी और ई की कमी को भी दूर करता है।

बच्चों को क्यों देना चाहिए मांड़ का पानी?

नहीं होगी एनर्जी की कमी - मांड़ का पानी पीने वाले बच्चे सारा दिन एक्टिव रहते हैं। खेलने-दौड़ने में कमी नहीं आती है। इन सबके लिए उन्हें काफी एनर्जी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बच्चे को एनर्जी से भरपूर रखने के लिए मांड़ का पानी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। पके चावल के पानी में कार्बोहाइड्रेट और अमीनो एसिड पाया जाता है।

डायरिया से बचेगा बच्चा - बच्चों में डायरिया की समस्या आम है। अगर बच्चे में इसके शुरुआत लक्षण नजर आए, तो उसे मांड़ का पानी दिया जा सकता है। इसके अलावा कब्ज में भी मांड़ का पानी असरदार होता है। यही बात बड़ों पर की सेहत के लिए भी लागू होती है।

डिहाइड्रेशन से बचेंगे बच्चे - बड़ों को प्यास लगे, तो वे पानी पी लेते हैं, लेकिन एक डेढ़ साल के बच्चे न खुद पानी लेकर पी सकते हैं, न प्यास के बारे में ठीक तरह से बता सकते हैं। ऐसे में बच्चे के शरीर में पानी की कमी न हो, इसलिए चावल का पानी पिलाया जा सकता है।

मांड़ का अधिक सेवन हो सकता है नुकसानदेह

चावल पकने के बाद इससे निकले पानी के बारे में जानकर सही मात्रा में इसका सेवन करना और बच्चे को पिलाना फायदेमंद है। मांड़ का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाने लगा, तो उसके नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं।

किसे नहीं करना चाहिए मांड़ का सेवन?

बढ़ सकता है मोटापा - जो लोग मोटापे से परेशान हैं या वेट लॉस के लिए मेहनत कर रहे हैं, उन्हें मांड़ का सेवन करने से बचना चाहिए। इसमें स्टार्च होता है, जो वजन बढ़ाने की वजह बन सकता है।

हो सकती है एलर्जी की समस्या - कई लोगों को मांड़ का पानी सूट नहीं करता है। कई बार इसका सेवन सर्दी-जुकाम की वजह भी बनता है। अगर ऐसी कोई भी दिक्कत महसूस हो, तो मांड़ न पीएं।

डायबिटीज के मरीज न करें इसका सेवन - चावल खाने से डायबिटीज के मरीजों को बचने को कहा जाता है। ऐसे में अगर वे मांड़ का सेवन करेंगे, तो इससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बना रहेगा।

सुबह या शाम कब पीना चाहिए मांड़?

पके चावल का पानी यानी मांड़, सुबह के समय पीना सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है। यह मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए या नहीं। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन शुरू करें।

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